{"_id":"62c876a38404b37b8a2e09aa","slug":"hathras-three-robbers-who-robbed-a-roadways-bus-were-sentenced-to-seven-years-imprisonment-and-fine-hathras-news-ali295637582","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : रोडवेज बस में लूटपाट करने वाले तीन लुटेरों को सात साल कैद व अर्थदंड की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : रोडवेज बस में लूटपाट करने वाले तीन लुटेरों को सात साल कैद व अर्थदंड की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक रोडवेज बस में यात्रियों के साथ लूटपाट करने के एक मामले में न्यायालय ने एक महिला सहित पांच आरोपियों को दोषी माना है। इन लुटेरों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा था और इनके पास से लूटा हुआ माल भी बरामद किया था। न्यायालय ने महिला सहित तीन लुटेरों को सात-सात साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। इन तीनों के अलावा दो अन्य आरोपी, जिनसे लूटा गया माल बरामद हुआ था, उन्हें कोर्ट ने तीन-तीन साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कानपुर के आजाद नगर डिपो की एक बस 23 अगस्त 2004 को दिल्ली से लखनऊ जा रही थी। इस बस को वीरेंद्र कुमार निवासी मीनापुर जिला कानपुर देहात चला रहा था। परिचालक के रूप में प्रवीण कुमार यादव पुत्र भूपेंद्र सिंह निवासी आगरा गेट देवनगर थाना उत्तर फिरोजाबाद मौजूद था। बस शाम सवा सात बजे के अलीगढ़ से चली थी। इसमें 35 सवारियां बैठी थीं। बस पहाड़पुर मोड़ पर आई तो रात्रि 8.15 के करीब इसमें सवार चार लोग उठे और इन लोगों ने बस में बैठी सवारियों को धमकाया। इनमें से एक ने चालक के पास जाकर उसके सिर पर तमंचे की बट मारी और बस को कच्चे रास्ते पर मुड़वाकर सुनसान स्थल पर ले गए। बदमाशों ने बस के परिचालक के अलावा अन्य यात्रियों से नकदी, जेवर, मोबाइल फोन व अन्य सामान लूट लिया था। इसके बाद लुटेरे वहां से जंगल में भाग गए।
परिचालक व अन्य सवारियों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी और कोतवाली सिकंदराराऊ में इस घटना को लेकर मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद से ही पुलिस इन वारदात में शामिल बदमाशों की तलाश में जुट गई। 29 अगस्त 2004 को सिकंदराराऊ कोतवाली पुलिस ने एक महिला सहित चार युवकों को भिसी मिर्जापुर मोड़ पर मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। इनके पास से पुलिस को रोडवेज बस यात्रियों से लूटा गया सामान, नकदी और अवैध असलहा भी मिले। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पांच आरोपियों प्रवीण व सुबोध निवासीगण नसवाई थाना जलेसर जिला एटा, धर्मेंद्र उर्फ घूरे निवासी अंबारी खेड़ा थाना जलेसर जिला एटा, शीलेश निवासी हुसैनपुर थाना सिकंदराराऊ व हाजिरा बेगम पत्नी ग्यासुद्दीन निवासी रामनगर कुटिला कोतवाली देहात जिला एटा को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
इन पांचों के खिलाफ बस में हुई लूटपाट के मामले में विवेचनाधिकारी ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चार पारुल वर्मा के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने धारा 395 भा.दं.सं.के तहत धर्मेंद्र उर्फ घूरे, हाजिरा बेगम और शैलेश को सात-सात साल की कैद और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं धारा 412 में कोर्ट ने इन तीनों के अलावा प्रवीण व सुबोध को तीन-तीन साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी प्रतिभा राजपूत ने पैरवी की। संवाद
विज्ञापन
एक रोडवेज बस में यात्रियों के साथ लूटपाट करने के एक मामले में न्यायालय ने एक महिला सहित पांच आरोपियों को दोषी माना है। इन लुटेरों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा था और इनके पास से लूटा हुआ माल भी बरामद किया था। न्यायालय ने महिला सहित तीन लुटेरों को सात-सात साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। इन तीनों के अलावा दो अन्य आरोपी, जिनसे लूटा गया माल बरामद हुआ था, उन्हें कोर्ट ने तीन-तीन साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कानपुर के आजाद नगर डिपो की एक बस 23 अगस्त 2004 को दिल्ली से लखनऊ जा रही थी। इस बस को वीरेंद्र कुमार निवासी मीनापुर जिला कानपुर देहात चला रहा था। परिचालक के रूप में प्रवीण कुमार यादव पुत्र भूपेंद्र सिंह निवासी आगरा गेट देवनगर थाना उत्तर फिरोजाबाद मौजूद था। बस शाम सवा सात बजे के अलीगढ़ से चली थी। इसमें 35 सवारियां बैठी थीं। बस पहाड़पुर मोड़ पर आई तो रात्रि 8.15 के करीब इसमें सवार चार लोग उठे और इन लोगों ने बस में बैठी सवारियों को धमकाया। इनमें से एक ने चालक के पास जाकर उसके सिर पर तमंचे की बट मारी और बस को कच्चे रास्ते पर मुड़वाकर सुनसान स्थल पर ले गए। बदमाशों ने बस के परिचालक के अलावा अन्य यात्रियों से नकदी, जेवर, मोबाइल फोन व अन्य सामान लूट लिया था। इसके बाद लुटेरे वहां से जंगल में भाग गए।
विज्ञापन
परिचालक व अन्य सवारियों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी और कोतवाली सिकंदराराऊ में इस घटना को लेकर मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद से ही पुलिस इन वारदात में शामिल बदमाशों की तलाश में जुट गई। 29 अगस्त 2004 को सिकंदराराऊ कोतवाली पुलिस ने एक महिला सहित चार युवकों को भिसी मिर्जापुर मोड़ पर मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। इनके पास से पुलिस को रोडवेज बस यात्रियों से लूटा गया सामान, नकदी और अवैध असलहा भी मिले। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पांच आरोपियों प्रवीण व सुबोध निवासीगण नसवाई थाना जलेसर जिला एटा, धर्मेंद्र उर्फ घूरे निवासी अंबारी खेड़ा थाना जलेसर जिला एटा, शीलेश निवासी हुसैनपुर थाना सिकंदराराऊ व हाजिरा बेगम पत्नी ग्यासुद्दीन निवासी रामनगर कुटिला कोतवाली देहात जिला एटा को गिरफ्तार किया।
विज्ञापन
इन पांचों के खिलाफ बस में हुई लूटपाट के मामले में विवेचनाधिकारी ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चार पारुल वर्मा के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने धारा 395 भा.दं.सं.के तहत धर्मेंद्र उर्फ घूरे, हाजिरा बेगम और शैलेश को सात-सात साल की कैद और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं धारा 412 में कोर्ट ने इन तीनों के अलावा प्रवीण व सुबोध को तीन-तीन साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी प्रतिभा राजपूत ने पैरवी की। संवाद