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Hathras News: निर्माण सामग्री की आड़ में बन रही थी अवैध खाद, फैक्टरी पकड़ी

Sat, 21 Feb 2026 02:51 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sat, 21 Feb 2026 02:51 AM IST
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Illegal fertilizer being manufactured under the guise of construction material, factory caught
फैक्टरी में संचालक से पूछताछ करते जिलाधिकारी अतुल वत्स। संवाद - फोटो : Samvad
सासनी में भवन निर्माण सामग्री के गोदाम की आड़ में सब्सिडी वाली किसानों की खाद से औद्योगिक प्रयोग में आने वाली खाद बनाई जा रही थी। शिकायत पर डीएम के निर्देश पर ओसी कलेक्ट्रेट व कृषि विभाग की टीम ने शुक्रवार की दोपहर को फैक्टरी पर छापा मारा। यहां से 50 क्विंटल से अधिक सरकारी यूरिया, डीएपी व पोटाश बरामद किया गया है।
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डीएम अतुल वत्स को सूचना मिली कि सासनी में हाथरस रोड पर तहसील से कुछ दूरी पर बिल्डिंग मेटेरियल का गोदाम है, जहां औद्योगिक खाद की फैक्टरी संचालित है। यहां सहकारी समितियों पर मिलने वाली सरकारी खाद का एक ट्रक उतरा है। सूचना पर डीएम ने तत्काल प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट धर्मेंद्र और जिला कृषि अधिकारी निखिल देव तिवारी टीम को मौके पर भेजा। टीम जब मौके पर पहुंची तो एक गेट पर चौधरी बिल्डिंग मेटेरियल और दूसरे गेट पर छोटा सा बोर्ड भार्गव ब्रदर्स के नाम का लगा हुआ था।
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यहां टीम को सासनी निवासी अनुज भार्गव मिले। अंदर खुली जगह पर प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना के यूरिया के कट्टे मिले। साथ ही फैक्टरी में तैयार टेक्नीकल ग्रेड यूरिया के नाम से खाद के भरे हुए कट्टे पड़े हुए थे। प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट धर्मेंद्र ने बताया कि पहले अनुज भार्गव सफाई दे रहे थे कि वे औद्योगिक यूरिया की खरीद-फरोख्त करते हैं, लेकिन वह गोदाम का ताला खोलने पर राजी नहीं हुए। परिसर में एक अन्य गोदाम में इलेक्ट्रॉनिक आइटम व डायपर का स्टॉक भी मिला।
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एसडीएम सासनी नीरज शर्मा ने मौके पर पहुंचकर गोदाम के ताले तुड़वा दिए। अंदर देखा तो सरकारी यूरिया के करीब 100 कट्टे रखे हुए थे। इन्हें खोलकर केमिकल आदि मिलाकर औद्योगिक यूरिया बनाया जा रहा था। सरकारी खाद के बारे में फैक्टरी में मौजूद लोग कोई सफाई नहीं दे सके।



बाद में डीएम अतुल वत्स भी फैक्टरी पहुंच गए तथा वहां मौजूद उद्यमी से पूछताछ की। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया कि सोसाइटी से ही चोरी-छिपे कट्टे सीधे फैक्टरी पहुंचाए जा रहे थे। किसान के उपयोग में आने वाली खाद से औद्योगिक खाद तैयार कर उसे तीन गुने दामों पर बेचा जा रहा था।






प्रकरण गंभीर है। गोपनीय सूचना पर ओसी कलेक्ट्रेट के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। जांच में टीम को सब्सिडी वाले सरकारी खाद के कट्टे फैक्टरी में मिले हैं। विस्तार से जांच के निर्देश दिए हैं। इसके बाद आगे एफआईआर व अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

-अतुल वत्स, डीएम
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