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हाथरस : भूगर्भ जलदोहन करने वाली इकाइयों पर कसेगा शिकंजा, टीम गठित
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में भूगर्भ जल का अतिदोहन करने वाली संस्थाओं व इकाइयों पर भूगर्भ जल विभाग की ओर से शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पूर्व में नोटिस दिए जाने के बावजूद पंजीकरण न कराने और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) न प्राप्त करने वाली संस्थाओं और इकाइयों पर छापा मारने के लिए टीम गठित की गई है। इसके लिए भूगर्भ जल विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है।
जिले में पिछले 10 वर्षों में भूगर्भ जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। कई इलाकों में तो छह मीटर से अधिक तक भूगर्भ जल स्तर गिरा है। विभाग की ओर से अब इसको बचाने के लिए भूगर्भ जल अधिनियम के तहत भूगर्भ जल का अतिदोहन करने वाली फर्मों व संस्थाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। जिले में सर्वे के अनुसार करीब 300 फर्म व संस्थाएं भूगर्भ जल का दोहन कर रही हैं।
इसमें से महज 22 संस्थाओं ने ही अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया है। करीब 65 संस्थाओं ने एनओसी के लिए पंजीकरण कराए हैं। इन फर्मों व संस्थाओं को भूगर्भ जल विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने के कई बार निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन इन संस्थाओं व फर्म की ओर से लगातार जल दोहन करने के बावजूद अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया जा रहा है।
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अब इन फर्म व संस्थाओं पर छापा मारने के लिए विभाग की ओर से टीम गठित कर दी गई है। यह टीम जिले भर में छापा मारेगी। भूगर्भ जल विभाग की नोडल अधिकारी नम्रता जैसवाल ने बताया कि संस्थाओं व फर्मों द्वारा जल दोहन करने के बावजूद एनओसी नहीं ली जा रही है। इन पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। संवाद
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जिले में भूगर्भ जल का अतिदोहन करने वाली संस्थाओं व इकाइयों पर भूगर्भ जल विभाग की ओर से शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पूर्व में नोटिस दिए जाने के बावजूद पंजीकरण न कराने और अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) न प्राप्त करने वाली संस्थाओं और इकाइयों पर छापा मारने के लिए टीम गठित की गई है। इसके लिए भूगर्भ जल विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है।
जिले में पिछले 10 वर्षों में भूगर्भ जल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। कई इलाकों में तो छह मीटर से अधिक तक भूगर्भ जल स्तर गिरा है। विभाग की ओर से अब इसको बचाने के लिए भूगर्भ जल अधिनियम के तहत भूगर्भ जल का अतिदोहन करने वाली फर्मों व संस्थाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। जिले में सर्वे के अनुसार करीब 300 फर्म व संस्थाएं भूगर्भ जल का दोहन कर रही हैं।
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इसमें से महज 22 संस्थाओं ने ही अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया है। करीब 65 संस्थाओं ने एनओसी के लिए पंजीकरण कराए हैं। इन फर्मों व संस्थाओं को भूगर्भ जल विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने के कई बार निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन इन संस्थाओं व फर्म की ओर से लगातार जल दोहन करने के बावजूद अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया जा रहा है।
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अब इन फर्म व संस्थाओं पर छापा मारने के लिए विभाग की ओर से टीम गठित कर दी गई है। यह टीम जिले भर में छापा मारेगी। भूगर्भ जल विभाग की नोडल अधिकारी नम्रता जैसवाल ने बताया कि संस्थाओं व फर्मों द्वारा जल दोहन करने के बावजूद एनओसी नहीं ली जा रही है। इन पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। संवाद