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बाजारों पर चढ़ी होली की रंगत
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:03 AM IST
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मिठाई की दुकान पर खूब बिक रही गुजिया।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। बृज की द्वार देहरी पर अब होली की रंगत दिखाई दे रही है। रंग फैक्ट्रियों से दूर-दराज के राज्यों में रंग-गुलाल भेजा जा चुका है। अब आसपास के दुकानदार खरीदारी कर रहे हैं। इंटरनेट के जरिए कॉल सेंटरों से भी अपने ग्राहकों को रंग-गुलाल के गिफ्ट पैकों की सप्लाई की जा रही है। इधर, बाजारों में रंग, गुलाल, अबीर और तरह-तरह की पिचकारी, पापड़, चिप्स, चाईनीज नमकीन, मिठाई में गुजिया और मीठी व नमकीन मठरी की बिक्री भी शुरू हो गई है। मंगलवार से थोक और फुटकर में खरीदारी के लिए ग्राहकों भी बाजार में आने शुरू हो गए हैं। हालांकि अभी खरीदारी को लेकर लोगों में वैसा उत्साह नहीं है, जो होना चाहिए। एक-दो दिन में बाजार अपनी पूरी रौ में आ जाएगा। दुकानदारों को भी इसका बेसब्री से इंतजार है। ग्राहकों को रिझाने के लिए दुकानदारों ने भी विशेष ऑफर रखे हैं। अगले चार दिन बाद रंगभरनी एकादशी से हाथरस में होली का रंग बरसने लग जाएगा।
200 रुपये किलो बिक रहे चिप्स, पापड़
बाजार में इस बार तरह-तरह के पापड़ और चिप्स भी आए हैं। दुकानदारों ने चटाई पापड़, चटाई चिप्स, साबुदाने की तरह-तरह की नमकीन बाजार में बिक रही है। पिछली साल से चिप्स और पापड़ काफी महंगे हैं। पिछले साल चिप्स और पापड़ 120 रुपये प्रति किलो थे, लेकिन इस बार 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं, जिससे ग्राहक भी इनकी खरीदारी में हाथ खींच रहे हैं।
गुजिया-मठरी की बढ़ी बिक्री
होली की तैयारी में मिष्ठान विक्रेता भी जुट गए हैं। होली पर मिठाई में सबसे ज्यादा गुजिया और मीठी मठरी की बिक्री होती है। दुकानदार ने होली पर्व को भुनाने के लिए तैयारी कर ली है। होली पर्व जैसे-जैसे नजदीक आएगा वैसे-वैसे मिष्ठान की बिक्री जोर पकडे़गी।
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बिखरने लगे होली के रंग
होली पर्व का खुमार ग्रामीण क्षेत्रों में तो शुरू भी हो गया है। गांवों के अंदर घर और परिवार में आने वाले रिश्तेदारों को रंगों से सराबोर किए बिना नहीं जाने दिया जा रहा है। यही नहीं शहर में हो रहे धार्मिक आयोजनों और शोभायात्रा में भी होली का रंग बिखरने लगा है।
गोविंद भगवान रथ की तैयारी भी शुरू
रंग भरनी एकादशी भी नजदीक आ रही है। रंगभरनी एकादशी के मौके पर 19 मार्च को घंटाघर स्थित श्री गोविंद भगवान मंदिर से शहर के विभिन्न बाजारों में होकर गोविंद भगवान का छोटा रथ निकाला जाता है। होली के मन भावन भक्ति गीतों के बीच शहर को गुलाल और अबीर से सरोवर कर दिया जाता है। ढोला को लेकर भी बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू हो गई हैं।
बाजार के बोल--
- त्योहार का समय नजदीक आते ही ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। बेहतर रंग, गुलाल बेचा जा रहा है। ग्राहकों की डिमांड के अनुसार ही माल मंगाया गया है। अब होली तक लगातार दुकानदारी बढ़ेगी।
- रामप्रकाश वार्ष्णेय, रंग विक्रेता।
