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हाथरस : जाति को श्रेणीबद्ध न करने के विरोध में फूंका सांसद का पुतला
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हाथरस : अहेरिया जाति को श्रेणीबद्ध किए जाने की मांग को लेकर सांसद राजवीर दिलेर का पुतला फूंकते अह?
- फोटो : HASAYAN
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन (हाथरस)
क्षेत्र के गांव हैदलपुर में बुधवार को अहेरिया समाज के लोगों ने उनकी जाति को सूचीबद्ध न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया और सांसद का पुतला फूंका।
वक्ताओं ने कहा कि अंग्रेजी शासन के दौरान उन पर जरायम पेशा एक्ट लगा दिया था। बाद में देश आजाद होने के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा इस एक्ट को हटा दिया था। तब से लेकर अब तक अहेरिया समाज के लोगों को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किसी भी श्रेणी में नही रखा गया है। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने तो अपनी जिंदगी जैसे-तैसे गुजार ली, लेकिन भविष्य में उनके बच्चे किस श्रेणी की जाति का बनकर अपनी जिंदगी काटेंगे। आज तक सभी पार्टियों द्वारा सिर्फ चुनाव के समय ही अहेरिया जाति के लोगों का प्रयोग यिका जाता है।
ग्रामीणों ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने सांसद राजवीर दिलेर को अहेरिया समाज के लोगों को श्रेणीबद्ध किए जाने की मांग को ज्ञापन देकर उनकी बात को केंद्र व राज्य सरकार तक पहुंचाने की मांग की थी। उन्होंने दिल्ली में लोकसभा में ट्रेन नहीं रुकने की बात तो उठा दी, लेकिन उनके समाज व जाति को श्रेणीबद्ध करने की किसी ने कोई वकालत नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव से पहले उन्हें श्रेणीबद्ध नहीं किया गया तो वह आंदोलन और चुनाव का बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया और सांसद राजवीर दिलेर का पुतला दहन किया। संवाद
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क्षेत्र के गांव हैदलपुर में बुधवार को अहेरिया समाज के लोगों ने उनकी जाति को सूचीबद्ध न किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया और सांसद का पुतला फूंका।
वक्ताओं ने कहा कि अंग्रेजी शासन के दौरान उन पर जरायम पेशा एक्ट लगा दिया था। बाद में देश आजाद होने के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा इस एक्ट को हटा दिया था। तब से लेकर अब तक अहेरिया समाज के लोगों को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किसी भी श्रेणी में नही रखा गया है। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने तो अपनी जिंदगी जैसे-तैसे गुजार ली, लेकिन भविष्य में उनके बच्चे किस श्रेणी की जाति का बनकर अपनी जिंदगी काटेंगे। आज तक सभी पार्टियों द्वारा सिर्फ चुनाव के समय ही अहेरिया जाति के लोगों का प्रयोग यिका जाता है।
ग्रामीणों ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने सांसद राजवीर दिलेर को अहेरिया समाज के लोगों को श्रेणीबद्ध किए जाने की मांग को ज्ञापन देकर उनकी बात को केंद्र व राज्य सरकार तक पहुंचाने की मांग की थी। उन्होंने दिल्ली में लोकसभा में ट्रेन नहीं रुकने की बात तो उठा दी, लेकिन उनके समाज व जाति को श्रेणीबद्ध करने की किसी ने कोई वकालत नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव से पहले उन्हें श्रेणीबद्ध नहीं किया गया तो वह आंदोलन और चुनाव का बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया और सांसद राजवीर दिलेर का पुतला दहन किया। संवाद
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