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हाथरस : बारिश से धान में नुकसान, आलू की बुवाई में होगी देरी
सार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस दो दिन से हो रही बारिश फसलों पर आफत बन गई है।आलू की गड़ाई के लिए तैयार किए गए खेतों में बारिश का पानी भर गया है।यदि बारिश और होती है तो इससे धान की फसल को अधिक नुकसान होगा।
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हाथरस : बारिश के चलते धान की कटी फसल में भरा पानी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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विस्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दो दिन से हो रही बारिश फसलों पर आफत बन गई है। धान और सब्जी की फसल पानी में डूबी हुई हैं। आलू की गड़ाई के लिए तैयार किए गए खेतों में बारिश का पानी भर गया है। आलू की बुवाई में अब और देरी होगी। इसे लेकर किसान काफी परेशान हो गए हैं।
पहले पानी की कमी के कारण किसान परेशान थे। जब फसल तैयार होने को हुई तो अतिवृष्टि की वजह से धान की फसल चौपट हो रही है। इस बारिश ने अन्नदाता को मायूस कर दिया है। उनका कहना है कि अबकी लगता है कि धान की फसल घर नहीं आ पाएगी। पहले सूखे और महंगाई ने उन्हें मारा, अब रही-सही कसर बारिश ने पूरी कर दी।
शुक्रवार की दोपहर से बारिश शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक थमने का नाम नहीं ले रही। धान की फसल चौपट होते देख किसान परेशानी में आ गए हैं। आलू की गड़ाई के लिए तैयार किए गए खेतों में भरे बारिश के पानी ने किसानों की मुसीबत और बढ़ा दी है। गांव बरामई निवासी विनोद कुमार ने बताया कि बारिश के कारण धान की फसल खराब हो जाएगी। ऐसे में पैदावार आधी हो जाएगी।
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आलू के लिए तैयार किए गए खेत में पानी भर गया है। अब फिर से आलू के लिए आसमान साफ होने पर खेत को तैयार करना पड़ेगा। किसान बृजमोहन ने बताया कि धान की फसल चौपट होने के साथ ही आलू के लिए तैयार किए गए खेत में भी पानी भर गया है। खेत में पानी भर जाने से आलू की बुवाई के लिए खेत तैयार करने में देरी होगी। संवाद
इस समय सरसों और आलू आदि फसलों की बुवाई का समय चल रहा है, जिससे फसल बोने में देरी होगी। इस समय की बारिश नुकसान पहुंचाने वाली साबित होगी। दूसरी ओर इस बारिश से तापमान में गिरावट आ गई है। कहीं अधिक तो कहीं कम बारिश होने से कुछ स्थानों पर पानी भर गया। इस बारिश से तापमान में गिरावट आ गई है। इस तरह का मौसम अगले कई दिन तक रहने की संभावना है। यदि बारिश और होती है तो इससे धान की फसल को अधिक नुकसान होगा। साथ ही आगामी फसलों की बुवाई प्रभावित होगी।
-डॉ. एसआर सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक।
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दो दिन से हो रही बारिश फसलों पर आफत बन गई है। धान और सब्जी की फसल पानी में डूबी हुई हैं। आलू की गड़ाई के लिए तैयार किए गए खेतों में बारिश का पानी भर गया है। आलू की बुवाई में अब और देरी होगी। इसे लेकर किसान काफी परेशान हो गए हैं।
पहले पानी की कमी के कारण किसान परेशान थे। जब फसल तैयार होने को हुई तो अतिवृष्टि की वजह से धान की फसल चौपट हो रही है। इस बारिश ने अन्नदाता को मायूस कर दिया है। उनका कहना है कि अबकी लगता है कि धान की फसल घर नहीं आ पाएगी। पहले सूखे और महंगाई ने उन्हें मारा, अब रही-सही कसर बारिश ने पूरी कर दी।
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शुक्रवार की दोपहर से बारिश शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक थमने का नाम नहीं ले रही। धान की फसल चौपट होते देख किसान परेशानी में आ गए हैं। आलू की गड़ाई के लिए तैयार किए गए खेतों में भरे बारिश के पानी ने किसानों की मुसीबत और बढ़ा दी है। गांव बरामई निवासी विनोद कुमार ने बताया कि बारिश के कारण धान की फसल खराब हो जाएगी। ऐसे में पैदावार आधी हो जाएगी।
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आलू के लिए तैयार किए गए खेत में पानी भर गया है। अब फिर से आलू के लिए आसमान साफ होने पर खेत को तैयार करना पड़ेगा। किसान बृजमोहन ने बताया कि धान की फसल चौपट होने के साथ ही आलू के लिए तैयार किए गए खेत में भी पानी भर गया है। खेत में पानी भर जाने से आलू की बुवाई के लिए खेत तैयार करने में देरी होगी। संवाद
इस समय सरसों और आलू आदि फसलों की बुवाई का समय चल रहा है, जिससे फसल बोने में देरी होगी। इस समय की बारिश नुकसान पहुंचाने वाली साबित होगी। दूसरी ओर इस बारिश से तापमान में गिरावट आ गई है। कहीं अधिक तो कहीं कम बारिश होने से कुछ स्थानों पर पानी भर गया। इस बारिश से तापमान में गिरावट आ गई है। इस तरह का मौसम अगले कई दिन तक रहने की संभावना है। यदि बारिश और होती है तो इससे धान की फसल को अधिक नुकसान होगा। साथ ही आगामी फसलों की बुवाई प्रभावित होगी।
-डॉ. एसआर सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक।