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हाथरस : कोरोना संक्रमित महिला की मौत पर हंगामा, एसडीएम को घेरा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण बुधवार को स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कोरोना संक्रमित एक 62 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परिजनों ने जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों पर आरोपों की झड़ी लगा दी। परिजनों ने एसडीएम का घेराव भी किया। एसडीएम ने सूचना देकर पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर मामले को शांत किया। उसके बाद मृतका के परिजन शव को घर लेकर गए।
दरअसल, ग्राम खोरना निवासी 62 वर्षीय महिला मिथलेश पत्नी महेंद्र रावत की तीन दिन पहले अचानक तबियत खराब हो गई। परिजन महिला को लेकर कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र पर आए। जांच में महिला कोरोना संक्रमित पाई गई तो चिकित्सकों ने उसे किट देकर होम आइसोेलेशन में भेजने की सलाह देकर इतिश्री कर ली। बुधवार की सुबह अचानक महिला की तबियत बिगड़ गई।
परिजनों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस महिला को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। इस दौरान एसडीएम राजकुमार यादव एवं सीएचसी प्रभारी एसपी सिंह मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि महिला स्वास्थ्य केंद्र पर करीब आठ बजे आ गई थी और स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने उसे रेफर करने में दो घंटे का समय लगा लिया और कहा कि कोरोना संक्रमित के लिए अलग एंबुलेंस आएगी। इस दौरान महिला की मौत हो गई।
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परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में न तो ऑक्सीजन की व्यवस्था थी और न अन्य कोई सुविधा। सुविधाओं के अभाव में महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि दो घंटे रुकने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र पर ऑक्सीजन की कोई व्यवस्था नहीं हुई। यदि आक्सीजन मिल जाती तो महिला की मौत नहीं होती।
दिखावा साबित हो रहा स्वास्थ्य विभाग का दावा
सासनी। हालांकि स्वास्थ्य केंद्र को एल वन हॉस्पिटल का दर्जा प्रशासन द्वारा दिया गया है, लेकिन एल वन की कोई सुविधा यहां मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावे तो बड़े-बड़े कर रहे हैं, लेकिन सीएचसी पर बना कोविड एल वन अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो दिन पहले ही सीएचसी पर वेंटिलेटर संचालित होने का दावा किया गया था, लेकिन यह दावा भी महज दिखावा साबित हो रहा है। सुविधाओं के नाम पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनता को ठेंगा दिखाया जाता है।
मैं तो किसी और काम से सीएचसी पर गया था। मेरी गाड़ी का घेराव किया गया था। बाकी घटनाक्रम के बारे में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ही बता सकते हैं।
-राजकुमार यादव, एसडीएम
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मृतक महिला कोरोना संक्रमित थी। तीन दिन पहले आई थी। इनको किट दी गई थी और सलाह देकर घर पर भेज दिया था। आज जैसे ही उनको यहां लाया गया तो उन्हें एल टू अस्पताल के लिए रेफर किया गया। इसके लिए एंबुलेंस जिला मुख्यालय से आती है। इस दौरान महिला की मौत हो गई।
-एसपी सिंह, सीएचसी प्रभारी
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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण बुधवार को स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कोरोना संक्रमित एक 62 वर्षीय महिला की मौत हो गई। परिजनों ने जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों पर आरोपों की झड़ी लगा दी। परिजनों ने एसडीएम का घेराव भी किया। एसडीएम ने सूचना देकर पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस ने समझा-बुझाकर मामले को शांत किया। उसके बाद मृतका के परिजन शव को घर लेकर गए।
दरअसल, ग्राम खोरना निवासी 62 वर्षीय महिला मिथलेश पत्नी महेंद्र रावत की तीन दिन पहले अचानक तबियत खराब हो गई। परिजन महिला को लेकर कस्बा के स्वास्थ्य केंद्र पर आए। जांच में महिला कोरोना संक्रमित पाई गई तो चिकित्सकों ने उसे किट देकर होम आइसोेलेशन में भेजने की सलाह देकर इतिश्री कर ली। बुधवार की सुबह अचानक महिला की तबियत बिगड़ गई।
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परिजनों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस महिला को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। इस दौरान एसडीएम राजकुमार यादव एवं सीएचसी प्रभारी एसपी सिंह मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि महिला स्वास्थ्य केंद्र पर करीब आठ बजे आ गई थी और स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने उसे रेफर करने में दो घंटे का समय लगा लिया और कहा कि कोरोना संक्रमित के लिए अलग एंबुलेंस आएगी। इस दौरान महिला की मौत हो गई।
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परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में न तो ऑक्सीजन की व्यवस्था थी और न अन्य कोई सुविधा। सुविधाओं के अभाव में महिला की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि दो घंटे रुकने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र पर ऑक्सीजन की कोई व्यवस्था नहीं हुई। यदि आक्सीजन मिल जाती तो महिला की मौत नहीं होती।
दिखावा साबित हो रहा स्वास्थ्य विभाग का दावा
सासनी। हालांकि स्वास्थ्य केंद्र को एल वन हॉस्पिटल का दर्जा प्रशासन द्वारा दिया गया है, लेकिन एल वन की कोई सुविधा यहां मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दावे तो बड़े-बड़े कर रहे हैं, लेकिन सीएचसी पर बना कोविड एल वन अस्पताल सफेद हाथी साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो दिन पहले ही सीएचसी पर वेंटिलेटर संचालित होने का दावा किया गया था, लेकिन यह दावा भी महज दिखावा साबित हो रहा है। सुविधाओं के नाम पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनता को ठेंगा दिखाया जाता है।
मैं तो किसी और काम से सीएचसी पर गया था। मेरी गाड़ी का घेराव किया गया था। बाकी घटनाक्रम के बारे में स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ही बता सकते हैं।
-राजकुमार यादव, एसडीएम
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मृतक महिला कोरोना संक्रमित थी। तीन दिन पहले आई थी। इनको किट दी गई थी और सलाह देकर घर पर भेज दिया था। आज जैसे ही उनको यहां लाया गया तो उन्हें एल टू अस्पताल के लिए रेफर किया गया। इसके लिए एंबुलेंस जिला मुख्यालय से आती है। इस दौरान महिला की मौत हो गई।
-एसपी सिंह, सीएचसी प्रभारी