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हाथरस के जांबाजों ने हिलाई थी अंग्रेजी हुकूमत
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:51 PM IST
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स्वाधीनता के सच्चे सिपाही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका बलिदान भुलाया नहीं जा सकता। जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अंग्रेजी हुकूमत को हिला कर रख दिया था।
सिकंदराराऊ के गांव खुशहालपुर में 25 दिसंबर 1895 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मुंशी गजाधर सिंह का जन्म हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। वह किसान परिवार में जन्मे थे।
मुंशी जी ने गरीब-मजलूमों की लड़ाई लड़ी। वर्ष 1921 से 24 के बीच गांधी जी के आंदोलन से वह प्रभावित हुए और तभी आजाद के लिए चली आंधी ने उनको झकझोर दिया। इसी दौरान उनकी पहली जेल यात्रा करनी पड़ी।
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वर्ष 1930 में उन्होंने नमक कानून को तोड़कर अंग्रेजों को झटका दिया। कानून तोड़ने पर छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। उन पर 50 रुपये का जुर्माना भी किया गया।
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सिकंदराराऊ के गांव खुशहालपुर में 25 दिसंबर 1895 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मुंशी गजाधर सिंह का जन्म हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। वह किसान परिवार में जन्मे थे।
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मुंशी जी ने गरीब-मजलूमों की लड़ाई लड़ी। वर्ष 1921 से 24 के बीच गांधी जी के आंदोलन से वह प्रभावित हुए और तभी आजाद के लिए चली आंधी ने उनको झकझोर दिया। इसी दौरान उनकी पहली जेल यात्रा करनी पड़ी।
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वर्ष 1930 में उन्होंने नमक कानून को तोड़कर अंग्रेजों को झटका दिया। कानून तोड़ने पर छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। उन पर 50 रुपये का जुर्माना भी किया गया।