{"_id":"61fd79f25d4c9e54115c6707","slug":"hathras-now-the-people-of-banjara-society-protested-in-sahpau-shaphu-news-ali2845101153","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : अब सहपऊ में बंजारा समाज के लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : अब सहपऊ में बंजारा समाज के लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन
विज्ञापन
हाथरस : अपनी मांगों को पूरी करने को लेकर चुनाव बहिष्कार एवं विरोध प्रदर्शन करते गांव खोंडा के मजर?
- फोटो : SHAPHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
क्षेत्र की ग्राम पंचायत खोंडा के मजरा नगला बंजारा के बंजारा समाज के लोगों ने शुक्रवार को अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इन लोगों ने मांगें पूरी न होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने और विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का एलान भी किया। गौरतलब है कि इससे पहले हसायन में भी बंजारा समाज के लोग विरोध प्रदर्शन कर चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर चुके हैं।
समाज के लोगों का कहना था कि स्वतंत्रता के बाद से ही बंजारा समाज उपेक्षा का शिकार रहा है। देश अथवा प्रदेश में किसी भी पार्टी की सरकार बनी, लेकिन किसी ने भी उनके समाज के उत्थान के लिए कोई कार्य नहीं किया है। उनके समाज को केवल वोट डालने की मशीन समझकर उनका इस्तेमाल किया गया है। समाज के लोगों ने बंजारा समाज को एसटी वर्ग के आरक्षण का लाभ तत्काल दिया जाए। उदासीन आश्रम मथुरा को विवाद मुक्त किया जाए।
प्रदेश में बंजारा गांवों को राजस्व गांव घोषित किया जाए, जिससे समाज के लोग अपने लोगों को प्रधान चुन सकें। उनके समाज की सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में बंजारा वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाए। बंजारा समाज के महापुरुष लक्खी शाह बंजारा का एक सार्वजनिक स्मारक बनाया जाए। प्रदेश में लक्खी शाह बंजारा के नाम पर विश्वविद्यालय खोला जाए, जिससे समाज शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्नति कर सके। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बंजारा समाज के लोग मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र की ग्राम पंचायत खोंडा के मजरा नगला बंजारा के बंजारा समाज के लोगों ने शुक्रवार को अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इन लोगों ने मांगें पूरी न होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने और विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने का एलान भी किया। गौरतलब है कि इससे पहले हसायन में भी बंजारा समाज के लोग विरोध प्रदर्शन कर चुनाव बहिष्कार का ऐलान कर चुके हैं।
समाज के लोगों का कहना था कि स्वतंत्रता के बाद से ही बंजारा समाज उपेक्षा का शिकार रहा है। देश अथवा प्रदेश में किसी भी पार्टी की सरकार बनी, लेकिन किसी ने भी उनके समाज के उत्थान के लिए कोई कार्य नहीं किया है। उनके समाज को केवल वोट डालने की मशीन समझकर उनका इस्तेमाल किया गया है। समाज के लोगों ने बंजारा समाज को एसटी वर्ग के आरक्षण का लाभ तत्काल दिया जाए। उदासीन आश्रम मथुरा को विवाद मुक्त किया जाए।
विज्ञापन
प्रदेश में बंजारा गांवों को राजस्व गांव घोषित किया जाए, जिससे समाज के लोग अपने लोगों को प्रधान चुन सकें। उनके समाज की सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित की जाए। प्रदेश में बंजारा वेलफेयर बोर्ड का गठन किया जाए। बंजारा समाज के महापुरुष लक्खी शाह बंजारा का एक सार्वजनिक स्मारक बनाया जाए। प्रदेश में लक्खी शाह बंजारा के नाम पर विश्वविद्यालय खोला जाए, जिससे समाज शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्नति कर सके। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में बंजारा समाज के लोग मौजूद थे। संवाद
विज्ञापन