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हाथरस : चार दिन पहले ही अग्निवीर भर्ती की परीक्षा देकर आया था विशाल
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद-हाथरस
त्योहार के दिन गांव घूंचा में मातम पसर गया और दिवाली काली हो गई। मृतक युवक विशाल सेना में भर्ती होने के लिए काफी तैयारी कर रहा था।
गांव घूंचा में हुई घटना ने लोगों की त्योहार की खुशी को मातम में बदल दिया। गोविंद सिंह का बेटा विशाल यह चाहता था कि उसके माता-पिता के बीच किसी बात पर जो झगड़ा हुआ है, वह निपट जाए, लेकिन हुआ उल्टा। इसमें उसी की जान चली गई। इस घटना के बाद गांव में मातम छा गया।
विशाल पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था, जबकि उसका इकलौता भाई नवीं कक्षा में पढ़ता है। विशाल बचपन से ही सेना में भर्ती होना चाहता था। चार दिन पहले ही वह अग्निवीर की भर्ती में शामिल हुआ था। परीक्षा काफी अच्छी हुई थी। उसे पूरी उम्मीद थी कि वह इस बार सेना में भर्ती होने के सपने को साकार कर दिखाएगा। किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। संवाद
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त्योहार के दिन गांव घूंचा में मातम पसर गया और दिवाली काली हो गई। मृतक युवक विशाल सेना में भर्ती होने के लिए काफी तैयारी कर रहा था।
गांव घूंचा में हुई घटना ने लोगों की त्योहार की खुशी को मातम में बदल दिया। गोविंद सिंह का बेटा विशाल यह चाहता था कि उसके माता-पिता के बीच किसी बात पर जो झगड़ा हुआ है, वह निपट जाए, लेकिन हुआ उल्टा। इसमें उसी की जान चली गई। इस घटना के बाद गांव में मातम छा गया।
विशाल पढ़ाई पूरी करने के बाद सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था, जबकि उसका इकलौता भाई नवीं कक्षा में पढ़ता है। विशाल बचपन से ही सेना में भर्ती होना चाहता था। चार दिन पहले ही वह अग्निवीर की भर्ती में शामिल हुआ था। परीक्षा काफी अच्छी हुई थी। उसे पूरी उम्मीद थी कि वह इस बार सेना में भर्ती होने के सपने को साकार कर दिखाएगा। किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। संवाद
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