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हाथरस : बच्चा चोर गिरोह के सरगना का दूसरा अस्पताल भी सील
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हाथरस : कस्बा हाथरस जंक्शन में सील किया गया बांकेबिहारी हॉस्पिटल। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बच्चा चोर गिरोह के सरगना फार्मासिस्ट के दूसरे अस्पताल को भी जिला प्रशासन ने सील कर दिया हे। यह अस्पताल कस्बा हाथरस जंक्शन में बॉके बिहारी हॉस्पिटल के नाम से संचालित था। सोमवार को शहर के नवल नगर स्थित अस्पताल को भी प्रशासन ने सील कर दिया था। अवैध रूप से दोनों अस्पतालों का संचालन करने पर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने कोतवाली हाथरस गेट में फार्मासिस्ट प्रेमबिहारी और उसकी पत्नी दयावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इन दोनों के अस्पतालों के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि मथुरा के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह के आठ सदस्य दबोचे थे। इसका सरगना हाथरस का एक फार्मासिस्ट था। पकड़ा गया फार्मासिस्ट प्रेमबिहारी संविदा पर स्वास्थ्य विभाग में तैनात था और उसकी पत्नी दयावती भी यहीं स्वास्थ्य विभाग में तैनात है। इस गिरोह से एक बच्चा भी बरामद हुआ था, जोकि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से चुराया गया था। यह गिरोह मानव तस्करी करता था। इस मामले की जानकारी पाकर यहां का प्रशासन भी सक्रिय हुआ था। सोमवार की शाम को प्रशासन ने फार्मासिस्ट के नवल नगर स्थित एक अस्पताल बांके बिहारी हॉस्पिटल को सील कर दिया था।
वहां निरीक्षण में यह पाया गया था कि नवल नगर में स्थित यह अस्पताल सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत है। निरीक्षण में पाया गया कि चिकित्सालय में चार बेड की अनुमति है, लेकिन यहां 10 बेड पडे़ हुए हैं। अस्पताल में सामान्य डिलीवरी की अनुमति है, लेकिन अवैध रूप से सिजेरियन करके मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस प्रकार इनके द्वारा पंजीकरण की शर्तों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया जा रहा है।
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निरीक्षण के समय पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। अन्य कर्मचारी भी भाग गए। भर्ती मरीजों से नाम पता पूछे गए तो वह भी बिना नाम पता बताए चले गए। मौके पर चिकित्सालय को सील कर दिया गया। इसके बाद अधिकारियों को यह जानकरी हुई कि यह दंपती हाथरस जंक्शन कस्बे में भी इसी नाम से एक और अस्पताल संचालित करते हैं। इस पर टीम सोमवार की रात्रि में हाथरस जंक्शन स्थित बांके बिहारी हॉस्पिटल पहुंची। निरीक्षण के समय इस अस्पताल में 12 बेड पडे़ हुए थे, जबकि चिकित्सालय को पांच बेड की अनुमति प्राप्त है।
निरीक्षण के समय इंद्रावती पत्नी अंकित निवासी छतरपुर, प्रियंका पत्नी अजय निवासी गौतम नगर कॉलोनी, शिवानी पत्नी गौरव निवासी व चार अन्य मरीज भर्ती मिले। यहां भी कोई पंजीकृत चिकित्सक व पंजीकृत स्टाफ मौजूद नहीं मिला। अप्रशिक्षित कंपाउंडर व नर्स इन लोगों का इलाज कर रहे थे। वह टीम को देखकर भाग गए। चार मरीज भी अपना पता बताए बिना भाग गए। उक्त तीनों मरीज इंद्रावती, प्रियंका शिवानी द्वारा बताया गया कि हम लोगों की ऑपरेशन डिलीवरी हुई है। कल से कोई चिकित्सक चिकित्सालय में मौजूद नहीं है।
तीनों मरीजों को बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया। इस प्रकार चिकित्सालय में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और पंजीकरण की शर्तों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया जा रहा है। इस अस्पताल को भी सील कर दिया गया। इनके द्वारा संगठित रूप से अपराध किया जा रहा है। दोनों अभियुक्तों डॉ प्रेमबिहारी पुत्र रमेशचंद्र और उसकी पत्नी डॉ. दयावती निवासी गोकुलधाम कॉलोनी चौबे वाले महादेव के सामने सिकंदराराऊ रोड हाथरस के विरुद्ध सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। संवाद
