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हाथरस : जानलेवा हमले के दोषी को दस साल कैद और अर्थदंड की सजा

Sun, 25 Sep 2022 12:13 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Sep 2022 12:13 AM IST
सार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस22 साल पुराने जानलेवा हमले के एक मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक ने उसे 10 साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार अवनेश कुमार निवासी गढ़ी छत्तर थाना सहपऊ ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि 13 अक्तूबर 2000 को सुबह उनके ट्रैक्टर का चालक गुड्डू खेत जोत रहा था। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या प्रथम रामप्रताप सिंह ने इस मामले में कोर्ट ने अंगूर को दोषी मानते हुए उसे 10 साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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Hathras: The culprit of the deadly attack was sentenced to ten years imprisonment and fine

विस्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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22 साल पुराने जानलेवा हमले के एक मामले में आरोपी को दोषी मानते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक ने उसे 10 साल कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार अवनेश कुमार निवासी गढ़ी छत्तर थाना सहपऊ ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि 13 अक्तूबर 2000 को सुबह उनके ट्रैक्टर का चालक गुड्डू खेत जोत रहा था। तभी उससे झगड़ा करने की नीयत से महेंद्र, कमल सिंह, राजू, अंगूर, सत्यवीर निवासी गढ़ी छत्तर खेत पर पहुंच गए। झगड़े का अंदेशा होने पर जब चालक गुड्डू ट्रैक्टर लेकर घर की ओर आ रहा था तो इन लोगों ने अपने घर पर ट्रैक्टर को जबरिया रोक लिया। चालक को मारापीटा। शोरगुल सुनकर जब अवनेश कुमार वहां पहुंचा तो नामजदों ने उस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। यह गोली अवनेश के हाथ में लगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार इस पर जब अवनेश मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने पहुंच रहा था। तब भी कुछ नामजदों ने उसे रोकने की कोशिश की। जैसे-तैसे अवनेश थाना सहपऊ पहुंचा और मुकदमा दर्ज कराया। घायल का चिकित्सकीय परीक्षण कराया। पुलिस ने इस मामले में विवेचना के उपरांत सात लोगों के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। इस दौरान तीन आरोपियों राजबहादुर, महेंद्र सिंह, कंचन सिंह की मौत हो गई।
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मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या प्रथम रामप्रताप सिंह ने इस मामले में कोर्ट ने अंगूर को दोषी मानते हुए उसे 10 साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। कोर्ट ने तीन आरोपियों राजू, सत्यवीर व प्रताप सिंह को दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी केशवदेव माहौर ने पैरवी की। संवाद
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