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हाथरस : रक्षाबंधन के लिए सजे बाजार, उमड़े खरीदार
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हाथरस : बाजार में राखी खरीदतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शहर में रक्षाबंधन का बाजार सज गया है। मुख्य बाजारों में बहनों ने भाइयों के लिए रक्षासूत्र (राखियां) खरीदना शुरू कर दिया है। शहर में कानपुर और कोलकाता आदि शहरों से नई डिजायन की राखियां आ चुकी हैं। कपड़ा, मिठाई और उपहार का बाजार भी धीरे-धीरे तेजी पकड़ रहा है।
शहर के रामलीला मैदान, बैनीगंज, घंटाघर और पंजाबी मार्केट आदि बाजारों में बच्चों के लिए छोटा भीम और डोरेमोन के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टीकर की राखियां बिक रही हैं। वहीं कुंदन, रुद्राक्ष और ब्रासलेट की राखियों की भी काफी मांग है।
दूसरे शहरों में रहने वाले भाइयों के लिए बहनें कुमकुम और चावल की राखियां भेज रही हैं। राखियों की तीन दर्जन से अधिक वैरायटी खरीदारों को खूब पसंद आ रही हैं। इन-दिनों राखी की दुकानों पर महिलाएं और युवतियां राखियों की खरीदारी के लिए माथापच्ची करती नजर आ रही हैं।
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सूर्योदय से शाम साढ़े चार बजे तक बंधेंगी राखियां
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा के दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। सूर्योदय से शाम साढ़े चार बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहेगा। उन्होंने बताया कि रविवार के दिन राहुकाल शाम साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे तक रहेगा, इसलिए प्रात: काल से शाम साढ़े चार बजे तक राखी बंधवाने का समय उचित रहेगा। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर कुछ योग भी बन रहे हैं, जिनमें प्रथम शिवराज योग है, जो कि भाइयों को आत्मविश्वास एवं विजय प्रदान करेगा। दूसरा बुधादित्य योग है, जो मान-सम्मान एवं निरोगी जीवन बनाए रखेगा। तीसरा केदार योग है, इससे उपकारी प्रवृत्ति मित्रों से युक्त जीवन एवं धन्य धान्य और सुख समृद्धि मिलेगी। चौथ योग मातंग योग है, जो कि शुभ कार्यों के लिए शुभता प्रदान करेगा।
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शहर में रक्षाबंधन का बाजार सज गया है। मुख्य बाजारों में बहनों ने भाइयों के लिए रक्षासूत्र (राखियां) खरीदना शुरू कर दिया है। शहर में कानपुर और कोलकाता आदि शहरों से नई डिजायन की राखियां आ चुकी हैं। कपड़ा, मिठाई और उपहार का बाजार भी धीरे-धीरे तेजी पकड़ रहा है।
शहर के रामलीला मैदान, बैनीगंज, घंटाघर और पंजाबी मार्केट आदि बाजारों में बच्चों के लिए छोटा भीम और डोरेमोन के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टीकर की राखियां बिक रही हैं। वहीं कुंदन, रुद्राक्ष और ब्रासलेट की राखियों की भी काफी मांग है।
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दूसरे शहरों में रहने वाले भाइयों के लिए बहनें कुमकुम और चावल की राखियां भेज रही हैं। राखियों की तीन दर्जन से अधिक वैरायटी खरीदारों को खूब पसंद आ रही हैं। इन-दिनों राखी की दुकानों पर महिलाएं और युवतियां राखियों की खरीदारी के लिए माथापच्ची करती नजर आ रही हैं।
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सूर्योदय से शाम साढ़े चार बजे तक बंधेंगी राखियां
आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा के दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। सूर्योदय से शाम साढ़े चार बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रहेगा। उन्होंने बताया कि रविवार के दिन राहुकाल शाम साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे तक रहेगा, इसलिए प्रात: काल से शाम साढ़े चार बजे तक राखी बंधवाने का समय उचित रहेगा। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर कुछ योग भी बन रहे हैं, जिनमें प्रथम शिवराज योग है, जो कि भाइयों को आत्मविश्वास एवं विजय प्रदान करेगा। दूसरा बुधादित्य योग है, जो मान-सम्मान एवं निरोगी जीवन बनाए रखेगा। तीसरा केदार योग है, इससे उपकारी प्रवृत्ति मित्रों से युक्त जीवन एवं धन्य धान्य और सुख समृद्धि मिलेगी। चौथ योग मातंग योग है, जो कि शुभ कार्यों के लिए शुभता प्रदान करेगा।