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हाथरस : 30 साल से फरार चल रहे सजायाफ्ता को पुलिस ने किया गिरफ्तार
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हाथरस : हाथरस जंक्शन पुलिस द्वारा पकड़ा गया फरार आरोपी राधाचरन। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोतवाली थाना हाथरस जंक्शन पुलिस ने 30 साल से फरार चल रहे एक सजायाफ्ता अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। वह अपनी सारी संपत्ति बेचकर दिल्ली में जगह बदल-बदल कर रह रहा था।
करीब 32 साल पहले वर्ष 1990 में थाना हाथरस जंक्शन पर थाना क्षेत्र के ग्राम अलीपुर निवासी राधाचरन पुत्र शंकरलाल ने एक युवती के साथ छेड़खानी करते हुए उसकी हत्या कर दी थी। इसके संबंध में राधाचरन पुत्र शंकरलाल के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायधीश जनपद अलीगढ़ ने 1990 में साक्ष्यों के आधार पर राधाचरन को सजा सुनाई थी।
इसके बाद राधाचरन ने उच्च न्यायालय प्रयागराज में अपील दाखिल की। इस पर वर्ष 1992 में उच्च न्यायालय प्रयागराज ने पैरोल पर रिहा कर दिया। वर्ष 1992 से वह पैरोल पर जेल से रिहा होने के बाद न्यायालय के समक्ष हाजिर नहीं हुआ। वह अपनी चल-अचल संपत्ति बेचकर फरार हो गया। राधाचरन की तलाश और गिरफ्तारी के लिए उच्च न्यायालय प्रयागराज द्वारा अधिपत्र भी निर्गत किए। इसके उपरांत एसपी हाथरस विकास कुमार वैद्य ने उसकी तलाश के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया।
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पुलिस ने अब राधाचरन को गिरफ्तार कर लिया। वह अपनी पहचान छिपाकर अपने बच्चों सहित किराये के मकान में दिल्ली में रह रहा है और वहां मजदूरी पर काम करता था। फरार होने की बाद कभी अपने गांव नही लौटा था। उसे जब यह जानकारी मिली कि पुलिस उसे दिल्ली में तलाश कर रही है तो वहां से भागकर अपने रिश्तेदारों के घर छिपने के लिए जा रहा था। हाथरस जंक्शन पुलिस ने उसे गांव दरियापुर से गिरफ्तार कर लिया। संवाद
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कोतवाली थाना हाथरस जंक्शन पुलिस ने 30 साल से फरार चल रहे एक सजायाफ्ता अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। वह अपनी सारी संपत्ति बेचकर दिल्ली में जगह बदल-बदल कर रह रहा था।
करीब 32 साल पहले वर्ष 1990 में थाना हाथरस जंक्शन पर थाना क्षेत्र के ग्राम अलीपुर निवासी राधाचरन पुत्र शंकरलाल ने एक युवती के साथ छेड़खानी करते हुए उसकी हत्या कर दी थी। इसके संबंध में राधाचरन पुत्र शंकरलाल के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायधीश जनपद अलीगढ़ ने 1990 में साक्ष्यों के आधार पर राधाचरन को सजा सुनाई थी।
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इसके बाद राधाचरन ने उच्च न्यायालय प्रयागराज में अपील दाखिल की। इस पर वर्ष 1992 में उच्च न्यायालय प्रयागराज ने पैरोल पर रिहा कर दिया। वर्ष 1992 से वह पैरोल पर जेल से रिहा होने के बाद न्यायालय के समक्ष हाजिर नहीं हुआ। वह अपनी चल-अचल संपत्ति बेचकर फरार हो गया। राधाचरन की तलाश और गिरफ्तारी के लिए उच्च न्यायालय प्रयागराज द्वारा अधिपत्र भी निर्गत किए। इसके उपरांत एसपी हाथरस विकास कुमार वैद्य ने उसकी तलाश के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया।
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पुलिस ने अब राधाचरन को गिरफ्तार कर लिया। वह अपनी पहचान छिपाकर अपने बच्चों सहित किराये के मकान में दिल्ली में रह रहा है और वहां मजदूरी पर काम करता था। फरार होने की बाद कभी अपने गांव नही लौटा था। उसे जब यह जानकारी मिली कि पुलिस उसे दिल्ली में तलाश कर रही है तो वहां से भागकर अपने रिश्तेदारों के घर छिपने के लिए जा रहा था। हाथरस जंक्शन पुलिस ने उसे गांव दरियापुर से गिरफ्तार कर लिया। संवाद