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हाथरस: बारिश और ओलावृष्टि ने फिर बरपाया फसलों पर कहर
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हाथरस: ओलावृष्टि के बाद एक बर्तन में रखे ओले।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। शनिवार की देर शाम जिले के कई इलाकों में ओलावृष्टि व बरसात हुई। इससे किसानों की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो गई। शुरू में तो सूखे ओले पड़े, जोकि काफी वजनी थे। यह देख खुद लोग हैरत में पड़ गए। बाद में बारिश भी हुई। कुछ स्थानों पर तो ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी रही कि कुछ दीवारों व टीनशेड में छेद हो गए। आलू किसानों के खेतों में खुदे पड़े आलू पूरी तरह से बर्बाद हो गए। वहीं गेहूं, सरसों और अन्य फसलें भी नष्ट हो गई। बारिश और ओलावृष्टि के चलते शहर में भी जनजीवन प्रभावित हुआ।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से कुदरत का कहर किसान पर पड़ रहा है। पिछले सप्ताह जिले के कई इलाकों में जमकर बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। इससे गेंहू, आलू व सरसों की फसल काफी क्षति पहुंची थी। अब रही सही कसर शनिवार को हुई ओलावृष्टि व बारिश ने पूरी कर दी है। शाम 6 बजे के करीब सूखे ओले पड़े जोकि काफी वजनी थे। शहर के लोग भी इसे देख हैरत में रह गए। इसके बाद आसमान में बिजली चमकी और तेज बारिश भी हुई।
किसान को यह बारिश व ओलावृष्टि बर्बादी के कगार पर ले गई। देर रात तक रूक-रूक कर बारिश हो रही थी। शहर में भी ओलावृष्टि और बारिश का असर देखने को मिला। ओला पड़ते ही लोग इनसे बचने के लिए भागने लगे। बारिश से भी लोगों ने बचने के उपाय किए। शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया और जगह जगहै कीचड़ हो गई। बिजली भी काफी देर तक बाधित रही।
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पिछली ओलावृष्टि से हुई थी 20 फीसदी फसल को नुकसान
हाथरस। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से आलू , गेंहू व अन्य फसलें बर्बाद हुई थी। इन फसलों के प्रभावित होने का जिला प्रशासन की ओर से आकलन कराया गया था।सरकारी आंकड़ों के अनुसार 113211 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें ओला वृष्टि व बारिश से प्रभावित हुई थीं और 119000 किसान भी प्रभावित हुए थे। हालांकि इसके बाबजूद भी सरकारी आंकड़ों में नुकसान 15 से 20 फीसदी का ही दर्ज किया गया था। ऐसे में किसानों को नुकसान का मुआवजा नहीं मिला था।
पिछले दिनों हुई बारिश व ओलावृष्टि से तो 10 से 15 फीसदी नुकसान आलू व गेंहू की फसल में हुआ था, लेकिन शनिवार को तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि व बारिश ने किसान को परेशानी में डाल दिया। आने वाले एक दो दिन में भी बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा है। किसान अपनी फसल में हुए नुकसान की शिकायत उप कृषि निदेशक कार्यालय में दर्ज करा दें, ताकि उनके नुकसान का आंकलन किया जा सके।
-डॉ. एसआर सिंह, अध्यक्ष/वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र हाथरस
शनिवार को हुई ओलावृष्टि व बारिश से हुई फसल नुकसान का राजस्व की टीम लगाकर आंकलन कराया जाएगा। पीड़ित किसानों को आर्थिक मदद मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा।
-प्रवीण कुमार लक्षकार, डीएम
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किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। शनिवार की देर शाम जिले के कई इलाकों में ओलावृष्टि व बरसात हुई। इससे किसानों की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो गई। शुरू में तो सूखे ओले पड़े, जोकि काफी वजनी थे। यह देख खुद लोग हैरत में पड़ गए। बाद में बारिश भी हुई। कुछ स्थानों पर तो ओलावृष्टि की तीव्रता इतनी रही कि कुछ दीवारों व टीनशेड में छेद हो गए। आलू किसानों के खेतों में खुदे पड़े आलू पूरी तरह से बर्बाद हो गए। वहीं गेहूं, सरसों और अन्य फसलें भी नष्ट हो गई। बारिश और ओलावृष्टि के चलते शहर में भी जनजीवन प्रभावित हुआ।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से कुदरत का कहर किसान पर पड़ रहा है। पिछले सप्ताह जिले के कई इलाकों में जमकर बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। इससे गेंहू, आलू व सरसों की फसल काफी क्षति पहुंची थी। अब रही सही कसर शनिवार को हुई ओलावृष्टि व बारिश ने पूरी कर दी है। शाम 6 बजे के करीब सूखे ओले पड़े जोकि काफी वजनी थे। शहर के लोग भी इसे देख हैरत में रह गए। इसके बाद आसमान में बिजली चमकी और तेज बारिश भी हुई।
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किसान को यह बारिश व ओलावृष्टि बर्बादी के कगार पर ले गई। देर रात तक रूक-रूक कर बारिश हो रही थी। शहर में भी ओलावृष्टि और बारिश का असर देखने को मिला। ओला पड़ते ही लोग इनसे बचने के लिए भागने लगे। बारिश से भी लोगों ने बचने के उपाय किए। शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया और जगह जगहै कीचड़ हो गई। बिजली भी काफी देर तक बाधित रही।
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पिछली ओलावृष्टि से हुई थी 20 फीसदी फसल को नुकसान
हाथरस। पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से आलू , गेंहू व अन्य फसलें बर्बाद हुई थी। इन फसलों के प्रभावित होने का जिला प्रशासन की ओर से आकलन कराया गया था।सरकारी आंकड़ों के अनुसार 113211 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें ओला वृष्टि व बारिश से प्रभावित हुई थीं और 119000 किसान भी प्रभावित हुए थे। हालांकि इसके बाबजूद भी सरकारी आंकड़ों में नुकसान 15 से 20 फीसदी का ही दर्ज किया गया था। ऐसे में किसानों को नुकसान का मुआवजा नहीं मिला था।
पिछले दिनों हुई बारिश व ओलावृष्टि से तो 10 से 15 फीसदी नुकसान आलू व गेंहू की फसल में हुआ था, लेकिन शनिवार को तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि व बारिश ने किसान को परेशानी में डाल दिया। आने वाले एक दो दिन में भी बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा है। किसान अपनी फसल में हुए नुकसान की शिकायत उप कृषि निदेशक कार्यालय में दर्ज करा दें, ताकि उनके नुकसान का आंकलन किया जा सके।
-डॉ. एसआर सिंह, अध्यक्ष/वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र हाथरस
शनिवार को हुई ओलावृष्टि व बारिश से हुई फसल नुकसान का राजस्व की टीम लगाकर आंकलन कराया जाएगा। पीड़ित किसानों को आर्थिक मदद मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा।
-प्रवीण कुमार लक्षकार, डीएम

हाथरस: बारिश व ओलावृष्टि के दौरान लाइट जलाकर जाते वाहन और सड़क पर पडे़ ओले।- फोटो : HATHRAS

हाथरस: सासनी में ओलावृष्टि के बाद सड़क पर जमा हुए ओले।- फोटो : HATHRAS