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हाथरस : ग्राम तामसी में निर्माण के बाद आज तक बंद है शौचालय
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हाथरस : ग्राम तामसी में बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय। संवाद
- फोटो : SHAPHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
कोतवाली क्षेत्र के गांव तामसी में बना शौचालय बनने के बाद से अभी तक बंद पड़ा है। उसके पास ही पंचायत भवन बना हुआ है। इसकी अभी तक चारदीवारी तैयारी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जबसे गांव में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हुआ है, तब से आज तक गांव कोई भी ग्रामीण इसका इस्तेमाल नहीं कर सका है।
प्रधानमंत्री के महत्वाकांछी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत दूसरे चरण में प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण होना था। इस योजना के तहत महिला व पुरुष के साथ-साथ दिव्यांगों के लिए भी एक शौचालय तैयार किया गया।
घोषणा के तुरंत बाद ही ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालय बनना शुरू हो गया। शौचालय तो बनकर तैयार हो गए और उनके रखरखाव का जिम्मा गांव में बने समूहों को दिया गया। अब इन समूहों की ही जिम्मेदारी है कि वह इन शौचालयों की मरम्मत करें और उनकी सफाई के लिए एक सफाई कर्मचारी की नियुक्ति करें। संवाद
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शौचालय बनने के बाद आज तक इसमें ताले पड़े हुए हैं। एक तो यह शौचालय गांव से कुछ दूर है, जिससे महिलाएं यहां तक आने-जाने में संकोच करती हैं। वर्तमान प्रधान ने किस समूह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है और कौन सफाई कर्मी इस पर नियुक्त किया है, इसके बारे में भी हमें पता नहीं है।
-रोहित कुमार, तामसी
गांव में शौचालय बनने के बाद इस पर कोई सफाई कर्मी नहीं देखा गया है। इस पर हमेशा ताला है लगा रहता है। जब ताला ही बंद है तो इसमें शौच के लिए कौन जाएगा। इसे बनाने पर खर्च किए गए लाखों रुपये यूं ही बर्बाद चले गए।
- श्रीकृष्ण सिंह
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कोतवाली क्षेत्र के गांव तामसी में बना शौचालय बनने के बाद से अभी तक बंद पड़ा है। उसके पास ही पंचायत भवन बना हुआ है। इसकी अभी तक चारदीवारी तैयारी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जबसे गांव में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण हुआ है, तब से आज तक गांव कोई भी ग्रामीण इसका इस्तेमाल नहीं कर सका है।
प्रधानमंत्री के महत्वाकांछी स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत दूसरे चरण में प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण होना था। इस योजना के तहत महिला व पुरुष के साथ-साथ दिव्यांगों के लिए भी एक शौचालय तैयार किया गया।
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घोषणा के तुरंत बाद ही ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालय बनना शुरू हो गया। शौचालय तो बनकर तैयार हो गए और उनके रखरखाव का जिम्मा गांव में बने समूहों को दिया गया। अब इन समूहों की ही जिम्मेदारी है कि वह इन शौचालयों की मरम्मत करें और उनकी सफाई के लिए एक सफाई कर्मचारी की नियुक्ति करें। संवाद
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शौचालय बनने के बाद आज तक इसमें ताले पड़े हुए हैं। एक तो यह शौचालय गांव से कुछ दूर है, जिससे महिलाएं यहां तक आने-जाने में संकोच करती हैं। वर्तमान प्रधान ने किस समूह को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है और कौन सफाई कर्मी इस पर नियुक्त किया है, इसके बारे में भी हमें पता नहीं है।
-रोहित कुमार, तामसी
गांव में शौचालय बनने के बाद इस पर कोई सफाई कर्मी नहीं देखा गया है। इस पर हमेशा ताला है लगा रहता है। जब ताला ही बंद है तो इसमें शौच के लिए कौन जाएगा। इसे बनाने पर खर्च किए गए लाखों रुपये यूं ही बर्बाद चले गए।
- श्रीकृष्ण सिंह