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हाथरस : डॉक्टरों को दिखाने के लिए करना पड़ता है घंटों इंतजार
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हाथरस : बागला जिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
गर्मी से पेट दर्द, उल्टी-दस्त के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं जिला अस्पताल में चिकित्सक बेहद कम हैं। 25 के सापेक्ष जिला अस्पताल में केवल नौ चिकित्सक हैं। बुधवार को बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में केवल पांच चिकित्सक बैठे और करीब दो हजार मरीजों की भीड़ उमड़ी। काफी देर इंतजार के बाद मरीजों का नंबर आया। मरीजों का यही कहना था कि उन्हें सही इलाज नहीं मिला।
जिला अस्पताल हो या फिर महिला जिला अस्पताल, दोनों ही जगहों पर सुबह से ही मरीजों की भीड़ नजर आने लगती है। पर्चा काउंटर, डॉक्टर रूम और फिर दवा काउंटर पर लोगों की भीड़ दिखाई देने लगती है, लेकिन यहां रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी के कारण रोगियों को सामान्य उपचार ही मिल पा रही है। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा शासन को भी अवगत करा दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो पा रही है। इस कारण मरीज तो आते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर को दिखाकर भी वह संतुष्ट नहीं दिखते हैं। संवाद
जिला अस्पताल में 25 के सापेक्ष नौ चिकित्सक तैनात हैं। बुधवार को ओपीडी में पांच चिकित्सक ही बैठे। वैसे अस्पताल आने वाले रोगियों को अच्छा उपचार दिया जा रहा है। हमारे पास जो भी आता है, उसे संतुष्ट करने का प्रयास रहता है। जो संसाधन उपलब्ध हैं, उनके आधार पर मरीजों को सुविधा बेहतर से बेहतर दिए जाने की कोशिश रहती है।
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-डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल।
घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर को दिखाने का नंबर आया, दवा तो मिल गई है, लेकिन संतुष्टि नहीं मिली है, क्योंकि यहां तो काफी भीड़ है।
-हरीबाबू, मरीज
पेट में दर्द की दवा दिलवाने के लिए आया था, डॉक्टर साहब ने देख तो लिया, लेकिन इस दवा से कितना फायदा मिलेगा, यह तो पता नहीं है।
-प्रकाशचंद्र, तीमारदार
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गर्मी से पेट दर्द, उल्टी-दस्त के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं जिला अस्पताल में चिकित्सक बेहद कम हैं। 25 के सापेक्ष जिला अस्पताल में केवल नौ चिकित्सक हैं। बुधवार को बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में केवल पांच चिकित्सक बैठे और करीब दो हजार मरीजों की भीड़ उमड़ी। काफी देर इंतजार के बाद मरीजों का नंबर आया। मरीजों का यही कहना था कि उन्हें सही इलाज नहीं मिला।
जिला अस्पताल हो या फिर महिला जिला अस्पताल, दोनों ही जगहों पर सुबह से ही मरीजों की भीड़ नजर आने लगती है। पर्चा काउंटर, डॉक्टर रूम और फिर दवा काउंटर पर लोगों की भीड़ दिखाई देने लगती है, लेकिन यहां रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी के कारण रोगियों को सामान्य उपचार ही मिल पा रही है। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा शासन को भी अवगत करा दिया गया है, लेकिन इसके बाद भी डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो पा रही है। इस कारण मरीज तो आते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर को दिखाकर भी वह संतुष्ट नहीं दिखते हैं। संवाद
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जिला अस्पताल में 25 के सापेक्ष नौ चिकित्सक तैनात हैं। बुधवार को ओपीडी में पांच चिकित्सक ही बैठे। वैसे अस्पताल आने वाले रोगियों को अच्छा उपचार दिया जा रहा है। हमारे पास जो भी आता है, उसे संतुष्ट करने का प्रयास रहता है। जो संसाधन उपलब्ध हैं, उनके आधार पर मरीजों को सुविधा बेहतर से बेहतर दिए जाने की कोशिश रहती है।
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-डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल।
घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर को दिखाने का नंबर आया, दवा तो मिल गई है, लेकिन संतुष्टि नहीं मिली है, क्योंकि यहां तो काफी भीड़ है।
-हरीबाबू, मरीज
पेट में दर्द की दवा दिलवाने के लिए आया था, डॉक्टर साहब ने देख तो लिया, लेकिन इस दवा से कितना फायदा मिलेगा, यह तो पता नहीं है।
-प्रकाशचंद्र, तीमारदार