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हाथरस : धू-धूकर जला बुराई का प्रतीक रावण का पुतला
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हाथरस : सहपऊ में धू धूकर जलता रावण का पुतला। संवाद
- फोटो : SHAPHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कस्बा स्थित हनुमान टीले पर आयोजित रावण वध मेले का सोमवार को बुराई का प्रतीक रावण के पुतले के दहन के साथ समापन हो गया। मेले में जबर्दस्त भीड़ उमड़ी। मेले में सुरक्षा के सख्त इंतजाम रहे। सहपऊ के अलावा आसपास के थानों का पुलिस बल भी बुलाया गया। मेले में चाट-पकौड़ी व खेल-तमाशों की दुकानें लगी थीं। इन पर महिलाओं और बच्चों ने लजीज पकवानों का जायका लिया। झूलों का लुत्फ उठाया। खिलौनों और जरूरत के सामान की खरीदारी की।
दोपहर तीन बजे से मेले में लोगों का आना शुरू हो गया। शाम होते-होते मेले में भीड़ बढ़ती गई। मैदान में पहले भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों ने रावण बने स्वरूप से युद्ध किया। इसके बाद मां काली की सवारी मैदान में पहुंचीं। काली के स्वरूप ने शस्त्र विद्या के रोमांचक करतब दिखाए, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई।
मां काली की सवारी के जाते ही श्रीराम के स्वरूप ने अग्नि बाण से रावण के पुतले का दहन कर दिया। पूर्व की घटनाओं से सबक लेते हुए रावण के पुतले को जलते समय पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद थी। रावण के पुतले को जलते ही मेले का समापन हो गया। मेले से लौटते समय बच्चों के हाथों में खिलौने और गुब्बारे थे। मेले के शांतिपूर्ण निपटने से पुलिस प्रशासन और मेला आयोजन समिति ने राहत की सांस ली। संवाद
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कस्बा स्थित हनुमान टीले पर आयोजित रावण वध मेले का सोमवार को बुराई का प्रतीक रावण के पुतले के दहन के साथ समापन हो गया। मेले में जबर्दस्त भीड़ उमड़ी। मेले में सुरक्षा के सख्त इंतजाम रहे। सहपऊ के अलावा आसपास के थानों का पुलिस बल भी बुलाया गया। मेले में चाट-पकौड़ी व खेल-तमाशों की दुकानें लगी थीं। इन पर महिलाओं और बच्चों ने लजीज पकवानों का जायका लिया। झूलों का लुत्फ उठाया। खिलौनों और जरूरत के सामान की खरीदारी की।
दोपहर तीन बजे से मेले में लोगों का आना शुरू हो गया। शाम होते-होते मेले में भीड़ बढ़ती गई। मैदान में पहले भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों ने रावण बने स्वरूप से युद्ध किया। इसके बाद मां काली की सवारी मैदान में पहुंचीं। काली के स्वरूप ने शस्त्र विद्या के रोमांचक करतब दिखाए, जिससे भीड़ तितर-बितर हो गई।
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मां काली की सवारी के जाते ही श्रीराम के स्वरूप ने अग्नि बाण से रावण के पुतले का दहन कर दिया। पूर्व की घटनाओं से सबक लेते हुए रावण के पुतले को जलते समय पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद थी। रावण के पुतले को जलते ही मेले का समापन हो गया। मेले से लौटते समय बच्चों के हाथों में खिलौने और गुब्बारे थे। मेले के शांतिपूर्ण निपटने से पुलिस प्रशासन और मेला आयोजन समिति ने राहत की सांस ली। संवाद
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