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हाथरस: 10 गांव में आबादी की ड्रोन से जल्द होगी मैपिंग

Thu, 06 Aug 2020 11:39 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 11:39 PM IST
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Hathras: Mapping will be done soon by drone of population in 10 villages
हाथरस: प्रॉपर्टी के स्वामित्व की योजना को लेकर बैठक करते डीएम। - फोटो : HATHRAS
कलेक्ट्रेट सभागार में स्वामित्व योजना 2020 के क्रियान्वयन के लिए डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने बैठक की। बैठक में योजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा बनाई गई। बताया गया कि इस योजना के लिए 10 गांवों को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चिन्हित किया गया है।
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बैठक में एडीएम जेपी सिंह ने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी करके प्रॉपर्टी पर मालिकाना हक संबंधी विवादों को कम करना और उनके नागरिक अधिकारों का संरक्षण करना है। ऑटोमेटेड कर संग्रह अभिलेखों के माध्यम से पंचायतों कर संग्रह का दायरा बढ़ाया जाना है। सार्वजनिक उपयोग की भूमि की पहचान करके अतिक्रमण रोका जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत बनाए गए नक्शों का लाभ उठाते हुए बेहतर गुणवत्ता वाली ग्राम पंचायत विकास योजनाओं जीपीडीपी का निर्माण किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने केन्द्रीय क्षेत्र की योजना स्वामित्व का क्रियान्वयन करने का निर्णय लिया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण भारत के लिए एक एकीकृत संपत्ति का सत्यापन समाधान देना है। इससे ग्रामों में बसे हुए ग्रामीण क्षेत्रों में घरों में रहने वाले गांवों के गृह स्वामियों को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराया जाएगा, जो उन्हें बैंकों से ऋण लेने और अन्य वित्तीय लाभों के लिए अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने में सक्षम बनाएगा।
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डीएम ने कहा कि बंदोबस्त और अभिलेख के लिए भारत में ग्रामीण भूमि का सर्वेक्षण लगभग 70 साल पहले पूरा हो गया था और इसके अलावा कई राज्यों में गांवों के आबादी (आबाद) क्षेत्र का सर्वेक्षण/मानचित्रण नहीं किया गया था। एक कानूनी दस्तावेज के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र में संपत्ति के स्वामी ऋण और अन्य वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से बैंकों द्वारा स्वीकार्य एक वित्तीय संपत्ति के रूप में अपनी संपत्ति का लाभ उठाने में सक्षम नहीं है, इसलिए गृहस्वामी को संपत्ति का कानूनी अधिकार प्रदान करने और चित्रों का ग्रहण करने के लिए नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी और निरंतर प्रचालन संदर्भ स्टेशन (कोर्स) तकनीक आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जिले के राजस्व ग्राम 683 में से उत्तर प्रदेश शासन राजस्व अनुभाग के द्वारा जनपद हाथरस के 622 ग्राम, आबादी के क्षेत्रों की सर्वेक्षण एवं अभिलेख क्रियाओं के प्रयोजनार्थ अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किए गए हैं। जिले में प्रथम चरण के लिए निर्धारित ग्रामों की संख्या-100, जिनके मैप डीएलआरएमपी योजना के अंतर्गत स्कैन किए जा चुके हैं। तहसीलों को आवंटित कर तहसीलवार चिन्हित किए गए ग्रामों में से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 10-10 ग्रामों को चिन्हित कर जनपद स्तर से निर्गत कर ड्रोन सर्वेक्षण की कार्यवाही शुरू की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट में तहसील सिकंदराराऊ में देवरपनाखर, विलार, तहसील हाथरस में पट्टी सामंत, चंद्रगढ़ी, अनीगढ़ी, नगला मोतीराय, तहसील सासनी में रहना, नगला गढू, तहसील सादाबाद में फतेहउल्लाहपुर तथा सरमस्तपुर को शामिल किया गया है।
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