फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   I will not immerse my sister's ashes until justice is done.

जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, बहन की अस्थियां विसर्जित नहीं करूंगा

Wed, 14 Sep 2022 01:12 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Sep 2022 01:12 AM IST
सार

संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।चंदपा दुष्कर्म कांड के दो साल पूरे हो गए।बिटिया के भाई का कहना है कि दो साल से उसका परिवार काफी परेशान है।उसका कहना है कि उसकी बहन ने आखिर किसी का क्या बिगाड़ा था, जोकि उसकी बहन के साथ इतनी बड़ी वारदात कर दी।

विज्ञापन
I will not immerse my sister's ashes until justice is done.

विस्तार

संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
विज्ञापन

चंदपा दुष्कर्म कांड के दो साल पूरे हो गए। दो साल में बिटिया के गांव का माहौल बदल गया है लेकिन बिटिया का जिक्र आते ही उसके परिवार के लोग गमगीन हो जाते हैं। बिटिया के भाई ने फिर दोहराया है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह अपनी बहन की अस्थियों का विसर्जन नहीं करेगा।
बिटिया के भाई का कहना है कि दो साल से उसका परिवार काफी परेशान है। सीआरपीएफ की कड़ी सुरक्षा में रह रहे हैं। रोजगार छिन चुका है। अपनी चार बीघा जमीन में बाजरे की खेती की थी लेकिन यह फसल भी अब चौपट होती जा रही है। इससे पहले इसे बाकी पर दिया था। फसल को जंगली जानवर बर्बाद कर रहे हैं।
विज्ञापन

पिछले एक माह से बारिश नहीं हुई तो सिंचाई भी नहीं हो पा रही। उसका कहना है कि उसने कुछ लोगों ने नलकूप से सिंचाई के लिए पानी मांगा लेकिन सबने बहानेबाजी कर दी और सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया। शायद ये लोग अभी भी हमारे परिवार से द्वेष भावना रखते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उसका कहना है कि उसकी बहन ने आखिर किसी का क्या बिगाड़ा था, जोकि उसकी बहन के साथ इतनी बड़ी वारदात कर दी। पुलिस ने इतनी ज्यादती की कि किसी को अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं होने दिया। मध्य रात्रि में ही अंतिम संस्कार कर दिया। उसका कहना है कि सरकार अपना वादा निभाए।
परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी और आवास दे। इसे लेकर कोर्ट ने भी आदेश दे दिया है। उसने बताया कि यह आदेश तीन माह में पूरा करने की बात कही है। ऐसे में अभी तीन माह नहीं हुए हैं। उसने बताया कि उसके परिवार में इस समय नौ सदस्य हैं।

जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रहे हैं। किसी के पास रोजगार नहीं है। घटना को दो साल हो गए हैं लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है। उसे इंसाफ चाहिए। कोर्ट ऐसा फैसला दे, जिससे ऐसी कोई घटना किसी बहन-बेटी की साथ न हो, जैसी उसकी बहन के साथ हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed