{"_id":"600335e48ebc3e333b6f1b06","slug":"hathras-pending-investigation-against-43-former-princes-dm-s-ascent-mercury-hathras-news-ali2539334170","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : 43 पूर्व प्रधानों के खिलाफ जांचें लंबित, डीएम का चढ़ा पारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : 43 पूर्व प्रधानों के खिलाफ जांचें लंबित, डीएम का चढ़ा पारा
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कलेक्ट्रेट सभागार में पूर्व ग्राम प्रधानों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की लंबित जांचों के संबंध में डीएम रमेश रंजन ने संबंधित अधिकारियों को जांच रिपोर्ट फोटो सहित उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। लंबित संदर्भों की संख्या अधिक होने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
डीएम ने कहा कि जिन लोगों को जांच के लिए नामित किया गया है, वह गठित टीम से समन्वय स्थापित कर जांच तत्काल पूरी करें। उन्होंने कहा कि यदि गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो गुणवत्ता की जांच के नमूने लैब में भिजवाएं। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि जिन जांचों की रिपोर्ट सचिव या एडीओ पंचायत द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई है, उनको तत्काल उपलब्ध कराएं।
डीपीआरओ ने कहा कि जिला युवा एवं कल्याण अधिकारी स्तर पर दो, जिला सहायक निबंधक सहकारिता स्तर पर सात, प्राचार्य आईटीआई सिकंदराराऊ स्तर पर दो, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर पर दो, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी स्तर पर एक, सहायक अभियंता लघु सिंचाई स्तर पर दो, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र स्तर पर एक, जिला उद्यान अधिकारी स्तर पर चार, उप कृषि निदेशक स्तर पर एक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर पर दो, जिला कृषि अधिकारी स्तर पर एक, पुलिस अधीक्षक स्तर पर एक, उप जिलाधिकारी सिकंदराराऊ स्तर पर दो, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग स्तर पर एक, भूमि संरक्षण अधिकारी स्तर पर छह, जिला समाज कल्याण अधिकारी स्तर पर नौ जांचें लंबित हैं। जिले में कुल 43 शिकायतें लंबित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट सभागार में पूर्व ग्राम प्रधानों के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की लंबित जांचों के संबंध में डीएम रमेश रंजन ने संबंधित अधिकारियों को जांच रिपोर्ट फोटो सहित उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। लंबित संदर्भों की संख्या अधिक होने पर डीएम ने नाराजगी जताई।
डीएम ने कहा कि जिन लोगों को जांच के लिए नामित किया गया है, वह गठित टीम से समन्वय स्थापित कर जांच तत्काल पूरी करें। उन्होंने कहा कि यदि गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो गुणवत्ता की जांच के नमूने लैब में भिजवाएं। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि जिन जांचों की रिपोर्ट सचिव या एडीओ पंचायत द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई है, उनको तत्काल उपलब्ध कराएं।
विज्ञापन
डीपीआरओ ने कहा कि जिला युवा एवं कल्याण अधिकारी स्तर पर दो, जिला सहायक निबंधक सहकारिता स्तर पर सात, प्राचार्य आईटीआई सिकंदराराऊ स्तर पर दो, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर पर दो, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी स्तर पर एक, सहायक अभियंता लघु सिंचाई स्तर पर दो, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र स्तर पर एक, जिला उद्यान अधिकारी स्तर पर चार, उप कृषि निदेशक स्तर पर एक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर पर दो, जिला कृषि अधिकारी स्तर पर एक, पुलिस अधीक्षक स्तर पर एक, उप जिलाधिकारी सिकंदराराऊ स्तर पर दो, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग स्तर पर एक, भूमि संरक्षण अधिकारी स्तर पर छह, जिला समाज कल्याण अधिकारी स्तर पर नौ जांचें लंबित हैं। जिले में कुल 43 शिकायतें लंबित हैं।
विज्ञापन