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हाथरस : छह और पशुओं में मिले लंपी वायरस के लक्षण
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)।
क्षेत्र के गांव जिरौली में पशुओं में लंपी स्किन वायरस बीमारी फैलने की दहशत है। पशुपालक खुद ही एहतियात बरतते हुए अपने मवेशियों के आसपास सफाई और उनकी देखरेख करने में जुट गए हैं। पशु चिकित्सा विभाग की टीम को मंगलवार को 18 पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण मिले थे। दूसरे दिन विभाग की टीम को छह मवेशियों में लंपी वायरस के लक्षण मिले।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके गुप्ता, पशु चिकित्साधिकारी सासनी डॉ. सौरभ गुप्ता, पशुधन प्रसार अधिकारी नौजरपुर आरके शर्मा, पैरावेट हेमंत अश्विनी, रिंकू, संदीप और धर्मवीर की टीम ने बुधवार को गांव में जाकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डिप्टी सीवीओ ने बताया कि यह सभी पशु अलग-अलग परिवारों के हैं।
टीम ने पशुपालकों को सलाह दी कि बीमार पशुओं को अलग-अलग रखें और उनके लिए चारे और पानी की व्यवस्था अलग से की जाए। पशुओं के पास सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने बताया कि बुधवार को छह नए मामले मिले हैं। पीड़ित मवेशियों का उपचार किया जा रहा है। बीमारी बहुत खतरनाक है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वह पशुओं के पास सफाई एवं चारे-पानी का बीमार पशुओं के लिए अलग-अलग बंदोबस्त करें। संवाद
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क्षेत्र के गांव जिरौली में पशुओं में लंपी स्किन वायरस बीमारी फैलने की दहशत है। पशुपालक खुद ही एहतियात बरतते हुए अपने मवेशियों के आसपास सफाई और उनकी देखरेख करने में जुट गए हैं। पशु चिकित्सा विभाग की टीम को मंगलवार को 18 पशुओं में लंपी वायरस के लक्षण मिले थे। दूसरे दिन विभाग की टीम को छह मवेशियों में लंपी वायरस के लक्षण मिले।
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके गुप्ता, पशु चिकित्साधिकारी सासनी डॉ. सौरभ गुप्ता, पशुधन प्रसार अधिकारी नौजरपुर आरके शर्मा, पैरावेट हेमंत अश्विनी, रिंकू, संदीप और धर्मवीर की टीम ने बुधवार को गांव में जाकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डिप्टी सीवीओ ने बताया कि यह सभी पशु अलग-अलग परिवारों के हैं।
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टीम ने पशुपालकों को सलाह दी कि बीमार पशुओं को अलग-अलग रखें और उनके लिए चारे और पानी की व्यवस्था अलग से की जाए। पशुओं के पास सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने बताया कि बुधवार को छह नए मामले मिले हैं। पीड़ित मवेशियों का उपचार किया जा रहा है। बीमारी बहुत खतरनाक है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वह पशुओं के पास सफाई एवं चारे-पानी का बीमार पशुओं के लिए अलग-अलग बंदोबस्त करें। संवाद
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