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जांच के लिए प्रमाण पत्र देने में आनाकानी
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Tue, 07 Nov 2017 11:53 PM IST
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शासन के आदेश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय जांच में फंसने से बचने के लिए शिक्षक विभाग के लोगों से सेटिंग बनाने में भी जुटे हुए हैं। हालात यह हैं कि जिले के वीआईपी ब्लॉक मुरसान, हाथरस व सिकंदराराऊ के शिक्षकों द्वारा तो अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों की छाया प्रति ही उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिससे इन शिक्षकों पर विभाग का शक और अधिक गहराता जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि जांच में शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सीडी में दिए गए ब्योरे से भी अधिक शिक्षक अमान्य बीएड डिग्री वाले विभाग में हो सकते हैं।
शासन द्वारा डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के शिक्षा सत्र 2004-05 के बाद के अमान्य एवं कूटरचित बीएड पास कर विभाग में विशिष्ट बीटीसी के माध्यम से शिक्षक बने शिक्षकों पर अब शासन की गाज गिरनी तय मानी जा रही है। शासन ने प्रदेश भर के इस प्रकार के शिक्षकों की सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सूची सीडी में उपलब्ध करा दी है। इसके बाद बीएसए रेखा सुमन ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विभाग में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की छाया प्रति उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे, लेकिन बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा लिखित में आदेश जारी करने के बावजूद शिक्षक अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों की छाया प्रति उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
शिक्षकों का मानना है कि विभाग की मौजूदा जांच प्रक्रिया में देरी से शायद वह बच सकते हैं। कुछ के द्वारा विभाग में सेटिंग भी की जा रही है, जिससे उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों को उपलब्ध कराए बिना ही विभाग से सभी के प्रमाण पत्रों की जांच पूर्ण होने की सूचना शासन को भेज दी जाए। इसके अलावा भी शिक्षक कई अन्य हथकंडों को भी अपना रहे हैं, लेकिन एक बात तय है कि विभाग में शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बावजूद बड़ी संख्या में कूट रचित एवं फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र वाले शिक्षक कार्यरत है, जो किसी भी हालात में इस जांच से बचने के प्रयास में लगे हुए हैं।
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शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जो शिक्षक शैक्षिक प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ विभाग को लिखित रूप में सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे विधिवत रूप से कार्रवाई की जा सके।
-रेखा सुमन, बीएसए हाथरस
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शासन द्वारा डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के शिक्षा सत्र 2004-05 के बाद के अमान्य एवं कूटरचित बीएड पास कर विभाग में विशिष्ट बीटीसी के माध्यम से शिक्षक बने शिक्षकों पर अब शासन की गाज गिरनी तय मानी जा रही है। शासन ने प्रदेश भर के इस प्रकार के शिक्षकों की सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को सूची सीडी में उपलब्ध करा दी है। इसके बाद बीएसए रेखा सुमन ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विभाग में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की छाया प्रति उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे, लेकिन बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा लिखित में आदेश जारी करने के बावजूद शिक्षक अपने शैक्षिक प्रमाण पत्रों की छाया प्रति उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
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शिक्षकों का मानना है कि विभाग की मौजूदा जांच प्रक्रिया में देरी से शायद वह बच सकते हैं। कुछ के द्वारा विभाग में सेटिंग भी की जा रही है, जिससे उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों को उपलब्ध कराए बिना ही विभाग से सभी के प्रमाण पत्रों की जांच पूर्ण होने की सूचना शासन को भेज दी जाए। इसके अलावा भी शिक्षक कई अन्य हथकंडों को भी अपना रहे हैं, लेकिन एक बात तय है कि विभाग में शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बावजूद बड़ी संख्या में कूट रचित एवं फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र वाले शिक्षक कार्यरत है, जो किसी भी हालात में इस जांच से बचने के प्रयास में लगे हुए हैं।
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शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जो शिक्षक शैक्षिक प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ विभाग को लिखित रूप में सूचना उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे विधिवत रूप से कार्रवाई की जा सके।
-रेखा सुमन, बीएसए हाथरस