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हाथरस : खेल के मैदान बदहाल, प्रतिभाएं कहां करें अभ्यास
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हाथरस : आगरा रोड स्थित एमजी पॉलीटेिक्नक का खेल का मैदान।
- फोटो : HATHRAS
गौरव भारद्वाज
हाथरस। शहर के ज्यादातर स्कूल-कॉलेजों के मैदान कूड़ाघर में तब्दील हो चुके हैं। वहां गंदा पानी भरा हुआ है। वर्षों से इन मैदानों की सफाई ही नहीं हुई है। शहर में जब नामचीन शिक्षण संस्थाओं की स्थापना हुई तो इनके मैदान भी इस मकसद से बनाए गए कि छात्र-छात्राएं यहां खेलेंगे और शिक्षा के साथ खेलकूद में भी अपनी संस्थाओं और शहर का नाम रोशन करेंगे, लेकिन वर्तमान में इन संस्थाओं के खेल के मैदान बदहाली के शिकार हैं। इन मैदानों में गंदा पानी भरा रहता है और यहां कचरा फेंका जाता है। वर्षों से इन मैदानों पर खेलकूद का आयोजन भी नहीं हो सका है। इन स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले ज्यादातर विद्यार्थियों को तो यही नहीं मालूम कि उनकी संस्था का कोई मैदान भी है।
शहर के कई बड़े स्कूल-कॉलेजों के खेल के मैदान गंदे पानी से लबालब हैं और इनमें कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। शहर के कई इलाकों का गंदा पानी इन स्कूल-कॉलेजों के मैदानों में पहुंचता है। आगरा रोड पर एमजी पॉलीटेकिभनक का मैदान जलभराव के चलते बदहाल है। यहां कई वर्षों से कोई खेल प्रतियोगिता का आयोजन ही नहीं हुआ है। आसपास के कई मोहल्लों का पानी यहां भर जाता है और इसकी निकासी के लिए नगर पालिका प्रशासन को पंप लगाना पड़ता है।
सरस्वती इंटर कॉलेज, सरस्वती डिग्री कॉलेज, अक्रूर इंटर कॉलेज, आदर्श इंटर कॉलेज के मैदान पर जलभराव व गंदगी का साम्राज्य है। एमजी पॉलीटेकिभनक में 2040, सरस्वती इंटर कॉलेज में 1750, सरस्वती डिग्री कॉलेज में करीब 500, रामबाग इंटर कॉलेज में 700, अंक्रूर इंटर कॉलेज में 550, आदर्श इंटर कॉलेज में करीब 1100 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यदि इन विद्यार्थियों को खेल का मैदान मिल जाए तो निश्चित ही इनकी प्रतिभा को धार मिलेगी।
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खेल के मैदान में कूड़े के ढेर लगे हैं। यदि बच्चों को साफ खेल का मैदान मिले तो प्रतिभाएं और निखरकर सामने आ सकती हैं। मैदान में जलभराव था, जो अब खत्म हो गया है। गंदगी के कारण मैदान की स्थिति बहुत खराब है।
-सत्यभान गुप्ता, प्रधानाचार्य सरस्वती इंटर कॉलेज
मैदान पर गंदगी व जलभराव के कारण विद्यार्थी खेल नहीं पाते हैं। मैदान की सफाई और जलभराव को दूर कराने के लिए नगर पालिका के ईओ से लगातार संपर्क किया जा रहा है। मैदान को साफ-सुथरा बनाने के लिए कोशिशें जारी हैं।
-रामतेज, प्रधानाचार्य अक्रूर इंटर कॉलेज
हमारे विद्यालय का अलग से कोई खेल का मैदान नहीं है। जो कुछ है, विद्यालय में है। बारिश के दौरान यहां भी जलभराव हो जाता है। खेल मैदान से विद्यार्थियों को खेलों के अभ्यास में सुविधा होती है।
-मदनगोपाल रावत, प्रधानाचार्य रामबाग इंटर कॉलेज
खेल के मैदान से बच्चों की प्रतिभा तो निखरती है। साथ ही बच्चों का शारीरिक विकास होता है। शिव कॉलोनी में पानी की निकासी की सुविधा न होने के कारण हमारे स्कूल के मैदान पर जलभराव हो रहा है। इसे लेकर लगातार नगर पालिका से संपर्क किया जा रहा है।