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बच्चा चोर गिरोह के सरगना फार्मासिस्ट के दूसरे अस्पताल को भी जिला प्रशासन ने सील कर दिया हे। यह अस्पताल कस्बा हाथरस जंक्शन में बॉके बिहारी हॉस्पिटल के नाम से संचालित था। सोमवार को शहर के नवल नगर स्थित अस्पताल को भी प्रशासन ने सील कर दिया था। अवैध रूप से दोनों अस्पतालों का संचालन करने पर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने कोतवाली हाथरस गेट में फार्मासिस्ट प्रेमबिहारी और उसकी पत्नी दयावती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इन दोनों के अस्पतालों के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि मथुरा के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह के आठ सदस्य दबोचे थे। इसका सरगना हाथरस का एक फार्मासिस्ट था। पकड़ा गया फार्मासिस्ट प्रेमबिहारी संविदा पर स्वास्थ्य विभाग में तैनात था और उसकी पत्नी दयावती भी यहीं स्वास्थ्य विभाग में तैनात है। इस गिरोह से एक बच्चा भी बरामद हुआ था, जोकि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से चुराया गया था। यह गिरोह मानव तस्करी करता था। इस मामले की जानकारी पाकर यहां का प्रशासन भी सक्रिय हुआ था। सोमवार की शाम को प्रशासन ने फार्मासिस्ट के नवल नगर स्थित एक अस्पताल बांके बिहारी हॉस्पिटल को सील कर दिया था।
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वहां निरीक्षण में यह पाया गया था कि नवल नगर में स्थित यह अस्पताल सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत है। निरीक्षण में पाया गया कि चिकित्सालय में चार बेड की अनुमति है, लेकिन यहां 10 बेड पडे़ हुए हैं। अस्पताल में सामान्य डिलीवरी की अनुमति है, लेकिन अवैध रूप से सिजेरियन करके मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस प्रकार इनके द्वारा पंजीकरण की शर्तों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया जा रहा है।
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निरीक्षण के समय पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। अन्य कर्मचारी भी भाग गए। भर्ती मरीजों से नाम पता पूछे गए तो वह भी बिना नाम पता बताए चले गए। मौके पर चिकित्सालय को सील कर दिया गया। इसके बाद अधिकारियों को यह जानकरी हुई कि यह दंपती हाथरस जंक्शन कस्बे में भी इसी नाम से एक और अस्पताल संचालित करते हैं। इस पर टीम सोमवार की रात्रि में हाथरस जंक्शन स्थित बांके बिहारी हॉस्पिटल पहुंची। निरीक्षण के समय इस अस्पताल में 12 बेड पडे़ हुए थे, जबकि चिकित्सालय को पांच बेड की अनुमति प्राप्त है।
निरीक्षण के समय इंद्रावती पत्नी अंकित निवासी छतरपुर, प्रियंका पत्नी अजय निवासी गौतम नगर कॉलोनी, शिवानी पत्नी गौरव निवासी व चार अन्य मरीज भर्ती मिले। यहां भी कोई पंजीकृत चिकित्सक व पंजीकृत स्टाफ मौजूद नहीं मिला। अप्रशिक्षित कंपाउंडर व नर्स इन लोगों का इलाज कर रहे थे। वह टीम को देखकर भाग गए। चार मरीज भी अपना पता बताए बिना भाग गए। उक्त तीनों मरीज इंद्रावती, प्रियंका शिवानी द्वारा बताया गया कि हम लोगों की ऑपरेशन डिलीवरी हुई है। कल से कोई चिकित्सक चिकित्सालय में मौजूद नहीं है।
तीनों मरीजों को बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया। इस प्रकार चिकित्सालय में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और पंजीकरण की शर्तों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया जा रहा है। इस अस्पताल को भी सील कर दिया गया। इनके द्वारा संगठित रूप से अपराध किया जा रहा है। दोनों अभियुक्तों डॉ प्रेमबिहारी पुत्र रमेशचंद्र और उसकी पत्नी डॉ. दयावती निवासी गोकुलधाम कॉलोनी चौबे वाले महादेव के सामने सिकंदराराऊ रोड हाथरस के विरुद्ध सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। संवाद