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हाथरस : हिंदी का प्रयोग करते हुए हमें गर्व होना चाहिए
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हाथरस : जिला बार एसोसिएशन के बैनर तले हिंदी दिवस पर आयोजित गोष्ठी में मौजूद अधिवक्ता। विज्ञप्ति
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हिंदी दिवस के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। हिंदी विधि प्रतिष्ठान की ओर से प्रभारी जनपद न्यायाधीश राजेंद्र सिंह-चतुर्थ की अध्यक्षता में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने कहा कि हिंदी का प्रयोग करते हुए हमें गर्व होना चाहिए। अन्य देशों में भी हमें अपनी मातृ भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिंदी की मदद किसी और ने नहीं बल्कि हिंदी की मदद हिंदी भाषी जनता ने की है। इसलिए हिंदी पूरे विश्व में छाई हुई है। उन्होंने कहा कि हिंदी का प्रयोग पूरे विश्व में किया जाता है। हिंदी कभी दरबारी भाषा नहीं रही है।
त्रिलोक पाल सिंह, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) ने हिंदी दिवस पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए हिंदी को प्रोत्साहित करने में योगदान देने व हिंदी की चौमुखी प्रगति पर प्रकाश डालते हुए हिंदी भाषी लोगों से सशक्त रूप से अग्रणी भूमिका निभाने को कहा। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए। अम्रतांशु राज, सिविल जज (कप्र)/एफटीसी, कोर्ट संख्या-दो, भावना शर्मा, अपर सिविल जज (क.प्र.) के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश कुमार शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने किया। संवाद
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हिंदी दिवस के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। हिंदी विधि प्रतिष्ठान की ओर से प्रभारी जनपद न्यायाधीश राजेंद्र सिंह-चतुर्थ की अध्यक्षता में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने कहा कि हिंदी का प्रयोग करते हुए हमें गर्व होना चाहिए। अन्य देशों में भी हमें अपनी मातृ भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिंदी की मदद किसी और ने नहीं बल्कि हिंदी की मदद हिंदी भाषी जनता ने की है। इसलिए हिंदी पूरे विश्व में छाई हुई है। उन्होंने कहा कि हिंदी का प्रयोग पूरे विश्व में किया जाता है। हिंदी कभी दरबारी भाषा नहीं रही है।
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त्रिलोक पाल सिंह, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) ने हिंदी दिवस पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए हिंदी को प्रोत्साहित करने में योगदान देने व हिंदी की चौमुखी प्रगति पर प्रकाश डालते हुए हिंदी भाषी लोगों से सशक्त रूप से अग्रणी भूमिका निभाने को कहा। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए। अम्रतांशु राज, सिविल जज (कप्र)/एफटीसी, कोर्ट संख्या-दो, भावना शर्मा, अपर सिविल जज (क.प्र.) के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश कुमार शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने किया। संवाद
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