-मीरा कौशिक, प्रबंधक, उमेश चंद्र आदर्श इंटर कॉलेज
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हाथरस। शहर के ज्यादातर स्कूल-कॉलेजों के मैदान कूड़ाघर में तब्दील हो चुके हैं। वहां गंदा पानी भरा हुआ है। वर्षों से इन मैदानों की सफाई ही नहीं हुई है। शहर में जब नामचीन शिक्षण संस्थाओं की स्थापना हुई तो इनके मैदान भी इस मकसद से बनाए गए कि छात्र-छात्राएं यहां खेलेंगे और शिक्षा के साथ खेलकूद में भी अपनी संस्थाओं और शहर का नाम रोशन करेंगे, लेकिन वर्तमान में इन संस्थाओं के खेल के मैदान बदहाली के शिकार हैं। इन मैदानों में गंदा पानी भरा रहता है और यहां कचरा फेंका जाता है। वर्षों से इन मैदानों पर खेलकूद का आयोजन भी नहीं हो सका है। इन स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले ज्यादातर विद्यार्थियों को तो यही नहीं मालूम कि उनकी संस्था का कोई मैदान भी है।
शहर के कई बड़े स्कूल-कॉलेजों के खेल के मैदान गंदे पानी से लबालब हैं और इनमें कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। शहर के कई इलाकों का गंदा पानी इन स्कूल-कॉलेजों के मैदानों में पहुंचता है। आगरा रोड पर एमजी पॉलीटेकिभनक का मैदान जलभराव के चलते बदहाल है। यहां कई वर्षों से कोई खेल प्रतियोगिता का आयोजन ही नहीं हुआ है। आसपास के कई मोहल्लों का पानी यहां भर जाता है और इसकी निकासी के लिए नगर पालिका प्रशासन को पंप लगाना पड़ता है।
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सरस्वती इंटर कॉलेज, सरस्वती डिग्री कॉलेज, अक्रूर इंटर कॉलेज, आदर्श इंटर कॉलेज के मैदान पर जलभराव व गंदगी का साम्राज्य है। एमजी पॉलीटेकिभनक में 2040, सरस्वती इंटर कॉलेज में 1750, सरस्वती डिग्री कॉलेज में करीब 500, रामबाग इंटर कॉलेज में 700, अंक्रूर इंटर कॉलेज में 550, आदर्श इंटर कॉलेज में करीब 1100 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यदि इन विद्यार्थियों को खेल का मैदान मिल जाए तो निश्चित ही इनकी प्रतिभा को धार मिलेगी।
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खेल के मैदान में कूड़े के ढेर लगे हैं। यदि बच्चों को साफ खेल का मैदान मिले तो प्रतिभाएं और निखरकर सामने आ सकती हैं। मैदान में जलभराव था, जो अब खत्म हो गया है। गंदगी के कारण मैदान की स्थिति बहुत खराब है।
-सत्यभान गुप्ता, प्रधानाचार्य सरस्वती इंटर कॉलेज
मैदान पर गंदगी व जलभराव के कारण विद्यार्थी खेल नहीं पाते हैं। मैदान की सफाई और जलभराव को दूर कराने के लिए नगर पालिका के ईओ से लगातार संपर्क किया जा रहा है। मैदान को साफ-सुथरा बनाने के लिए कोशिशें जारी हैं।
-रामतेज, प्रधानाचार्य अक्रूर इंटर कॉलेज
हमारे विद्यालय का अलग से कोई खेल का मैदान नहीं है। जो कुछ है, विद्यालय में है। बारिश के दौरान यहां भी जलभराव हो जाता है। खेल मैदान से विद्यार्थियों को खेलों के अभ्यास में सुविधा होती है।
-मदनगोपाल रावत, प्रधानाचार्य रामबाग इंटर कॉलेज
खेल के मैदान से बच्चों की प्रतिभा तो निखरती है। साथ ही बच्चों का शारीरिक विकास होता है। शिव कॉलोनी में पानी की निकासी की सुविधा न होने के कारण हमारे स्कूल के मैदान पर जलभराव हो रहा है। इसे लेकर लगातार नगर पालिका से संपर्क किया जा रहा है।
-मीरा कौशिक, प्रबंधक, उमेश चंद्र आदर्श इंटर कॉलेज