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हाथरस : दुर्गा नवमी पर घर-घर जिमाए कन्या-लांगुरा, मंदिरों में भक्तों का लगा मेला
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हाथरस : महानवमी पर कन्या पूजन करती महिला। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
दुर्गा नवमी के मौके पर बृहस्पतिवार को शहर के देवी मंदिरों में सुबह से लेकर आधी रात तक भक्तों का मेला लगा रहा। सुबह घर-घर में पूजा-अर्चना के बाद कन्या लांगुरा जिमाए गए। मंदिरों में दोपहर तक जलाभिषेक के लिए भक्तों की खूब भीड़ उमड़ी। जमकर मारामारी मची। देवी के जयकारों के साथ घंटे-घड़ियालों की टंकार गूंजती रही। बुधवार की रात्रि से हुआ दंडौती परिक्रमा लगाने का सिलसिला बृहस्पतिवार की सुबह तक चलता रहा। भक्तों ने जगह-जगह शिविर लगाकर चना-हलवा, खीर, पूड़ी-सब्जी, मालपुआ, शर्बत के अलावा खान-पान की दूसरी चीजों का प्रसाद के रूप में वितरण किया। आधी रात तक शहर और क्षेत्र के प्रमुख देवी मंदिर सतरंगी रोशनी से जगमगाते रहे और यहां भक्तों का तांता लगा रहा।
पिछले आठ दिनों से भक्त मनोरथ पूर्ण होने की कामना के साथ श्रद्धाभाव से उपवास रखकर देवी जगदंबा की स्तुति कर रहे थे। बृहस्पतिवार को भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उपवास खोला। बृहस्पतिवार को मां सिद्धिदात्री की उपासना की गई। इस दिन साधकों को सिद्धियां प्राप्ती होती हैं और भक्तों की मुरादें पूरी हो जाती हैं। नवरात्र के आखिरी दिन शहर के देवी मंदिरों पर भक्तों का मेला लगा रहा। शाम तक पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। भीड़ के चलते मंदिरों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। दोपहर तक भक्तों ने दूध, गंगाजल, शहद, दही, घी और शक्कर से देवी मां का अभिषेक किया। अज्ञारी करके लौंग, कपूर, सिंदूर, गुग्गल, फल और पुष्प आदि चढ़ाकर मनोकामनापूर्ति की कामना की।
शहर के शीतला माता मंदिर व बौहरे वाली देवी मंदिर पर बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ थी। बौहरे वाली देवी मंदिर पर भक्तों की लंबी लाइन लगी थी। देवी के दर्शन के लिए भक्तों को कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा था। महानवमी के मौके पर देवी प्रतिमाओं के मनोहारी शृंगार किए गए। इनकी एक झलक पाने के लिए भक्त आतुर नजर आए। देवी मंदिरों पर शाम होते ही भजन कीर्तन व देवी की आराधना शुरू हो गई। मंदिरों में देर रात जागरण और अन्य धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे।
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कन्या लांगुराओं की गई खातिरदारी
हाथरस। महानवमी पर शहर में कन्या-लांगुरा जिमाए गए। सुबह से ही कन्या-लांगुरा रूपी बच्चों की टोलियां गली-मोहल्लों में बुलावे के इंतजार में घूमती नजर आईं। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक कन्या-लांगुराओं को भोजन कराया और सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा व उपहार भेंट किए। संवाद
दिनभर चलता रहा प्रसाद वितरण
हाथरस। महानवमी के मौके पर विभिन्न संस्थाओं और लोगों ने जगह-जगह शिविर लगाकर प्रसाद वितरित किया। इसके अलावा बौहरे वाली देवी मंदिर, शांता माता मंदिर, शीतला माता मंदिर, चामुंडा मंदिर आदि मंदिरों पर भी दिनभर प्रसाद वितरण किया गया। कई मंदिरों में छप्पन भोग भी लगाए गए। संवाद
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दुर्गा नवमी के मौके पर बृहस्पतिवार को शहर के देवी मंदिरों में सुबह से लेकर आधी रात तक भक्तों का मेला लगा रहा। सुबह घर-घर में पूजा-अर्चना के बाद कन्या लांगुरा जिमाए गए। मंदिरों में दोपहर तक जलाभिषेक के लिए भक्तों की खूब भीड़ उमड़ी। जमकर मारामारी मची। देवी के जयकारों के साथ घंटे-घड़ियालों की टंकार गूंजती रही। बुधवार की रात्रि से हुआ दंडौती परिक्रमा लगाने का सिलसिला बृहस्पतिवार की सुबह तक चलता रहा। भक्तों ने जगह-जगह शिविर लगाकर चना-हलवा, खीर, पूड़ी-सब्जी, मालपुआ, शर्बत के अलावा खान-पान की दूसरी चीजों का प्रसाद के रूप में वितरण किया। आधी रात तक शहर और क्षेत्र के प्रमुख देवी मंदिर सतरंगी रोशनी से जगमगाते रहे और यहां भक्तों का तांता लगा रहा।
पिछले आठ दिनों से भक्त मनोरथ पूर्ण होने की कामना के साथ श्रद्धाभाव से उपवास रखकर देवी जगदंबा की स्तुति कर रहे थे। बृहस्पतिवार को भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उपवास खोला। बृहस्पतिवार को मां सिद्धिदात्री की उपासना की गई। इस दिन साधकों को सिद्धियां प्राप्ती होती हैं और भक्तों की मुरादें पूरी हो जाती हैं। नवरात्र के आखिरी दिन शहर के देवी मंदिरों पर भक्तों का मेला लगा रहा। शाम तक पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। भीड़ के चलते मंदिरों में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। दोपहर तक भक्तों ने दूध, गंगाजल, शहद, दही, घी और शक्कर से देवी मां का अभिषेक किया। अज्ञारी करके लौंग, कपूर, सिंदूर, गुग्गल, फल और पुष्प आदि चढ़ाकर मनोकामनापूर्ति की कामना की।
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शहर के शीतला माता मंदिर व बौहरे वाली देवी मंदिर पर बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ थी। बौहरे वाली देवी मंदिर पर भक्तों की लंबी लाइन लगी थी। देवी के दर्शन के लिए भक्तों को कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा था। महानवमी के मौके पर देवी प्रतिमाओं के मनोहारी शृंगार किए गए। इनकी एक झलक पाने के लिए भक्त आतुर नजर आए। देवी मंदिरों पर शाम होते ही भजन कीर्तन व देवी की आराधना शुरू हो गई। मंदिरों में देर रात जागरण और अन्य धार्मिक कार्यक्रम चलते रहे।
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कन्या लांगुराओं की गई खातिरदारी
हाथरस। महानवमी पर शहर में कन्या-लांगुरा जिमाए गए। सुबह से ही कन्या-लांगुरा रूपी बच्चों की टोलियां गली-मोहल्लों में बुलावे के इंतजार में घूमती नजर आईं। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक कन्या-लांगुराओं को भोजन कराया और सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा व उपहार भेंट किए। संवाद
दिनभर चलता रहा प्रसाद वितरण
हाथरस। महानवमी के मौके पर विभिन्न संस्थाओं और लोगों ने जगह-जगह शिविर लगाकर प्रसाद वितरित किया। इसके अलावा बौहरे वाली देवी मंदिर, शांता माता मंदिर, शीतला माता मंदिर, चामुंडा मंदिर आदि मंदिरों पर भी दिनभर प्रसाद वितरण किया गया। कई मंदिरों में छप्पन भोग भी लगाए गए। संवाद