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आंखों में आंसू-खाली हाथ: 40 साल की सेवा के बाद दुखी मन से लौटा होमगार्ड, नहीं किया सम्मान के साथ सेवामुक्त
Thu, 01 Feb 2024 09:59 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 01 Feb 2024 09:59 PM IST
सार
हाथरस में चंदपा क्षेत्र के गांव कुम्हरई निवासी एक होम गार्ड 40 साल नौकरी करने के बाद अंतिम दिन 31 जनवरी को भी होमगार्ड द्वारा अपनी दैनिक ड्यूटी की। 1 फरवरी को सेवानिवृत होने पर होमगार्ड को विदाई में मिले आंसू और रह गया वह खाली हाथ। अब उसके परिवार का गुजर-बसर कैसे होगा, यह सोचकर उसकी आंखें नम हो गईं।
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सेवानिवृत्त होमगार्ड अलीहसन
- फोटो : स्वयं
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विस्तार
सेवानिवृत्ति के दिन किसी भी कर्मचारी को विभाग से यह दरकार रहती है कि सेवा के अंतिम दिन सम्मान से उसको विदाई दी जाएगी। एक होमगार्ड की 1 फरवरी को सेवानिवृत्ति हुई, पर उसकी आंखों में आंसू थे और वह 40 साल की सेवा के बाद खाली हाथ है। उसका आरोप है कि न तो उसकी सम्मान से सेवामुक्ति की गई और न ही सेवानिवृत होने के बाद उसे अपने गुजर-बसर के लिए कुछ मिला।
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हाथरस में चंदपा क्षेत्र के गांव कुम्हरई निवासी एक होम गार्ड की विभाग में नौकरी करने के बाद एक फरवरी को सेवानिवृत्ति हो गई। जहां 31 जनवरी को भी होमगार्ड द्वारा अपनी दैनिक ड्यूटी की गई, लेकिन विभाग में 40 साल की सेवा देने के बाद भी किसी प्रकार से उनकी विभाग द्वारा सम्मान से सेवामुक्त नहीं किया गया।
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40 साल की नौकरी के बाद दुखी मन से घर वापिस होने वाले होमगार्ड का आरोप है कि विभाग में जहां अन्य राज्यों में सेवानिवृत्ति के बाद होम गार्ड्स को अन्य सेवानिवृत्ति सुविधाएं दी जाती हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में सेवा कर रहे होम गार्ड इन सभी से वंचित हैं। सेवामुक्त होने के बाद होमगार्ड, उसकी पत्नी और बच्चों को लेकर एक यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि अब इन सब का गुजर-बसर कैसे होगा।