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हाथरस : हिंदी विश्व में गौरव, यह संपूर्ण भारत की शान है...
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हाथरस : अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले एमएलडीवी इंटर कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन में काव्य पाठ क?
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले सोमवार को ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के तहत शहर के एमएलडीवी इंटर कॉलेज में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में ओज और हास्य के कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। कविताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को कार्य व्यवहार में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। काव्य प्रस्तुतियों पर कॉलेज परिसर तालियों की गड़गड़हाट से गूंज उठा। कवियों का प्रतीक चिह्न देकर और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छवि चित्र पर माल्यार्पण कर पूर्व प्रधानाचार्य स्वतंत्र कुमार गुप्त ने किया। संचालन नितिन मिश्रा ने किया। राणा मुनि प्रताप ने मां शारदे के चरणों में नमन करते हुए काव्य पाठ की शुरुआत की।
माथे पर हिंदी की बिंदी, अधरों पर अक्षर माला, विश्व में हिंदी भाषा का फैले उमर उजाला
- सबरस मुरसानी
यदि स्वीकारी परदेश सभ्यता वेदांतों पर कौन चलेगा। कैद रहे तुम स्वारथ में तो सीमांतों पर कौन चलेगा। तुम अपने पद चिह्नों को यदि उचित रूप न दे पाए तो तुम्हारे अपने आदर्शों और सिद्धांतों पर कौन चलेगा।
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- राणा मुनी प्रताप
हथियारों पर लगे रक्त ने केवल आंसू ही बांटे हैं, संतापों और रुदन के बोलो मंजर कब छांटे हैं। हथियारों से जख्म मिलेंगे, मरहम नहीं मिला करता है। गर्म हवा में वसंत का मौसम नहीं मिला करता है। याद रखो इस युगवाणी को, भूले अगर बिखर जाओगे। हथियार थाम लोगे तो फिर उसके ही घाट उतर जाओगे।
-नितिन मिश्रा
हिंदी हिंद विश्व में गौरव, ये संपूर्ण भारत की शान है
-रविकांत सिंह, बाल कवि
बिजली चमकती है तो आकाश बदल देती है। उठती है आंधी तो दिन-रात बदल देती है। जब गरजती है नारी शक्ति तो इतिहास बदल देती है, इतिहास बदल देती है।
-शालिनी पाठक।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर पदम अलबेला, निस्वार्थ सेवा संस्था के सुनील अग्रवाल ने हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में राजेंद्र कुमार, संजय मिश्रा, सारिका सोनी, सुनील गौतम, शिवानी शर्मा, प्रधानाचार्य पूनम वार्ष्णेय, मनीष कुमार, पुनीत गुप्ता, को-ऑर्डिनेटर शैलकांता गुप्ता, डिप्टी डायरेक्टर कुमोद कुमार गुप्ता, हर्षित गुप्ता एडवोकेट, साजिया रफीक खान, रविकांत गुप्ता, मोहिता गुप्ता, विश्वदीप, अनन्या, निराली, प्रमिका, युविका, युग गुप्ता आदि थे।
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अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले सोमवार को ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के तहत शहर के एमएलडीवी इंटर कॉलेज में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में ओज और हास्य के कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। कविताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को कार्य व्यवहार में हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। काव्य प्रस्तुतियों पर कॉलेज परिसर तालियों की गड़गड़हाट से गूंज उठा। कवियों का प्रतीक चिह्न देकर और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छवि चित्र पर माल्यार्पण कर पूर्व प्रधानाचार्य स्वतंत्र कुमार गुप्त ने किया। संचालन नितिन मिश्रा ने किया। राणा मुनि प्रताप ने मां शारदे के चरणों में नमन करते हुए काव्य पाठ की शुरुआत की।
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माथे पर हिंदी की बिंदी, अधरों पर अक्षर माला, विश्व में हिंदी भाषा का फैले उमर उजाला
- सबरस मुरसानी
यदि स्वीकारी परदेश सभ्यता वेदांतों पर कौन चलेगा। कैद रहे तुम स्वारथ में तो सीमांतों पर कौन चलेगा। तुम अपने पद चिह्नों को यदि उचित रूप न दे पाए तो तुम्हारे अपने आदर्शों और सिद्धांतों पर कौन चलेगा।
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- राणा मुनी प्रताप
हथियारों पर लगे रक्त ने केवल आंसू ही बांटे हैं, संतापों और रुदन के बोलो मंजर कब छांटे हैं। हथियारों से जख्म मिलेंगे, मरहम नहीं मिला करता है। गर्म हवा में वसंत का मौसम नहीं मिला करता है। याद रखो इस युगवाणी को, भूले अगर बिखर जाओगे। हथियार थाम लोगे तो फिर उसके ही घाट उतर जाओगे।
-नितिन मिश्रा
हिंदी हिंद विश्व में गौरव, ये संपूर्ण भारत की शान है
-रविकांत सिंह, बाल कवि
बिजली चमकती है तो आकाश बदल देती है। उठती है आंधी तो दिन-रात बदल देती है। जब गरजती है नारी शक्ति तो इतिहास बदल देती है, इतिहास बदल देती है।
-शालिनी पाठक।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर पदम अलबेला, निस्वार्थ सेवा संस्था के सुनील अग्रवाल ने हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में राजेंद्र कुमार, संजय मिश्रा, सारिका सोनी, सुनील गौतम, शिवानी शर्मा, प्रधानाचार्य पूनम वार्ष्णेय, मनीष कुमार, पुनीत गुप्ता, को-ऑर्डिनेटर शैलकांता गुप्ता, डिप्टी डायरेक्टर कुमोद कुमार गुप्ता, हर्षित गुप्ता एडवोकेट, साजिया रफीक खान, रविकांत गुप्ता, मोहिता गुप्ता, विश्वदीप, अनन्या, निराली, प्रमिका, युविका, युग गुप्ता आदि थे।