आशा कार्यकत्रियों का धरना भी स्थगित
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श्री गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय को 3,630 रुपये से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा है कि ग्राम रोजगार सेवकों की अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। शासनने यह भी कहा है कि समय-समय पर मुख्यमंत्री से आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिकाओं, आशा बहुओं और ग्राम रोजगार सेवकों के प्रतिनिधिमंडल भी अपनी मांगों को लेकर मिले हैं।
सीएम ने इन संविदा कर्मियों की मांगों पर विचार करने के लिए आयोग का गठन करने का निर्देश दिया है। यह आयोग इन संविदा कर्मियों की मांगों के सभी पहलुओं का परीक्षण कर डेढ़ माह में अपनी संस्तुतियां पेश करेगा।
महासंघ जिलाध्यक्ष ने बताया कि यदि निर्धारित समयावधि में इन संविदा कर्मियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो महासंघ इनके हित में व्यापक निर्णय लेने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने संघर्ष में एकजुटता बनाए रखने के लिए आशा बहुओं की सराहना की।
वहीं ग्रामीण पंचायतीराज सफाई कर्मचारी संघ की केंद्रीय विद्यालय परिसर में बैठक हुई। मुख्य वक्ता प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक गौतम ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर पूर्व में धरना दिया गया था।
संघ की 11 में से पांच मांगों पर सहमति बन गई है।जिन मांगों पर सहमति बनी है, उनमें न्याय पंचायत स्तर पर सुपरवाइजर पद पर कर्मचारियों की प्रोन्नति कर नियुक्ति करने, सफाई कर्मचारियों का वेतन एक मद से ही आहरित करने, बीस प्रतिशत ग्राम पंचायत अधिकारी के पदों पर प्रोन्नति का आदेश जारी करने, महिला कर्मचारियों की नियुक्ति उनके घर से पांच किमी की परिधि में करने और कर्मचारी की मृत्यु पर उसके परिजन को ईपीएफ की धनराशि का भुगतान करने की मांग शामिल हैं।
बैठक में जिलाध्यक्ष वारिस अंसारी, रक्षपाल सिंह, बॉबी हसन, बद्री लाल चौहान, इरफान खां, हरेंद्र कुमार, तन्नू अब्बासी, यूसुफ अब्बासी, प्रदीप पहलवान, विजय सिंह, चंद्रपाल सिंह आदि मौजूद थे।