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हाथरस : नलकूप के लिए लेना होगा अनापत्ति प्रमाण पत्र
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
भूगर्भ जल के अंतर्गत विविध प्राविधानों जैसे वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक भूगर्भ जल उपयोक्ताओं के पंजीकरण, रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र निर्गमन आदि के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद का गठन किया गया है। पोर्टल भी बनाया गया है।
इस पोर्टल के संचालन के लिए लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल विभाग को नोडल नामित किया जा चुका है। पंजीकरण औद्योगिक, वाणिज्यिक एव सामूहिक भूजल उपभोक्ता को वेब पोर्टल पर अपने-अपने नलकूप का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। वाणिज्यिक, औद्योगिक और सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ताओं के लिए शासन द्वारा 5000 रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।
उपभोक्ताओं को निकाले गए भूजल का शुल्क भी अदा करना होगा। प्रत्येक बोरिंग पर डिजिटल फ्लोमीटर लगाना होगा। विकास खंड हाथरस, मुरसान, सहपऊ और सासनी को अधिसूचित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। भूगर्भ जल के वर्तमान वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक उपभोक्ताओं को अपनी बोरिंग के लिए एनओसी एवं पंजीकरण कराना अनिवार्य है। संवाद
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भूगर्भ जल के अंतर्गत विविध प्राविधानों जैसे वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक भूगर्भ जल उपयोक्ताओं के पंजीकरण, रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र निर्गमन आदि के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद का गठन किया गया है। पोर्टल भी बनाया गया है।
इस पोर्टल के संचालन के लिए लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल विभाग को नोडल नामित किया जा चुका है। पंजीकरण औद्योगिक, वाणिज्यिक एव सामूहिक भूजल उपभोक्ता को वेब पोर्टल पर अपने-अपने नलकूप का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। वाणिज्यिक, औद्योगिक और सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्ताओं के लिए शासन द्वारा 5000 रुपये पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।
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उपभोक्ताओं को निकाले गए भूजल का शुल्क भी अदा करना होगा। प्रत्येक बोरिंग पर डिजिटल फ्लोमीटर लगाना होगा। विकास खंड हाथरस, मुरसान, सहपऊ और सासनी को अधिसूचित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। भूगर्भ जल के वर्तमान वाणिज्यिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक उपभोक्ताओं को अपनी बोरिंग के लिए एनओसी एवं पंजीकरण कराना अनिवार्य है। संवाद
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