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हाथरस : बिजली कटौती से बिगड़ रहे काम, सिंचाई भी नहीं कर पा रहे किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिले भर में बिजली संकट थमने का नाम नही ले रहा है। कभी फॉल्ट तो कभी मरम्मत के नाम पर शहर से देहात तक रोजाना चार से पांच घंटे तक बिजली गुल हो रही है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण लोगों के काम बिगड़ रहे हैं। भीषण गर्मी में लोगों को मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। बिजली न मिलने के कारण किसान सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं। रोजमर्रा का काम भी प्रभावित हो रहा है।
जून महीने में रोजाना तापमान में वृद्धि हो रही है। दिन में लू और रात में उमस की वजह से लोगों का जीना मुहाल है। इधर, बिजली गुल होना आम बात हो गई है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को शहर के ओढ़पुरा, गिजरौली, नवीपुर, प्रगतिपुरम, वाटरवर्क्स आदि सबस्टेशनों से निकलने वाली लाइनों में फॉल्ट की वजह से बिजली गुल रही।
वहीं, देहात के उघई, चंदपा, सोखना, मुरसान आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडर की लाइन में दिक्कत की वजह से पांच घंटे तक बिजली गुल रही। इस मामले में एक्सईएन सुभाष चंद्रा का कहना है कि गर्मी में फॉल्ट की समस्या ज्यादा हो रही है। जल्द से जल्द इसे दूर कर आपूर्ति को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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आवास विकास में केबल बॉक्स में धमाका
रविवार की रात को शहर के आवास विकास कालोनी में केबल बॉक्स में धमाका हो गया। इससे करीब 1500 घरों में कई घंटे तक बिजली गुल रही। उमस भरी गर्मी में लोगों को बिना बिजली के मुश्किलों से जूझना पड़ा। शाम में गर्मी से बचने के लिए लोग पार्क व छतों पर टहलते हुए नजर आए। घरों में लगे विद्युत उपकरण शोपीस बने रहे। देर रात बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बिजली कटौती से खेतीबाड़ी भी हो रही प्रभावित
- नलकूपों को आठ घंटे बिजली की आपूर्ति होती है। इसमें भी कई-कई घंटे बिजली गुल हो जाती है। इस कारण सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। समय से सिंचाई नहीं होने की वजह से इसका असर फसलों के उत्पादन पर पड़ेगा। इसकी मार भी किसानों को ही झेलनी पड़ेगी। - ज्वाला प्रसाद
- हमारे यहां उघई सब स्टेशन से बिजली की आपूर्ति है। जिस लाइन से नलकूप है उसमें कम वोल्टेज आते हैं। कनेक्शन दूसरी जगह से करने की शिकायत की है, लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली। इस कारण सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। फसल सूखने से आर्थिक नुकसान हो रहा है। - राजेश कुमार।
- कभी दिन में कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभागीय अधिकारी इस ओर समय रहते ध्यान दें, ताकि राहत मिल सके। - संजीव कुमार
- आए दिन बिजली गुल होने से उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। कभी लाइन में फॉल्ट तो कभी सबस्टेशन में धमाका हो जाता है। भीषण गर्मी में रोजाना बिजली कटौती से जीना मुहाल हो गया है। - महेश गुप्ता
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जिले भर में बिजली संकट थमने का नाम नही ले रहा है। कभी फॉल्ट तो कभी मरम्मत के नाम पर शहर से देहात तक रोजाना चार से पांच घंटे तक बिजली गुल हो रही है। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण लोगों के काम बिगड़ रहे हैं। भीषण गर्मी में लोगों को मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। बिजली न मिलने के कारण किसान सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं। रोजमर्रा का काम भी प्रभावित हो रहा है।
जून महीने में रोजाना तापमान में वृद्धि हो रही है। दिन में लू और रात में उमस की वजह से लोगों का जीना मुहाल है। इधर, बिजली गुल होना आम बात हो गई है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को शहर के ओढ़पुरा, गिजरौली, नवीपुर, प्रगतिपुरम, वाटरवर्क्स आदि सबस्टेशनों से निकलने वाली लाइनों में फॉल्ट की वजह से बिजली गुल रही।
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वहीं, देहात के उघई, चंदपा, सोखना, मुरसान आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडर की लाइन में दिक्कत की वजह से पांच घंटे तक बिजली गुल रही। इस मामले में एक्सईएन सुभाष चंद्रा का कहना है कि गर्मी में फॉल्ट की समस्या ज्यादा हो रही है। जल्द से जल्द इसे दूर कर आपूर्ति को सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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आवास विकास में केबल बॉक्स में धमाका
रविवार की रात को शहर के आवास विकास कालोनी में केबल बॉक्स में धमाका हो गया। इससे करीब 1500 घरों में कई घंटे तक बिजली गुल रही। उमस भरी गर्मी में लोगों को बिना बिजली के मुश्किलों से जूझना पड़ा। शाम में गर्मी से बचने के लिए लोग पार्क व छतों पर टहलते हुए नजर आए। घरों में लगे विद्युत उपकरण शोपीस बने रहे। देर रात बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बिजली कटौती से खेतीबाड़ी भी हो रही प्रभावित
- नलकूपों को आठ घंटे बिजली की आपूर्ति होती है। इसमें भी कई-कई घंटे बिजली गुल हो जाती है। इस कारण सिंचाई का काम प्रभावित हो रहा है। समय से सिंचाई नहीं होने की वजह से इसका असर फसलों के उत्पादन पर पड़ेगा। इसकी मार भी किसानों को ही झेलनी पड़ेगी। - ज्वाला प्रसाद
- हमारे यहां उघई सब स्टेशन से बिजली की आपूर्ति है। जिस लाइन से नलकूप है उसमें कम वोल्टेज आते हैं। कनेक्शन दूसरी जगह से करने की शिकायत की है, लेकिन आज तक किसी ने सुध नहीं ली। इस कारण सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। फसल सूखने से आर्थिक नुकसान हो रहा है। - राजेश कुमार।
- कभी दिन में कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। बिना बिजली के कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभागीय अधिकारी इस ओर समय रहते ध्यान दें, ताकि राहत मिल सके। - संजीव कुमार
- आए दिन बिजली गुल होने से उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। कभी लाइन में फॉल्ट तो कभी सबस्टेशन में धमाका हो जाता है। भीषण गर्मी में रोजाना बिजली कटौती से जीना मुहाल हो गया है। - महेश गुप्ता