{"_id":"6096cdf98ebc3e8a5d3c90e2","slug":"hathras-some-are-worried-about-their-lives-some-are-sick-hathras-news-ali26270456","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : कुछ को सता रही जान की चिंता कुछ हुए बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : कुछ को सता रही जान की चिंता कुछ हुए बीमार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल में रोडवेज के चालक-परिचालकों की सेहत प्रभावित हो रही है। कुछ कर्मियों को जान की चिंता सता रही है। काफी चालक-परिचालक बीमार हो गए हैं। इस कारण रोडवेज की 84 में से मात्र 20 बसों का ही लोकल रूटों पर संचालन हो रहा है। इन बसों में भी यात्रियों का अभाव है। आमदनी के गिरते ग्राफ की वजह से डिपो के अधिकारी खासे परेशान हैं।
कोरोना की दूसरी लहर प्रचंड होने के साथ हर किसी को अपनी जान की फिक्र है। लोग अपनों से भी नहीं मिल रहे हैं। रोडवेज में वर्तमान में 84 बसें हैं। बीते दिनों संक्रमण को देखते हुए मुख्यालय के आदेश पर प्रदेश से सटे राज्यों में दो दर्जन बसों के संचालन पर पाबंदी लगा दी गई।
इस बीच डिपो में काफी चालक-परिचालक बीमार हो गए हैं तो कुछ ड्यूटी पर ही नहीं आ रहे हैं। इस कारण बसों का संचालन सहीं तरीके से नहीं हो पा रहा है। इन-दिनों डिपो की आमदनी दो-तीन लाख रुपये प्रतिदिन पर टिकी हुई है। स्टेशन प्रभारी वीरी सिंह का कहना है कि कुछ चालक-परिचालकों की तबियत खराब है तो कुछ डर की वजह से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। इस कारण संचालन प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना काल में रोडवेज के चालक-परिचालकों की सेहत प्रभावित हो रही है। कुछ कर्मियों को जान की चिंता सता रही है। काफी चालक-परिचालक बीमार हो गए हैं। इस कारण रोडवेज की 84 में से मात्र 20 बसों का ही लोकल रूटों पर संचालन हो रहा है। इन बसों में भी यात्रियों का अभाव है। आमदनी के गिरते ग्राफ की वजह से डिपो के अधिकारी खासे परेशान हैं।
कोरोना की दूसरी लहर प्रचंड होने के साथ हर किसी को अपनी जान की फिक्र है। लोग अपनों से भी नहीं मिल रहे हैं। रोडवेज में वर्तमान में 84 बसें हैं। बीते दिनों संक्रमण को देखते हुए मुख्यालय के आदेश पर प्रदेश से सटे राज्यों में दो दर्जन बसों के संचालन पर पाबंदी लगा दी गई।
विज्ञापन
इस बीच डिपो में काफी चालक-परिचालक बीमार हो गए हैं तो कुछ ड्यूटी पर ही नहीं आ रहे हैं। इस कारण बसों का संचालन सहीं तरीके से नहीं हो पा रहा है। इन-दिनों डिपो की आमदनी दो-तीन लाख रुपये प्रतिदिन पर टिकी हुई है। स्टेशन प्रभारी वीरी सिंह का कहना है कि कुछ चालक-परिचालकों की तबियत खराब है तो कुछ डर की वजह से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं। इस कारण संचालन प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन