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हाथरस: चिकित्सकों के अभाव में जिला महिला अस्पताल की ओपीडी ठप
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हाथरस: बागला जिला महिला अस्पताल में लगी भीड़ व चिकित्सकों के अभाव में परेशान मरीज।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला महिला अस्पताल का हाल-बेहाल है। यहां की ओपीडी की अगर बात करें तो पिछले चार महीने से महिला चिकित्सक न होने के कारण ओपीडी बंद पड़ी है। इस कारण अस्पताल आने वाली महिला रोगियों को भटकना पड़ रहा है। ऐसे में निजी महिला चिकित्सकों के यहां महिला रोगियों की भीड़ लगी हुई है। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हर दिन जिलेभर से सैकड़ों की संख्या में महिला रोगी जिला महिला अस्पताल इलाज की उम्मीद लेकर आती हैं, लेकिन यहां पर चिकित्सक नहीं होने के कारण महिला रोगियों निराश हाथ लग रही है। जांच के नाम पर भी यहां पर खानापूर्ति हो रही है। महिला रोगियों को स्टाफ नर्स व अस्पताल का अन्य स्टाफ चिकित्सकीय सलाह दे रहा है।
ऐसे में मजबूरन महिला रोगियों को निजी चिकित्सकों का रुख करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर अस्पताल प्रशासन भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। यहां पर सामान्य प्रसव की उम्मीद लेकर आने वाली महिलाओं को भी निराशा हाथ लग रही है। लोगों की मानें तो उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।
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हमारे यहां महिला चिकित्सकों की कमी है। एक ही चिकित्सक हैं। वहीं ओपीडी व इमरजेंसी की ड्यूटी करती हैं। अस्पताल आने वाली महिलाओं को हर संभव इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. रूपेंद्र गोयल, सीएमएस जिला महिला अस्पताल।
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जिला महिला अस्पताल का हाल-बेहाल है। यहां की ओपीडी की अगर बात करें तो पिछले चार महीने से महिला चिकित्सक न होने के कारण ओपीडी बंद पड़ी है। इस कारण अस्पताल आने वाली महिला रोगियों को भटकना पड़ रहा है। ऐसे में निजी महिला चिकित्सकों के यहां महिला रोगियों की भीड़ लगी हुई है। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हर दिन जिलेभर से सैकड़ों की संख्या में महिला रोगी जिला महिला अस्पताल इलाज की उम्मीद लेकर आती हैं, लेकिन यहां पर चिकित्सक नहीं होने के कारण महिला रोगियों निराश हाथ लग रही है। जांच के नाम पर भी यहां पर खानापूर्ति हो रही है। महिला रोगियों को स्टाफ नर्स व अस्पताल का अन्य स्टाफ चिकित्सकीय सलाह दे रहा है।
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ऐसे में मजबूरन महिला रोगियों को निजी चिकित्सकों का रुख करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर अस्पताल प्रशासन भी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। यहां पर सामान्य प्रसव की उम्मीद लेकर आने वाली महिलाओं को भी निराशा हाथ लग रही है। लोगों की मानें तो उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।
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हमारे यहां महिला चिकित्सकों की कमी है। एक ही चिकित्सक हैं। वहीं ओपीडी व इमरजेंसी की ड्यूटी करती हैं। अस्पताल आने वाली महिलाओं को हर संभव इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. रूपेंद्र गोयल, सीएमएस जिला महिला अस्पताल।