- होली पर अधिकांश घरों में महिलाएं लजीज व्यंजन बनाती हैं। त्योहार को लेकर दुकानदारी में इजाफा हुआ है। होली तक अच्छी दुकानदारी रहने की संभावना है।
- अनूप गुप्ता, परचून दुकानदार
- बिना मिष्ठान के त्योहार अधूरा माना जाता है। होली पर सबसे ज्यादा गुजिया और मीठी मठरी की दुकानदारी हो रही है। कारीगर लगातार काम कर रहे हैं।
- मनोज शर्मा, मिष्ठान विक्रेता।
- गांवों में तो होली की खुमारी शुरू हो गई है। गांव के जिस घर-परिवार में रिश्तेदार आ रहे हैं वह बिना होली खेले नहीं भेजे जा रहे। होली के लिए रंग, गुलाल व अन्य जरूरी सामान खरीदा है।
- चित्रपाल सिंह, ग्राहक।
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200 रुपये किलो बिक रहे चिप्स, पापड़
बाजार में इस बार तरह-तरह के पापड़ और चिप्स भी आए हैं। दुकानदारों ने चटाई पापड़, चटाई चिप्स, साबुदाने की तरह-तरह की नमकीन बाजार में बिक रही है। पिछली साल से चिप्स और पापड़ काफी महंगे हैं। पिछले साल चिप्स और पापड़ 120 रुपये प्रति किलो थे, लेकिन इस बार 200 रुपये प्रति किलो तक बिक रहे हैं, जिससे ग्राहक भी इनकी खरीदारी में हाथ खींच रहे हैं।
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गुजिया-मठरी की बढ़ी बिक्री
होली की तैयारी में मिष्ठान विक्रेता भी जुट गए हैं। होली पर मिठाई में सबसे ज्यादा गुजिया और मीठी मठरी की बिक्री होती है। दुकानदार ने होली पर्व को भुनाने के लिए तैयारी कर ली है। होली पर्व जैसे-जैसे नजदीक आएगा वैसे-वैसे मिष्ठान की बिक्री जोर पकडे़गी।
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बिखरने लगे होली के रंग
होली पर्व का खुमार ग्रामीण क्षेत्रों में तो शुरू भी हो गया है। गांवों के अंदर घर और परिवार में आने वाले रिश्तेदारों को रंगों से सराबोर किए बिना नहीं जाने दिया जा रहा है। यही नहीं शहर में हो रहे धार्मिक आयोजनों और शोभायात्रा में भी होली का रंग बिखरने लगा है।
गोविंद भगवान रथ की तैयारी भी शुरू
रंग भरनी एकादशी भी नजदीक आ रही है। रंगभरनी एकादशी के मौके पर 19 मार्च को घंटाघर स्थित श्री गोविंद भगवान मंदिर से शहर के विभिन्न बाजारों में होकर गोविंद भगवान का छोटा रथ निकाला जाता है। होली के मन भावन भक्ति गीतों के बीच शहर को गुलाल और अबीर से सरोवर कर दिया जाता है। ढोला को लेकर भी बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू हो गई हैं।
बाजार के बोल--
- त्योहार का समय नजदीक आते ही ग्राहकों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। बेहतर रंग, गुलाल बेचा जा रहा है। ग्राहकों की डिमांड के अनुसार ही माल मंगाया गया है। अब होली तक लगातार दुकानदारी बढ़ेगी।
- रामप्रकाश वार्ष्णेय, रंग विक्रेता।
- होली पर अधिकांश घरों में महिलाएं लजीज व्यंजन बनाती हैं। त्योहार को लेकर दुकानदारी में इजाफा हुआ है। होली तक अच्छी दुकानदारी रहने की संभावना है।
- अनूप गुप्ता, परचून दुकानदार
- बिना मिष्ठान के त्योहार अधूरा माना जाता है। होली पर सबसे ज्यादा गुजिया और मीठी मठरी की दुकानदारी हो रही है। कारीगर लगातार काम कर रहे हैं।
- मनोज शर्मा, मिष्ठान विक्रेता।
- गांवों में तो होली की खुमारी शुरू हो गई है। गांव के जिस घर-परिवार में रिश्तेदार आ रहे हैं वह बिना होली खेले नहीं भेजे जा रहे। होली के लिए रंग, गुलाल व अन्य जरूरी सामान खरीदा है।
- चित्रपाल सिंह, ग्राहक।