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हाथरस: आज मनाई जाएगी देव दिवाली, देवालयों में बहेगी भक्ति की बयार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कार्तिक मास का हिंदू धर्म में बेहद खासा महत्व है। इस पूरे महीने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। कार्तिक मास का समापन पूर्णिमा के साथ होता है। इस साल पूर्णिमा सोमवार को है। इसे देव दिवाली भी कहा जाता है।
पूर्णिमा के दिन स्नान और दान को अधिक महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य के सभी पाप धूल जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर दीप दान को भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन दीपदान करने से सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। सोमवार को काफी संख्या में श्रद्धालु मथुरा जिले के राधारानी तीर्थ और गंगा स्नान के लिए रवाना होंगे।
देवालयों में विशेष कार्यक्रम के साथ भक्ति की बयार बहेगी। एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव ने त्रिपुरारी का अवतार लिया था। इस दिन उन्होंने त्रिपुरासुर के नाम से जाने जाने वाले असुर को मारा था। इस पूर्णिमा का एक नाम त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव की विजय के उपलक्ष्य में काशी के भक्त गंगा के घाटों पर तेल के दीपक जलाकर और अपने घरों को सजाकर देव दिवाली मनाते हैं।
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कार्तिक मास का हिंदू धर्म में बेहद खासा महत्व है। इस पूरे महीने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। कार्तिक मास का समापन पूर्णिमा के साथ होता है। इस साल पूर्णिमा सोमवार को है। इसे देव दिवाली भी कहा जाता है।
पूर्णिमा के दिन स्नान और दान को अधिक महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य के सभी पाप धूल जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर दीप दान को भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन दीपदान करने से सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। सोमवार को काफी संख्या में श्रद्धालु मथुरा जिले के राधारानी तीर्थ और गंगा स्नान के लिए रवाना होंगे।
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देवालयों में विशेष कार्यक्रम के साथ भक्ति की बयार बहेगी। एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव ने त्रिपुरारी का अवतार लिया था। इस दिन उन्होंने त्रिपुरासुर के नाम से जाने जाने वाले असुर को मारा था। इस पूर्णिमा का एक नाम त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान शिव की विजय के उपलक्ष्य में काशी के भक्त गंगा के घाटों पर तेल के दीपक जलाकर और अपने घरों को सजाकर देव दिवाली मनाते हैं।
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