फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: Last 75 years of independence, bad condition of power system

हाथरस : आजादी को बीते 75 साल, बिजली व्यवस्था का बुरा हाल

Tue, 09 Aug 2022 11:15 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 11:15 PM IST
विज्ञापन
Hathras: Last 75 years of independence, bad condition of power system
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

आजादी का अमृत महोत्सव बना रहे जिलेवासियों को बिजली कटौती से आजादी की दरकार है। इसके लिए जिले में करीब साढ़े पांच सौ किलोमीटर नई बंच कंडक्टर लाइन डालने, तीन नये विद्युत उपकेंद्र बनाने और ओवरलोडिंग को खत्म करने के लिए पुराने ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि कराने और नये ट्रांसफॉर्मर लगवाने की जरूरत है। इस योजना को मूर्त रूप मिले, तब जाकर जिले की विद्युत आपूर्ति में गुणात्मक सुधार होगा।
उल्लेखनीय है कि जिले में 65 बिजलीघरों के जरिये ढाई लाख से अधिक लोगों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। सौभाग्य योजना के तहत बिजली विभाग के बेड़े में करीब 10 हजार उपभोक्ता और शामिल हो गए हैं। इस कारण बिजली सिस्टम ओवरलोड हो गया है। बिजली की लाइनें जर्जर हालत में हैं। इस कारण लोगों को कई सालों से बिजली कटौती से जूझना पड़ रहा है। संवाद
विज्ञापन

टीटीजेड में कटौती का दंश झेल रहे लोग
हाथरस ताज ट्रिपेजियम क्षेत्र में आता है। इसके तहत निगम स्तर से 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने के आदेश हैं। खास बात यह है कि टीटीजेड में होने के बावजूद जिले की बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। इस कारण शहर से देहात तक बिजली की लाइनें झूल रही हैं। ओवरलोडिंग के चलते ट्रांसफॉर्मरों में आए-दिन धमाके हो रहे हैं। इस कारण लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। इस कारण उद्योग-धंधे तक प्रभावित हो रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

उपकरणों की सुरक्षा पर नहीं अफसरों का ध्यान
बिजली विभाग ने लोगों को आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए जिलेभर में जगह-जगह ट्रांसफॉर्मर और लाइनों का जाल बिछा रखा है। कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मरों के आसपास जाली नहीं हैं। कई स्थानों पर एक खंभे से हाईटेंशन व एलटी की लाइन गुजर रही हैं। इस कारण लोगों को अप्रिय घटनाओं का डर भी सताता है। कई बार लोगों ने शिकायत की, लेकिन आज तक हालत जस के तस हैं।
बिजली की लाइनें जगह-जगह झूल रही हैं। इस कारण पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। इस कारण अप्रिय घटना होने का डर भी सताता रहता है। कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन आज तक हालत जस के तस बने हुए हैं। बिजली कटौती से आजादी मिलनी चाहिए।
-जितेंद्र कौशल
आज के समय में बिजली दिनचर्या में शामिल हो गई है। इस हिसाब से विभाग पर्याप्त इंतजाम नहीं कर पा रहा है। आए-दिन बिजली कटौती के दंश से जूझना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि पर्याप्त बिजली मिल सके।
मनोज शर्मा
बिजली कटौती सिरदर्द बन चुकी है। बिजली कटौती के चलते कामकाज प्रभावित होता है। उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग को समस्याएं दूर करनी चाहिए। तभी बिजली कटौती से आजादी मिलेगी। बकाया वसूली के साथ आपूर्ति को दुरुस्त रखने पर भी ध्यान देना चाहिए।
-आशीष शर्मा
बिजली कटौती के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिले के बिजली अफसरों को बिजली कटौती से आजादी दिलाने के लिए प्रयास करने चाहिए, ताकि निर्बाध आपूर्ति से राहत मिल सके।

-सौरभ शर्मा
जर्जर लाइनों को बदलने व ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि के लिए रिवेम्पड स्कीम में काम होगा। जिले में तीन नये विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण होना प्रस्तावित है। टेंडर प्रक्रिया निगम स्तर पर चल रही है। जल्द लोगों को निर्बाध आपूर्ति प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-एमपी सिंह, अधीक्षण अभियंता हाथरस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed