पति ने पत्नी का किया मर्डर: करन के उकसाने पर नगला कली पहुंचा था आदित्य, कर दी थी गौरी की चाकू से गोदकर हत्या
गांव नगला कली में तीन जुलाई की दोपहर को गौरी की चाकू से गोदकर उसके पति ने हत्या कर दी थी। इस दौरान उसने प्रेमी करन पर भी हमला किया था। हमले में पति आदित्य के दोस्त अमन की भी मौत हो गई थी।
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हाथरस में सहपऊ क्षेत्र के गांव नगला कली में तीन जुलाई की दोपहर करीब तीन बजे हुई महिला गौरी की हत्या में पुलिस ने आरोपी पति व उसके दोस्त को 10 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घर से गौरी को ले जाने के बाद कॉल करके करन ने उसको उकसाया था। उसने कहा था कि तुझमें गौरी का रखने का दम नहीं है। इसके बाद उसने गांव नगला कली में पहुंचकर गौरी को समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। इस कारण उसने गुस्से में गौरी पर चाकू से वार कर दिया।
उल्लेखनीय है कि गांव नगला कली में तीन जुलाई की दोपहर को गौरी की चाकू से गोदकर उसके पति ने हत्या कर दी थी। इस दौरान उसने प्रेमी करन पर भी हमला किया था। हमले में पति आदित्य के दोस्त अमन की भी मौत हो गई थी। इस मामले की रिपोर्ट गौरी के पिता राजू निवासी न्यू राजेंद्र कॉलोनी थाना बन्ना देवी जनपद अलीगढ़ ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में जीतू उर्फ आदित्य और अमन निवासीगण ग्राम नसरतपुर थाना कोतवाली कासगंज जनपद कासगंज, रिंकू पुत्र सुम्मेर निवासी नगला भवानी जनपद कासगंज और एक अज्ञात व्यक्ति को नामजद किया गया था। थाना पुलिस ने इस मामले में हत्यारोपी जीतू उर्फ आदित्य निवासी ग्राम नसरतपुर थाना कोतवाली कासगंज जनपद कासगंज एवं आशीष निवासी तमना गढ़ी थाना हाथरस गेट को नहर पुल बाईपास दयानतपुर से गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त छुरा बरामद किया गया।
आरोपी आदित्य ने पुलिस को बताया कि 26 जून को करन उसके घर से गौरी को ले गया था। यह बात उसे गांव की ही एक युवती ने बताई थी। इसके बाद वह करन के गांव हसनपुर बारु अपनी मां के साथ गया था। उसने करन के परिवार वालों से पूछा था कि करन कहां है, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। उसने जानकारी मिली कि करन अपने मौसा रंजीत के यहां नगला कली में है और उसकी पत्नी गौरी उसके साथ है। 27 जून को उसने सादाबाद थाने में आकर पत्नी की गुमशुदगी का प्रार्थना पत्र दिया था। इससे पहले 26 जून को कासगंज थाने में भी प्रार्थना पत्र दिया था। आदित्य ने बताया कि 27 जून को सादाबाद थाने में उसकी पत्नी गौरी आई थी, जिससे उसने अपने साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन वह करन के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही, जिसके बाद वह वापस अपने घर चला गया।
आदित्य ने बताया कि करन ने उसे फिर कॉल करके उकसाया ओर कहा कि कि तुझमें दम नहीं हैं, यह मेरे साथ ही रहेगी। इसके बाद वह अपने दोस्तों के साथ उसे वापस लेने नगला कली पहुंचा था। यहां बातचीत के दौरान कहासुनी हुई तो उसने चाकू से वार कर दिया था, जिससे गोरी की मौत हो गई।