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हाथरस: सरकारी बंजर भूमि पर चलता मिला निजी जूनियर हाईस्कूल
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
नगला विजन से एनएच-91 तक बनने वाले बाइपास के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान गांव बरामई की ग्राम समाज की बजंर भूमि पर एक प्राइवेट जूनियर हाईस्कूल के संचालन का मामला सामने आया है। उक्त मामले के सामने आते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने खलबली मच गई। दस्तावेजों को खंगालने के दौरान सामने आया कि विगत में यह भूमि ग्राम समाज की बंजर भूमि में दर्ज थी, जोकि करीब 25 साल पहले खतौनी में जूनियर हाईस्कूल के नाम दर्ज कराई गई। अब उक्त भूमि को मार्च माह में प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह कराकर अन्य अभिलेखों में भी जूनियर हाईस्कूल में दर्ज करा लिया गया। वहीं उक्त प्रकरण में एसडीएम ने रेस्टोलेशन की कार्रवाई को फिर से निरस्त कर आपत्ति मांगी है।
एनएच-91 तक बाइपास बनाए जाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से कायस्थकारों को भूमि के अनुसार मुआवजे दिए जाने के लिए पत्रावलियों को तैयार किया जा रहा है। इसी के चलते एडीएम जेपी सिंह ने सिकंदराराऊ क्षेत्र में बाइपास के भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ऐसी हकीकत सामने आई जिसे देख प्रशासनिक अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
एडीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मथुरा बरेली राजमार्ग के एनएच -91 के समीप गांव बरामई की ग्राम समाज की बंजर भूमि पर एक प्राइवेट जूनियर हाईस्कूल चलता हुआ पाया गया। उक्त भूमि को करीब 20 से 30 साल पूर्व खतौनी में जूनियर हाईस्कूल व आबादी के नाम से दर्ज करा लिया गया था, लेकिन पुराने अभिलेखों में यह भूमि ग्राम समाज की बंजर भूमि के रूप में दर्ज है। उक्त कॉलेज संचालकों ने प्रशसनिक अधिकारियों को गुमराह करते हुए सरकारी अभिलेखों में नाम सुधार का एक प्रार्थना पत्र देकर एसडीएम सिकंदराराऊ से अन्य दस्तावेजों में भी जूनियर हाईस्कूल का नाम दर्ज करा लिया।
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हालांकि उक्त मामले के सामने आने के बाद रेस्टोरेशन के आदेश को निरस्त कर दिया गया है। एडीएम ने बताया कि इस मामले में विगत में तैनात रहे लेखपाल पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की पूरी विस्तृत रिपोर्ट एसडीएम से मांगी गई है। जो भी कर्मचारी इस मामले में दोषी होगा सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुआवजा अभी दिया नहीं गया है।
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नगला विजन से एनएच-91 तक बनने वाले बाइपास के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान गांव बरामई की ग्राम समाज की बजंर भूमि पर एक प्राइवेट जूनियर हाईस्कूल के संचालन का मामला सामने आया है। उक्त मामले के सामने आते ही प्रशासनिक अधिकारियों ने खलबली मच गई। दस्तावेजों को खंगालने के दौरान सामने आया कि विगत में यह भूमि ग्राम समाज की बंजर भूमि में दर्ज थी, जोकि करीब 25 साल पहले खतौनी में जूनियर हाईस्कूल के नाम दर्ज कराई गई। अब उक्त भूमि को मार्च माह में प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह कराकर अन्य अभिलेखों में भी जूनियर हाईस्कूल में दर्ज करा लिया गया। वहीं उक्त प्रकरण में एसडीएम ने रेस्टोलेशन की कार्रवाई को फिर से निरस्त कर आपत्ति मांगी है।
एनएच-91 तक बाइपास बनाए जाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण का काम किया जा रहा है। जिला प्रशासन की ओर से कायस्थकारों को भूमि के अनुसार मुआवजे दिए जाने के लिए पत्रावलियों को तैयार किया जा रहा है। इसी के चलते एडीएम जेपी सिंह ने सिकंदराराऊ क्षेत्र में बाइपास के भूमि अधिग्रहण को लेकर स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ऐसी हकीकत सामने आई जिसे देख प्रशासनिक अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
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एडीएम ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मथुरा बरेली राजमार्ग के एनएच -91 के समीप गांव बरामई की ग्राम समाज की बंजर भूमि पर एक प्राइवेट जूनियर हाईस्कूल चलता हुआ पाया गया। उक्त भूमि को करीब 20 से 30 साल पूर्व खतौनी में जूनियर हाईस्कूल व आबादी के नाम से दर्ज करा लिया गया था, लेकिन पुराने अभिलेखों में यह भूमि ग्राम समाज की बंजर भूमि के रूप में दर्ज है। उक्त कॉलेज संचालकों ने प्रशसनिक अधिकारियों को गुमराह करते हुए सरकारी अभिलेखों में नाम सुधार का एक प्रार्थना पत्र देकर एसडीएम सिकंदराराऊ से अन्य दस्तावेजों में भी जूनियर हाईस्कूल का नाम दर्ज करा लिया।
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हालांकि उक्त मामले के सामने आने के बाद रेस्टोरेशन के आदेश को निरस्त कर दिया गया है। एडीएम ने बताया कि इस मामले में विगत में तैनात रहे लेखपाल पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की पूरी विस्तृत रिपोर्ट एसडीएम से मांगी गई है। जो भी कर्मचारी इस मामले में दोषी होगा सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुआवजा अभी दिया नहीं गया है।