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हाथरस: रंजिश निकाले व रूपए लूटने को की गई युवक की हत्या
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हाथरस: कोतवाली हाथरस गेट पुलिस की गिरफ्त में हत्या के आरोपी।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने साकेत कॉलोनी में पानी के प्लांट पर शुक्रवार की रात को हुई एक युवक की हत्या के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अभियुक्त अभी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी की कोशिशें की जा रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दुश्मनी निकालने और 70-80 हजार रुपये मिलने की उम्मीद में युवक की हत्या की गई थी।
पिछले दिनों शुक्रवार की रात को साकेत कॉलोनी स्थित शांति फूड एंड ब्रेवरीज में काम करने वाले अशोक पाराशर निवासी चंदपा की हत्या कर दी गई थी। सुबह कर्मचारी और मालिक जब वहां पर पहुंचे तो वहां उन्हें इसकी जानकारी हुई। सूचना के बाद इलाका पुलिस के अलावा पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर, अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार घटना स्थल पर पहुंचे थे और मामले की जांच पड़ताल की थी।
जांच पड़ताल में कुछ तथ्य सामने आए, जिसमें सीसीटीवी कैमरे की फुटेज अहम थी, जिसके बाद पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा है। इनके नाम बलराम शर्मा उर्फ विकास उर्फ कालू निवासी कैलाश मंदिर के पीछे माधव कुंज उमेश जाटव के मकान में किरायेदार, विशाल शर्मा पुत्र नरेंद्र शर्मा निवासी साकेत कॉलोनी गली नंबर एक मूल निवासी विधिपुर हाथरस जंक्शन, बृजवासी उर्फ बृज प्रताप सिंह पुत्र सुबोध कुमार ठाकुर निवासी बरी वाली गली रमनपुर और अनुज पाराशर पुत्र संजय पाराशर निवासी साकेत कॉलोनी हैं। विष्णु पुत्र सुनील निवासी परसारा हाल निवासी मदन पंडित का मकान साकेत कॉलोनी और अंकित पुत्र वंशीलाल निवासी विरजू पहलवान का ट्यूबवेल रमनपुर फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी की कोशिशें जारी हैं।
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अशोक पाराशर की हत्या में शामिल विष्णु पूर्व में पानी के इसी प्लांट में काम करता था। अशोक पाराशर के आने के बाद उसकी वह अहमियत कम हो गई थी, इसलिए अशोक पाराशर से वह दुश्मनी मानने लगा था। इसी दुश्मनी के चलते उसने अशोक को रास्ते से हटाने की ठान ली थी। उसे यह उम्मीद थी कि प्लांट पर 70- 80 हजार रुपये भी मिल जाएंगे।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार ने बताया कि शनिवार की शाम चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई थी और दो अभियुक्त अभी पकड़े जाने हैं, जिनकी तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि हत्या में शामिल एक अभियुक्त की अशोक से दुश्मनी थी। दुश्मनी निकालने और मौके से 70-80 हजार रुपये मिलने की संभावना थी, इसलिए इस वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले के खुलासे में पुलिस को प्लांट पर लगे सीसीटीवी कैमरे से भी काफी मदद मिली है। पुलिस ने उस चाकू को भी बरामद कर लिया है, जिससे अशोक की हत्या की गई थी।
गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएचओ मनोज कुमार शर्मा, एसआई मुन्नालाल, एसआई विपिन कुमार, एसआई प्रमोद कुमार, रामवीर सिंह, पंकज कुमार, जितेंद्र मलिक, शांतनु यादव, शीलेश यादव, सचिन कुमार शामिल थे।
मां-बेटे की हत्या की ली थी सुपारी
पानी के प्लांट पर काम करने वाले की हत्या को अंजाम देने वाले नौसिखिए थे। उन्होंने पहली बार हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद वह आगरा में एक मां व उसके बेटे की हत्या करने वाले थे। यह बात हत्यारोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताई है। मां बेटे की हत्या करने की सुपारी भी ले ली थी।
एक व्यापारी के अपहरण का बनाया था प्लान
पुलिस की पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि हत्यारोपी शहर के किसी कालीन व्यवसायी का अपहरण करने वाले थे, लेकिन अशोक पाराशर की हत्या की पहली घटना में ही वह पकड़े गए, जिससे उनकी आगे की पूरी योजना फेल हो गई।
बदमाशी में करना था नाम रोशन
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार हत्यारोपियों ने यह भी बताया कि वह बदमाशी में प्रसिद्ध होना चाहते थे। यह बात पुलिस को हत्यारोपी बलराम उर्फ कालू और अनुज ने पुलिस को बताई कि वह प्रसिद्ध होकर आगे व्यापारियों से चौथ वसूली करते।
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कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने साकेत कॉलोनी में पानी के प्लांट पर शुक्रवार की रात को हुई एक युवक की हत्या के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अभियुक्त अभी फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी की कोशिशें की जा रही हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दुश्मनी निकालने और 70-80 हजार रुपये मिलने की उम्मीद में युवक की हत्या की गई थी।
पिछले दिनों शुक्रवार की रात को साकेत कॉलोनी स्थित शांति फूड एंड ब्रेवरीज में काम करने वाले अशोक पाराशर निवासी चंदपा की हत्या कर दी गई थी। सुबह कर्मचारी और मालिक जब वहां पर पहुंचे तो वहां उन्हें इसकी जानकारी हुई। सूचना के बाद इलाका पुलिस के अलावा पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर, अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार घटना स्थल पर पहुंचे थे और मामले की जांच पड़ताल की थी।
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जांच पड़ताल में कुछ तथ्य सामने आए, जिसमें सीसीटीवी कैमरे की फुटेज अहम थी, जिसके बाद पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा है। इनके नाम बलराम शर्मा उर्फ विकास उर्फ कालू निवासी कैलाश मंदिर के पीछे माधव कुंज उमेश जाटव के मकान में किरायेदार, विशाल शर्मा पुत्र नरेंद्र शर्मा निवासी साकेत कॉलोनी गली नंबर एक मूल निवासी विधिपुर हाथरस जंक्शन, बृजवासी उर्फ बृज प्रताप सिंह पुत्र सुबोध कुमार ठाकुर निवासी बरी वाली गली रमनपुर और अनुज पाराशर पुत्र संजय पाराशर निवासी साकेत कॉलोनी हैं। विष्णु पुत्र सुनील निवासी परसारा हाल निवासी मदन पंडित का मकान साकेत कॉलोनी और अंकित पुत्र वंशीलाल निवासी विरजू पहलवान का ट्यूबवेल रमनपुर फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी की कोशिशें जारी हैं।
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अशोक पाराशर की हत्या में शामिल विष्णु पूर्व में पानी के इसी प्लांट में काम करता था। अशोक पाराशर के आने के बाद उसकी वह अहमियत कम हो गई थी, इसलिए अशोक पाराशर से वह दुश्मनी मानने लगा था। इसी दुश्मनी के चलते उसने अशोक को रास्ते से हटाने की ठान ली थी। उसे यह उम्मीद थी कि प्लांट पर 70- 80 हजार रुपये भी मिल जाएंगे।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश कुमार ने बताया कि शनिवार की शाम चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई थी और दो अभियुक्त अभी पकड़े जाने हैं, जिनकी तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि हत्या में शामिल एक अभियुक्त की अशोक से दुश्मनी थी। दुश्मनी निकालने और मौके से 70-80 हजार रुपये मिलने की संभावना थी, इसलिए इस वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले के खुलासे में पुलिस को प्लांट पर लगे सीसीटीवी कैमरे से भी काफी मदद मिली है। पुलिस ने उस चाकू को भी बरामद कर लिया है, जिससे अशोक की हत्या की गई थी।
गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएचओ मनोज कुमार शर्मा, एसआई मुन्नालाल, एसआई विपिन कुमार, एसआई प्रमोद कुमार, रामवीर सिंह, पंकज कुमार, जितेंद्र मलिक, शांतनु यादव, शीलेश यादव, सचिन कुमार शामिल थे।
मां-बेटे की हत्या की ली थी सुपारी
पानी के प्लांट पर काम करने वाले की हत्या को अंजाम देने वाले नौसिखिए थे। उन्होंने पहली बार हत्या की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद वह आगरा में एक मां व उसके बेटे की हत्या करने वाले थे। यह बात हत्यारोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताई है। मां बेटे की हत्या करने की सुपारी भी ले ली थी।
एक व्यापारी के अपहरण का बनाया था प्लान
पुलिस की पूछताछ में यह बात भी सामने आई है कि हत्यारोपी शहर के किसी कालीन व्यवसायी का अपहरण करने वाले थे, लेकिन अशोक पाराशर की हत्या की पहली घटना में ही वह पकड़े गए, जिससे उनकी आगे की पूरी योजना फेल हो गई।
बदमाशी में करना था नाम रोशन
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार हत्यारोपियों ने यह भी बताया कि वह बदमाशी में प्रसिद्ध होना चाहते थे। यह बात पुलिस को हत्यारोपी बलराम उर्फ कालू और अनुज ने पुलिस को बताई कि वह प्रसिद्ध होकर आगे व्यापारियों से चौथ वसूली करते।