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हाथरस: धान किसानों के क्रय केंद्रों पर भी होंगे पंजीकरण, मिलेगी राहत
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
धान बेचने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। यदि वह ऑनलाइन पंजीकरण अब नहीं करा पाते हैं तो उनके केंद्र पर भी पंजीकरण होंगे। धान खरीद को लेकर सरकारी मशीनरी ने तैयारी शुरू कर दी है। एक अक्तूबर से जिले के एक दर्जन से अधिक क्रय केंद्रों पर धान की खरीद होगी।
इस बार पहले अधिकारी धान की फसल को खेत में जाकर देखेंगे कि कितनी बुवाई की गई है। उसके आधार पर ही किसान का पंजीकरण होगा। धान खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यदि कोई किसान अपना पंजीकरण नहीं कर पाता है तो वह क्रय केंद्र पर पहुंचकर धान बेचने के लिए पंजीकरण करा सकता है।
इस बार जिले में धान की पैदावार अधिक है, इसलिए एक दर्जन से अधिक केंद्रों पर खरीदने की प्रक्रिया की जाएगी। किसानों का पीएफएमएस के जरिये भुगतान किया जाएगा। पिछले वर्ष 13 सौ एमटी धान की खरीद हुई थी। इस बार लक्ष्य बढ़ने की भी उम्मीद है। डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि यदि कोई किसान पंजीकरण नहीं करा पाता है तो वह केंद्र पर पहुंचकर धान बेचने के लिए पंजीकरण करा सकता है।
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धान बेचने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। यदि वह ऑनलाइन पंजीकरण अब नहीं करा पाते हैं तो उनके केंद्र पर भी पंजीकरण होंगे। धान खरीद को लेकर सरकारी मशीनरी ने तैयारी शुरू कर दी है। एक अक्तूबर से जिले के एक दर्जन से अधिक क्रय केंद्रों पर धान की खरीद होगी।
इस बार पहले अधिकारी धान की फसल को खेत में जाकर देखेंगे कि कितनी बुवाई की गई है। उसके आधार पर ही किसान का पंजीकरण होगा। धान खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। यदि कोई किसान अपना पंजीकरण नहीं कर पाता है तो वह क्रय केंद्र पर पहुंचकर धान बेचने के लिए पंजीकरण करा सकता है।
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इस बार जिले में धान की पैदावार अधिक है, इसलिए एक दर्जन से अधिक केंद्रों पर खरीदने की प्रक्रिया की जाएगी। किसानों का पीएफएमएस के जरिये भुगतान किया जाएगा। पिछले वर्ष 13 सौ एमटी धान की खरीद हुई थी। इस बार लक्ष्य बढ़ने की भी उम्मीद है। डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि यदि कोई किसान पंजीकरण नहीं करा पाता है तो वह केंद्र पर पहुंचकर धान बेचने के लिए पंजीकरण करा सकता है।
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