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हाथरस : दुष्कर्मी चचिया ससुर को न्यायालय ने सुनाई 10 साल कैद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जनपद एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार ने एक महिला से दुष्कर्म करने वाले उसके चचिया ससुर को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दुष्कर्मी को अर्थदंड भी देना होगा। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला थाना हाथरस कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत शहर के एक मोहल्ले का है। पीड़िता ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया कि घटना 26 नवंबर 2015 की है। उसकी उस दिन तबियत खराब थी। वह घर पर अकेली थी। परिजन शाम को गृह प्रवेश के कार्यक्रम में गए हुए थे। उसी दिन शाम को ही रिश्ते का चचिया ससुर घर आया और परिजनों के बारे मेें पूछने लगा। पीड़िता ने उसे बताया कि सभी लोग दावत में गए हैं। वह घर से बाहर चला गया और यह महिला कमरे में आकर लेट गई। करीब पांच मिनट बाद आरोपी फिर उसके घर में घुस आया और दुष्कर्म किया।
इसके बाद आरोपी पीड़िता को कमरे में बंद करके भाग गया। इस मामले में थाना हाथरस कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण हुआ। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए एफआर लगा दी। इस घटना के संबंध में पीड़िता ने सीजेएम हाथरस के न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया, जिसमें पीड़िता के बयान दर्ज और न्यायालय ने सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच करने के उपरांत अभियुक्त को विचारण के लिए तलब किया। मामले का विचारण सत्र न्यायाधीश के न्यायालय मेें हुआ। संवाद
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गवाहों केे परीक्षण और दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार ने आरोपी को दोषी माना । न्यायालय ने दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हरिओम शर्मा ने की। संवाद
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जनपद एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार ने एक महिला से दुष्कर्म करने वाले उसके चचिया ससुर को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दुष्कर्मी को अर्थदंड भी देना होगा। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला थाना हाथरस कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत शहर के एक मोहल्ले का है। पीड़िता ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया कि घटना 26 नवंबर 2015 की है। उसकी उस दिन तबियत खराब थी। वह घर पर अकेली थी। परिजन शाम को गृह प्रवेश के कार्यक्रम में गए हुए थे। उसी दिन शाम को ही रिश्ते का चचिया ससुर घर आया और परिजनों के बारे मेें पूछने लगा। पीड़िता ने उसे बताया कि सभी लोग दावत में गए हैं। वह घर से बाहर चला गया और यह महिला कमरे में आकर लेट गई। करीब पांच मिनट बाद आरोपी फिर उसके घर में घुस आया और दुष्कर्म किया।
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इसके बाद आरोपी पीड़िता को कमरे में बंद करके भाग गया। इस मामले में थाना हाथरस कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण हुआ। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए एफआर लगा दी। इस घटना के संबंध में पीड़िता ने सीजेएम हाथरस के न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया, जिसमें पीड़िता के बयान दर्ज और न्यायालय ने सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जांच करने के उपरांत अभियुक्त को विचारण के लिए तलब किया। मामले का विचारण सत्र न्यायाधीश के न्यायालय मेें हुआ। संवाद
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गवाहों केे परीक्षण और दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार ने आरोपी को दोषी माना । न्यायालय ने दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हरिओम शर्मा ने की। संवाद