फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Health services scorched by the heat of the agitation; patients bearing the brunt.

Hathras News: आंदोलन की आंच में झुलसीं स्वास्थ्य सेवाएं, चपेट में आ रहे मरीज

Tue, 06 Oct 2026 02:06 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Tue, 06 Oct 2026 02:06 AM IST
विज्ञापन
Health services scorched by the heat of the agitation; patients bearing the brunt.
आयुष्मान आरोग्य मंदिर रुदायन पर लटका ताला। संवाद - फोटो : Samvad
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के आंदोलन की आंच से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं झुलस रही हैं। जिले में क्रियाशील 162 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में से 144 पर सीएचओ तैनात हैं। हड़ताल के कारण इन सभी पर सात दिनों से ताले लटके हुए हैं। इस कारण दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में प्रतिदिन 2500 से 3000 मरीज बिना प्राथमिक उपचार लौटने पर मजबूर हैं।
विज्ञापन

सोमवार को भी जिलेभर के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके मिले, जिससे ग्रामीणों को सामान्य बीमारियों के इलाज व दवाओं के लिए भी जिला अस्पताल या सीएचसी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन



आयुष्मान आरोग्य केंद्रों का हाल


मेंडू : आयुष्मान आरोग्य केंद्रों की ओपीडी समय सुबह 9:00 से दोपहर 2:00 बजे तक है। इस दौरान सासनी ब्लॉक के सलेमपुर आरोग्य मंदिर पर ताला लटका रहा। दौलतपुर निवासी रछपाल ने बताया कि वह शनिवार को भी दवा लेने आए थे और आज भी केंद्र बंद मिला। सलेमपुर निवासी सतीश कुमार ने कहा कि केंद्र बंद होने से ग्रामीणों को इलाज के लिए हाथरस जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चंदपा (मुरसान ब्लॉक) : मीतई, अर्जुनपुर, रोहई व चंदपा सहित सभी केंद्रों पर ताला पड़ा मिला। स्थानीय निवासी प्रियंका पांडेय और रोहई के मुकेश पचौरी ने बताया कि 28 सितंबर से केंद्र पूरी तरह बंद हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र खुलने पर भी केवल सामान्य दवाएं ही मिलती थीं, अब तो ताला लटकने से प्राथमिक परामर्श के विकल्प भी उपलब्ध नहीं है।
सहपऊ : ग्राम पंचायत खेरिया के भुकलारा स्थित केंद्र पर सुबह 9:30 से 10 बजे के बीच पहुंचे चार मरीज गेट पर ताला देख लौट गए। केंद्रों पर कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, जिससे पता चल सके कि स्वास्थ्य सेवाएं कब बहाल होंगी।

सासनी : ब्लॉक के सभी 24 आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ के हड़ताल पर रहने से सन्नाटा पसरा है। रुदायन स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे मरीजों को मजबूरन सासनी सीएचसी की दौड़ लगानी पड़ी।



---



ये हैं सीएचओ की मांगें


-स्थायी कैडर व नीति : सीएचओ के लिए अलग कैडर का गठन कर स्थायी सेवा की स्पष्ट नीति लागू की जाए।
-मानदेय भुगतान : विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत तय मानदेय का समय पर भुगतान हो।
-इंसेंटिव का विलय : परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव (पीबीआई) को हर महीने मिलने वाले मूल मानदेय में ही शामिल किया जाए।
-भर्तियों में वरीयता : विभाग द्वारा निकाली जाने वाली नियमित सीधी भर्तियों में अनुभव के आधार पर सीएचओ को अतिरिक्त अंक (वेटेज) दिए जाएं।



सीएचओ की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। शासन स्तर से ही कोई विकल्प निकलेगा। ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए पीएचसी व सीएचसी पर तैनात स्टाफ को अलर्ट किया गया है। यहां होने वाली ओपीडी पर नजर रखी जा रही है, जिससे मरीजों को उनके क्षेत्र में ही परामर्श मिल जाए।
-डाॅ. वेदप्रकाश अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed