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हाथरस : सजा राखियों का बाजार, अभी कम हैं खरीदार
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हाथरस : रक्षाबंधन पर्व के लिए बाजार में सजीं राखियों की दुकान। संवाद
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
रक्षाबंधन के त्योहार के मद्देनजर बाजार में राखियों की दुकानें सज गई हैं। ग्राहकों को रिझाने के लिए कई आकर्षक डिजायन की राखियां बाजार में आई हैं, लेकिन अभी खरीदारी बेहद सुस्त है। इधर, मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की जरूरत पूरी करने के लिए एडवांस में घेवर बनाने का कार्य चल रहा है।
बता दें कि रक्षाबंधन के मौके पर बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और अपनी रक्षा का वचन लेती हैं। बदले में भाई भी सामर्थ्यानुसार दक्षिणा व उपहार बहनों को देते हैं। पर्व पर बाजारों में राखी की जमकर खरीदारी होती है। इस बार भी त्योहार के लिए राखियों से दुकानें सज गई हैं। बच्चों के लिए इलेक्ट्रानिक राखियां उपलब्ध हैं।
दुकानदारों का कहना है कि गांव-गांव राखियों की बिक्री होने के कारण अब बाजारों में बिक्री कम रह गई है। चांदी की राखियां भी चंद दुकानों पर उपलब्ध हैं। परचून विक्रेताओं के यहां चीनी, चावल, सेवई और खाने-पीने के अन्य सामान की जमकर बिक्री हो रही है। संवाद
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रक्षाबंधन के त्योहार के मद्देनजर बाजार में राखियों की दुकानें सज गई हैं। ग्राहकों को रिझाने के लिए कई आकर्षक डिजायन की राखियां बाजार में आई हैं, लेकिन अभी खरीदारी बेहद सुस्त है। इधर, मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की जरूरत पूरी करने के लिए एडवांस में घेवर बनाने का कार्य चल रहा है।
बता दें कि रक्षाबंधन के मौके पर बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और अपनी रक्षा का वचन लेती हैं। बदले में भाई भी सामर्थ्यानुसार दक्षिणा व उपहार बहनों को देते हैं। पर्व पर बाजारों में राखी की जमकर खरीदारी होती है। इस बार भी त्योहार के लिए राखियों से दुकानें सज गई हैं। बच्चों के लिए इलेक्ट्रानिक राखियां उपलब्ध हैं।
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दुकानदारों का कहना है कि गांव-गांव राखियों की बिक्री होने के कारण अब बाजारों में बिक्री कम रह गई है। चांदी की राखियां भी चंद दुकानों पर उपलब्ध हैं। परचून विक्रेताओं के यहां चीनी, चावल, सेवई और खाने-पीने के अन्य सामान की जमकर बिक्री हो रही है। संवाद
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