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Hathras News: रात को न हो कुछ, क्योंकि रात्रि में जिले में सो जाती हैं स्वास्थ्य सेवाएं

Fri, 02 May 2025 05:19 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 02 May 2025 05:19 PM IST
सार

हाथरस में करीब सौ निजी अस्पताल संचालित हैं। दिन में तो इनमें मरीजों का उपचार चलता है, लेकिन रात में कोई भी निजी अस्पताल नहीं खुलता है। 

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Health services in Hathras at night
एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुरक्षा कारणों के चलते हाथरस जिले में रात को निजी अस्पतालों में मरीज भर्ती नहीं किए जाते हैं। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, उन्हें नजदीक के जिले में उपचार के लिए जाना पड़ता है।

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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब सौ निजी अस्पताल संचालित हैं। दिन में तो इनमें मरीजों का उपचार चलता है, लेकिन रात में कोई भी निजी अस्पताल नहीं खुलता है। आईएमए का कहना है कि रात में निजी अस्पतालों में सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। पूर्व देखा गया है कि निजी अस्पतालों में तीमारदारों ने चिकित्सकों के साथ अभद्रता की है। तीमारदार मरीजों का उपचार करा लेते हैं और बिना बिल दिए ही मरीज को लेकर चले जाते हैं। इसलिए निजी अस्पताल रात को नहीं खुलते हैं। 
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दिन में भर्ती हुए मरीजों का ही रात में उपचार चलता है। ऐसे में मरीजों के उपचार के लिए महज जिला अस्पताल की इमरजेंसी ही उपलब्ध है, लेकिन गंभीर हालत में यहां से भी आगरा या अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया जाता है।

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केस-1

रात में बिगड़ी तबियत, ले जाना पड़ा नोएडा
शहर से सटे गांव अहवरनपुर निवासी महावीर प्रसाद की तबियत करीब एक माह पूर्व रात में अचानक बिगड़ गई थी। परिजन उन्हें उपचार के लिए शहर लेकर आए। यहां कोई निजी अस्पताल खुला नहीं था। इस वजह से उन्हें उपचार के लिए अलीगढ़ ले जाना पड़ा।

केस-2
रात को तबियत बिड़ने पर ले जाना पड़ा आगरा

सादबाद गेट निवासी विपिन सारस्वत की तबीयत छह माह पूर्व रात में खराब हो गई थी। शहर ले जाने पर देखा कि कोई भी निजी अस्पताल खुला नहीं था। हालत अधिक बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए आगरा ले जाना पड़ा।

रात को शहर में कोई भी निजी अस्पताल खुला नहीं मिलता है। इससे मरीज दिखाने में काफी परेशानी होती है। बीमारों को उपचार केे लिए आगरा-अलीगढ़ ले जाना पड़ता है। - प्रेमप्रकाश शर्मा, व्यापारी।
रात को निजी अस्पताल खुलने चाहिए। अलीगढ़ व आगरा शहर से करीब 45 किलोमीटर दूरी पर हैं। ऐसे में मरीज को तत्काल उपचार न मिलना उसके लिए खतरे से कम नहीं है। यह एक गंभीर समस्या है। - विपिन वार्ष्णेय, व्यापारी।
सुरक्षा कारणों से रात को निजी अस्पतातल नहीं खुलते हैं। पूर्व में अस्पतालों में तीमारदारों द्वारा चिकित्सकों से अभद्रता की चुकी है। इसलिए चिकित्सकों ने फैसला किया है कि वह रात को अस्पताल नहीं खोलेंगे। - डॉ. विनोद सक्सेना, सचिव आईएमए, हाथरस।

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