फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: There is no China power equipment in the transmission power station

हाथरस: ट्रांसमिशन के बिजलीघर में नहीं है चाइना का कोई बिजली उपकरण

Fri, 26 Jun 2020 12:57 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2020 12:57 AM IST
विज्ञापन
Hathras: There is no China power equipment in the transmission power station
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

मीतई 220 केवीए सबस्टेशन में लगे विद्युत उपकरणों में कोई चाइना का उपकरण नहीं है। इसकी पड़ताल कर अफसरों ने निगम के अफसरों को रिपोर्ट भेजी है। वहीं मीतई बिजलीघर में ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि होने से जिले के लोगों को भरपूर बिजली मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि गलवान घाटी की घटना के बाद देश ने चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करने का फैसला लिया है। आम आदमी से लेकर प्रदेश सरकार भी चाइनीज वस्तुओं का बायकाट करने की कवायद में जुट गई है। बीते दिनों प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने प्रदेश के सभी बिजलीघरों से रिपोर्ट मांगी कि बिजली आपूर्ति में चाइना के किन उपकरणों का प्रयोग हो रहा है। इसके बाद जिले के सबसे बड़े बिजलीघर मीतई 220 केवीए सब स्टेशन में बिजली अफसरों ने उपकरणों की पड़ताल की।
विज्ञापन

पड़ताल के दौरान कोई चीनी उपकरण सामने नहीं आया है। इससे अफसरों ने राहत की सांस ली है। आगे से बिजली महकमे में चीनी निर्मित उपकरणों का प्रयोग नहीं होगा। इस मामले में ट्रांसमिशन के एक्सईएन राजकुमार का कहना है कि बीते दिनों रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच के बाद हमने रिपोर्ट भेजी है। हमारे यहां कोई चाइनीज विद्युत उपकरण नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले के लोगों को मिलेगी पर्याप्त बिजली
मीतई 220 केवीए सबस्टेशन में पहले दो ट्रांसफार्मर लगे थे। ओढ़पुरा सबस्टेशन पर ओवर लोडिंग की दिक्क्त होती थी। इस कारण लोगों को बिजली आपूर्ति में दिक्कत आती थी। ओवरलोडिंग की समस्या को ध्यान में रखते हुए निगम के अफसरों ने 63 एमवीए का एक ट्रांसफार्मर और स्थापित किया है। इससे ओवर लोडिंग की समस्या खत्म होगी।

-
कहीं चाइना के तो नहीं मीटर
हाथरस। विद्युत वितरण खंड के मीटर विभाग में जानकारी की गई तो पता चला कि मीटर चाइनीज हो सकते हैं, क्योंकि अफसर यह कहते हुए नजर आए कि कोई खराब मीटर आएगा तो उसको तोड़ने के बाद पता चलेगा कि उसमें मेड इन इंडिया लिखा है या फिर मेड इन चाइना। चीन की गलवान घाटी की घटना के बाद चाइनीज वस्तुओं का बहिष्कार किया जा रहा है , ऐसे में बिजली महकमे का मीटर विभाग यह नहीं देख पाया कि मीटर चाइना का तो नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed