{"_id":"61229a9c8ebc3e79ef3a7773","slug":"hathras-unique-id-card-will-be-made-for-unorganized-workers-hathras-news-ali271297988","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : असंगठित श्रमिकों के बनेंगे यूनिक आईडी कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : असंगठित श्रमिकों के बनेंगे यूनिक आईडी कार्ड
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड की तर्ज पर अब देशभर के असंगठित श्रमिकों के यूनिक आईडी कार्ड बनाए जाएंगे। इस कार्यक्रम को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 25 अगस्त को लांच करेगा।
मंत्रालय के अनुसार देशभर में 43.7 करोड़ असंगठित श्रमिक विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अब इनका कार्य के अनुसार विभाजन का खाका तैयार किया जाएगा, ताकि इनके उत्थान के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित किया जा सके। जिले में हजारों असंगठित श्रमिक हैं, जिनको पंजीकृत किया जाना है। सभी का पंजीकरण निशुल्क होगा और इसके लिए सरकार कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई को 20 रुपये प्रति कार्ड देगी। हालांकि यदि इस यूनिक आईडी कार्ड में आवेदक बाद में अपडेट करवाता है तो उसके 20 रुपये उसे खुद वहन करने होंगे।
यूनिक आईडी कार्ड बनते ही इन असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिल जाएगा। इसका एक साल का खर्च भी खुद सरकार ही वहन करेगी। असंगठित श्रमिक किस वर्ग से है, इसका खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, जोकि मंत्रालय और सरकार ने चलाई हैं, उन्हें आसनी से क्रियान्वित कर इनके लिए बजट का प्रावधान किया जा सकेगा। श्रमिकों की गतिविधियों और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे हैं, को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी।
विज्ञापन
पंजीकरण के लिए योग्यता
-आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
-आवेदक का पीएफ और ईएसआई खाता नहीं होना चाहिए।
-आवेदक किसी भी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए।
-आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर होना चाहिए, बैंक का खाता और मोबाइल फोन नंबर यह आवेदन के लिए अनिवार्य हैं।
यह लोग करा सकते हैं पंजीकरण
छोटे किसान, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, पशुपालक, मछली विक्रेता, मोची, ईंट भट्ठों पर काम करने वाले, घरों में काम करने वाले, रेहड़ी-फड़ वाले, न्यूज पेपर वेंडर, कारपेंटर, प्लंबर, रिक्शा व ऑटो रिक्शा संचालक, मनरेगा श्रमिक, दूध विक्रेता, स्थानांतरित लेबर, नाई, आशा वर्कर, चाय विक्रेता व ऐसे मजदूर, जोकि किसी संगठन के साथ नहीं जुड़े सभी यूनिक आईडी बनवा सकते हैं। इस सिलसिले में सीएचसी के डीएम प्रदीप सिंह ने बताया कि 25 अगस्त से इस कार्यक्रम को लांच कर दिया जाएगा। इसके लिए जिले में करीब 800 वीएलई अपनी सेवाएं देंगे। असंगठित श्रमिकों के निशुल्क पंजीकरण और कार्ड बनाए जाएंगे, लेकिन बाद में अपडेट करवाने पर 20 रुपये देने होंगे।
विज्ञापन
परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड की तर्ज पर अब देशभर के असंगठित श्रमिकों के यूनिक आईडी कार्ड बनाए जाएंगे। इस कार्यक्रम को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 25 अगस्त को लांच करेगा।
मंत्रालय के अनुसार देशभर में 43.7 करोड़ असंगठित श्रमिक विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अब इनका कार्य के अनुसार विभाजन का खाका तैयार किया जाएगा, ताकि इनके उत्थान के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित किया जा सके। जिले में हजारों असंगठित श्रमिक हैं, जिनको पंजीकृत किया जाना है। सभी का पंजीकरण निशुल्क होगा और इसके लिए सरकार कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई को 20 रुपये प्रति कार्ड देगी। हालांकि यदि इस यूनिक आईडी कार्ड में आवेदक बाद में अपडेट करवाता है तो उसके 20 रुपये उसे खुद वहन करने होंगे।
विज्ञापन
यूनिक आईडी कार्ड बनते ही इन असंगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिल जाएगा। इसका एक साल का खर्च भी खुद सरकार ही वहन करेगी। असंगठित श्रमिक किस वर्ग से है, इसका खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, जोकि मंत्रालय और सरकार ने चलाई हैं, उन्हें आसनी से क्रियान्वित कर इनके लिए बजट का प्रावधान किया जा सकेगा। श्रमिकों की गतिविधियों और वह किस राज्य से किस राज्य में जा रहे हैं, को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकों तक आसानी से मदद पहुंचाई जा सकेगी।
विज्ञापन
पंजीकरण के लिए योग्यता
-आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
-आवेदक का पीएफ और ईएसआई खाता नहीं होना चाहिए।
-आवेदक किसी भी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए।
-आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर होना चाहिए, बैंक का खाता और मोबाइल फोन नंबर यह आवेदन के लिए अनिवार्य हैं।
यह लोग करा सकते हैं पंजीकरण
छोटे किसान, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, पशुपालक, मछली विक्रेता, मोची, ईंट भट्ठों पर काम करने वाले, घरों में काम करने वाले, रेहड़ी-फड़ वाले, न्यूज पेपर वेंडर, कारपेंटर, प्लंबर, रिक्शा व ऑटो रिक्शा संचालक, मनरेगा श्रमिक, दूध विक्रेता, स्थानांतरित लेबर, नाई, आशा वर्कर, चाय विक्रेता व ऐसे मजदूर, जोकि किसी संगठन के साथ नहीं जुड़े सभी यूनिक आईडी बनवा सकते हैं। इस सिलसिले में सीएचसी के डीएम प्रदीप सिंह ने बताया कि 25 अगस्त से इस कार्यक्रम को लांच कर दिया जाएगा। इसके लिए जिले में करीब 800 वीएलई अपनी सेवाएं देंगे। असंगठित श्रमिकों के निशुल्क पंजीकरण और कार्ड बनाए जाएंगे, लेकिन बाद में अपडेट करवाने पर 20 रुपये देने होंगे।