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हाथरस : कृषि कानूनों की वापसी से कम कुछ मंजूर नहीं
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हाथरस : गांव नया बाग तिराहे पर किसान पंचायत को संबोधित करते रालोद प्रदेश सचिव ईशान चौधरी।
- फोटो : SADABAD
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली-गाजीपुर आदि जगहों पर चल रहे किसानों के धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए अब गांव-गांव पंचायतों का दौर शुरू हो चुका है। शनिवार को क्षेत्र के गांव नया बाग में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्र के किसानों ने सहभागिता कर कृषि कानूनों के विरोध में अपनी आवाज को बुलंद किया। मौके पर पहुंचीं तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इधर, मौके पर काफी पुलिस बल तैनात रहा।
भाकियू के जिलाध्यक्ष उदयपाल सिंह ने ज्ञापन में कहा गया है कि किसानों को बिना विश्वास में लिए गए यह कानून बनाए गए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून नहीं बनाया गया है। संपूर्ण भारत में इन कानूनों का किसानों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इसके अलावा वर्तमान में आवारा गोवंश, खारे पानी की समस्या, पर्याप्त आपूर्ति न मिलने से फसल बर्बाद हो रही है। नहर रजबहों में भी पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है। कोल्ड स्टोरों का भाड़ा हर साल बढ़ाया जा रहा है, जिससे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
रालोद प्रदेश सचिव ईशान चौधरी ने कहा कि सरकार द्वारा जो कृषि कानून बनाए गए हैं, वह किसान विरोधी हैं। किसान लगातार इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रालोद भी किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर इस लड़ाई में उनके साथ है। कानूनों के वापस होने तक किसान शांत बैठने वाले नहीं है। इस मौके पर चंद्रेश चौधरी, महीपाल सिंह, रामवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, ईशान चौधरी, यशवीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, विनोद उर्फ गुड्डू चौधरी, भूरा पहलवान, दौलत सिंह, साहब सिंह, श्यामवीर सिंह, ओमवीर सिंह, विजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली-गाजीपुर आदि जगहों पर चल रहे किसानों के धरना-प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए अब गांव-गांव पंचायतों का दौर शुरू हो चुका है। शनिवार को क्षेत्र के गांव नया बाग में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्र के किसानों ने सहभागिता कर कृषि कानूनों के विरोध में अपनी आवाज को बुलंद किया। मौके पर पहुंचीं तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इधर, मौके पर काफी पुलिस बल तैनात रहा।
भाकियू के जिलाध्यक्ष उदयपाल सिंह ने ज्ञापन में कहा गया है कि किसानों को बिना विश्वास में लिए गए यह कानून बनाए गए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून नहीं बनाया गया है। संपूर्ण भारत में इन कानूनों का किसानों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इसके अलावा वर्तमान में आवारा गोवंश, खारे पानी की समस्या, पर्याप्त आपूर्ति न मिलने से फसल बर्बाद हो रही है। नहर रजबहों में भी पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है। कोल्ड स्टोरों का भाड़ा हर साल बढ़ाया जा रहा है, जिससे किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं।
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रालोद प्रदेश सचिव ईशान चौधरी ने कहा कि सरकार द्वारा जो कृषि कानून बनाए गए हैं, वह किसान विरोधी हैं। किसान लगातार इन कानूनों का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रालोद भी किसानों के साथ कदम से कदम मिलाकर इस लड़ाई में उनके साथ है। कानूनों के वापस होने तक किसान शांत बैठने वाले नहीं है। इस मौके पर चंद्रेश चौधरी, महीपाल सिंह, रामवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, ईशान चौधरी, यशवीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, विनोद उर्फ गुड्डू चौधरी, भूरा पहलवान, दौलत सिंह, साहब सिंह, श्यामवीर सिंह, ओमवीर सिंह, विजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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