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हाथरस : प्रशिक्षण से मिलती है समाजसेवा के साथ परिस्थितियों से जूझने की सीख
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में चल रहे रेंजर्स शिविर का बुधवार को समापन हुआ। प्राचार्या प्रो. इंदु वार्ष्णेय के निर्देशन में हुए समापन समारोह में अतिथियों ने कहा कि समाजसेवा व परिस्थितियों से जूझने की कला की सीख ऐसे शिविरों से मिलती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रुचि गुप्ता (सीओ सिटी), विशिष्ट अतिथि डॉ. रिचा गुप्ता (प्राचार्या डायट एवं मुख्य आयुक्त उत्तर प्रदेश भारत स्काउट एवं गाइड) और कॉलेज प्राचार्या न रेंजर्स ध्वज फहराकर किया। छात्राओं को रेंजर्स की दीक्षा दिलाई गई।
अतिथियों एवं कॉलेज प्राचार्या का स्कार्फ पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद रेंजर्स छात्राओं ने कैंप फायर के अंतर्गत लघु नाटिका, हमारे नेताजी एवं बृज लोक गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। रेंजर्स छात्राओं ने निर्मित किए गए पुल एवं तंबुओं का रेंजर्स प्रभारी एवं डीओसी और अतिथियों ने निरीक्षण किया।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि छात्र जीवन में रेंजर्स की ट्रेनिंग के माध्यम से छात्राओं को अपने संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास के साथ अपातकालीन स्थितियों का सामना करने की सीख मिलती है। विशिष्ट अतिथि ने कहा कि रेंजर्स के माध्यम से छात्राएं संयमित एवं अनुशासित जीवन जीने की कला सीखने के साथ विकट परिस्थितियों का सामना करना भी सीख जाती हैं।
संचालन समिति की सदस्य डॉ. मधु ने किया। इस मौके पर रेंजर्स प्रभारी डॉ. अंजू आर्य, समिति सदस्य जगदीश कुमार, अमृता सिंह, डॉ. अनिल कुमार, डीओसी धीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रशिक्षक विकास कुमार आदि मौजूद रहे।
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आरडी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में चल रहे रेंजर्स शिविर का बुधवार को समापन हुआ। प्राचार्या प्रो. इंदु वार्ष्णेय के निर्देशन में हुए समापन समारोह में अतिथियों ने कहा कि समाजसेवा व परिस्थितियों से जूझने की कला की सीख ऐसे शिविरों से मिलती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रुचि गुप्ता (सीओ सिटी), विशिष्ट अतिथि डॉ. रिचा गुप्ता (प्राचार्या डायट एवं मुख्य आयुक्त उत्तर प्रदेश भारत स्काउट एवं गाइड) और कॉलेज प्राचार्या न रेंजर्स ध्वज फहराकर किया। छात्राओं को रेंजर्स की दीक्षा दिलाई गई।
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अतिथियों एवं कॉलेज प्राचार्या का स्कार्फ पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद रेंजर्स छात्राओं ने कैंप फायर के अंतर्गत लघु नाटिका, हमारे नेताजी एवं बृज लोक गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। रेंजर्स छात्राओं ने निर्मित किए गए पुल एवं तंबुओं का रेंजर्स प्रभारी एवं डीओसी और अतिथियों ने निरीक्षण किया।
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मुख्य अतिथि ने कहा कि छात्र जीवन में रेंजर्स की ट्रेनिंग के माध्यम से छात्राओं को अपने संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास के साथ अपातकालीन स्थितियों का सामना करने की सीख मिलती है। विशिष्ट अतिथि ने कहा कि रेंजर्स के माध्यम से छात्राएं संयमित एवं अनुशासित जीवन जीने की कला सीखने के साथ विकट परिस्थितियों का सामना करना भी सीख जाती हैं।
संचालन समिति की सदस्य डॉ. मधु ने किया। इस मौके पर रेंजर्स प्रभारी डॉ. अंजू आर्य, समिति सदस्य जगदीश कुमार, अमृता सिंह, डॉ. अनिल कुमार, डीओसी धीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रशिक्षक विकास कुमार आदि मौजूद रहे।