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हाथरस : जिले में नहीं है ऑक्सीजन की कमी, बेड भी हैं पर्याप्त
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। अस्पतालों में बेड भी पर्याप्त हैं। इसलिए क्षेत्र के लोगों को अब इन दिक्कतों से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में पांच हजार लीटर के 50 सिलिंडर और एक हजार लीटर के 100 सिलिंडर उपलब्ध हैं।
कोरोना की दूसरी लहर के बीच प्रदेश के अधिकांश शहरों में ऑक्सीजन की कमी सामने आ रही है। जिसकी वजह से कोरोना के मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लेकिन हाथरस में अभी तक ऐसा नहीं है। ऑक्सीजन के अलावा स्वास्थ्य महकमे ने कोरोना की दूसरी लहर के कहर को देखते हुए काफी इंतजाम किए हैं। जिले के एमडी टीबी हॉस्पिटल में 50 बेड का एल-2 हॉस्पिटल तैयार है। जिसमें 10 वेंटिलेटर भी हैं।
जिला अस्पताल में 10 बेड की व्यवस्था है, जिसमें दो वेंटिलेटर लगे हुए हैं। मुरसान की सीएचसी में एल-1 मरीजों के लिए 30 बेड उपलब्ध हैं। वहीं सिकंदराराऊ के जेपी हॉस्पिटल की क्षमता 100 बेड की है। यह एल-1 हॉस्पिटल स्वास्थ्य विभाग ने अधिकृत कर रखा है। जिसमें मरीजों को नि:शुल्क इलाज मिलेगा। इनके अलावा दो निजी अस्पतालों में भी कोरोना के मरीजों को इलाज मिलेगा। यह दोनों हॉस्पिटल मरीजों के लिए तैयार हैं। प्रेम रघु हॉस्पिटल में 60 बेड और एबीजी हॉस्पिटल में 50 बेड की व्यवस्था है। एबीजी हॉस्पिटल की क्षमता और बढ़ाने की कोशिश जारी हैं।
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- जिले में पर्याप्त ऑक्सीजन और बेड उपलब्ध हैं। लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। कोई क्रिटिकल केस आता है तो उसका इलाज एल-2 में नहीं होगा। उसे हमें एल-3 हॉस्पिटल में भेजना होगा। हमारी कोशिश होगी कि ऐसे मरीजों को यहां प्राथमिक इलाज देने के बाद अच्छे से अच्छे अस्पताल ले जाया जाए।
- डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ, हाथरस
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जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। अस्पतालों में बेड भी पर्याप्त हैं। इसलिए क्षेत्र के लोगों को अब इन दिक्कतों से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक जिले में पांच हजार लीटर के 50 सिलिंडर और एक हजार लीटर के 100 सिलिंडर उपलब्ध हैं।
कोरोना की दूसरी लहर के बीच प्रदेश के अधिकांश शहरों में ऑक्सीजन की कमी सामने आ रही है। जिसकी वजह से कोरोना के मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। लेकिन हाथरस में अभी तक ऐसा नहीं है। ऑक्सीजन के अलावा स्वास्थ्य महकमे ने कोरोना की दूसरी लहर के कहर को देखते हुए काफी इंतजाम किए हैं। जिले के एमडी टीबी हॉस्पिटल में 50 बेड का एल-2 हॉस्पिटल तैयार है। जिसमें 10 वेंटिलेटर भी हैं।
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जिला अस्पताल में 10 बेड की व्यवस्था है, जिसमें दो वेंटिलेटर लगे हुए हैं। मुरसान की सीएचसी में एल-1 मरीजों के लिए 30 बेड उपलब्ध हैं। वहीं सिकंदराराऊ के जेपी हॉस्पिटल की क्षमता 100 बेड की है। यह एल-1 हॉस्पिटल स्वास्थ्य विभाग ने अधिकृत कर रखा है। जिसमें मरीजों को नि:शुल्क इलाज मिलेगा। इनके अलावा दो निजी अस्पतालों में भी कोरोना के मरीजों को इलाज मिलेगा। यह दोनों हॉस्पिटल मरीजों के लिए तैयार हैं। प्रेम रघु हॉस्पिटल में 60 बेड और एबीजी हॉस्पिटल में 50 बेड की व्यवस्था है। एबीजी हॉस्पिटल की क्षमता और बढ़ाने की कोशिश जारी हैं।
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- जिले में पर्याप्त ऑक्सीजन और बेड उपलब्ध हैं। लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। कोई क्रिटिकल केस आता है तो उसका इलाज एल-2 में नहीं होगा। उसे हमें एल-3 हॉस्पिटल में भेजना होगा। हमारी कोशिश होगी कि ऐसे मरीजों को यहां प्राथमिक इलाज देने के बाद अच्छे से अच्छे अस्पताल ले जाया जाए।
- डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ, हाथरस