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हाथरस : वर्ष 1995 से 2015 तक आनरक्षित सीटें होंगी आरक्षित
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हाथरस : विकास भवन में आरक्षण को लेकर प्रशिक्षण देते डीपीआरओ।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विकास भवन सभागार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायतों, ग्राम पंचायतों में आरक्षण को लेकर एडीओ और बीडीओ को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान ग्राम पंचायतों के वार्डों, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के आरक्षण के निर्धारण को लेकर शासनादेश में दिए गए निर्देशों के बारे में अवगत कराया गया। इस मौके पर सीडीओ आरबी भास्कर, डीसी एनआरएलएम अशोक कुमार, पीडी एके मिश्र मौजूद रहे। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने सभी को आरक्षण के निर्धारण के संबंध में प्रशिक्षण दिया।
डीपीआरओ बनवारी सिंह ने बताया कि वर्ष 1995 से 2015 जो सीटें कभी भी अनुसूचित जाति (एससी) में आरक्षित नहीं रही हैं, वह सीट एससी के लिए आरक्षित हो जाएंगी। इसी तरह से जो सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में नहीं रही हैं तो वह ओबीसी के लिए आरक्षित हो जाएंगी। उस ग्राम पंचायत में दो वोट एससी या ओबीसी के होने चाहिए।
2015 में जो सीटें जिस भी श्रेणी में आरक्षित थीं तो वह उस श्रेणी में नहीं जाएंगी। ग्राम पंचायतों में विकास खंड की इकाई आरक्षित करेंगी। एससी व ओबीसी में आरक्षण के लिए ग्राम पंचायतों की आबादी को विकास खंड वार अवरोही क्रम में लगाया जाएगा। इसमें सबसे पहले एससी का आरक्षण होगा। एससी के बाद ओबीसी का आरक्षण किया जाएगा। सबसे पहले महिलाओं के लिए पद आरक्षित किए जाएंगे। इसी तरह से 33 फीसदी महिला सामान्य के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इसके बाद बचने वाले पद अनारक्षित किए जाएंगे। उन्होंने आरक्षण संबंधी कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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विकास भवन सभागार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायतों, ग्राम पंचायतों में आरक्षण को लेकर एडीओ और बीडीओ को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान ग्राम पंचायतों के वार्डों, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के आरक्षण के निर्धारण को लेकर शासनादेश में दिए गए निर्देशों के बारे में अवगत कराया गया। इस मौके पर सीडीओ आरबी भास्कर, डीसी एनआरएलएम अशोक कुमार, पीडी एके मिश्र मौजूद रहे। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने सभी को आरक्षण के निर्धारण के संबंध में प्रशिक्षण दिया।
डीपीआरओ बनवारी सिंह ने बताया कि वर्ष 1995 से 2015 जो सीटें कभी भी अनुसूचित जाति (एससी) में आरक्षित नहीं रही हैं, वह सीट एससी के लिए आरक्षित हो जाएंगी। इसी तरह से जो सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में नहीं रही हैं तो वह ओबीसी के लिए आरक्षित हो जाएंगी। उस ग्राम पंचायत में दो वोट एससी या ओबीसी के होने चाहिए।
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2015 में जो सीटें जिस भी श्रेणी में आरक्षित थीं तो वह उस श्रेणी में नहीं जाएंगी। ग्राम पंचायतों में विकास खंड की इकाई आरक्षित करेंगी। एससी व ओबीसी में आरक्षण के लिए ग्राम पंचायतों की आबादी को विकास खंड वार अवरोही क्रम में लगाया जाएगा। इसमें सबसे पहले एससी का आरक्षण होगा। एससी के बाद ओबीसी का आरक्षण किया जाएगा। सबसे पहले महिलाओं के लिए पद आरक्षित किए जाएंगे। इसी तरह से 33 फीसदी महिला सामान्य के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इसके बाद बचने वाले पद अनारक्षित किए जाएंगे। उन्होंने आरक्षण संबंधी कार्रवाई को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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