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हाथरस: पीएचसी पर बने कोविड हेल्प डेस्क पर भी उपलब्ध होंगे गर्भ निराधेक साधन
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना संकट के बीच भी लोगों तक परिवार नियोजन कार्यक्रमों का बेहतर लाभ पहुंचाने का प्रयास सरकार द्वारा लगातार किया जा रहा है। अनलॉक में परिवार नियोजन सेवाओं को बहाल करने के बाद अब इन्हें घर-घर तक नि:शुल्क पहुंचाने का जिम्मा भी स्वास्थ्य विभाग ने उठाया है। इसके तहत आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ‘होम डिलेवरी ऑफ कंट्रासेप्टिव थ्रू आशा’ योजना के तहत गर्भनिरोधक साधनों का मुफ्त में वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही क्वारंटीन सेंटर और कोरोना प्रारंभिक जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बनी कोविड हेल्प डेस्क पर भी नि:शुल्क गर्भनिरोधक साधन वितरित किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि अभी तक नि:शुल्क सुविधा केवल प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एएनएम सब सेंटर स्तर पर ही उपलब्ध थी। ज्ञात हो कि पहले आशा से कंडोम और गर्भनिरोधक गोली घर मंगवाने पर न्यूनतम भुगतान करना पड़ता था। कंडोम व माला एन के लिए एक रुपये, जबकि ईसीपी के लिये दो रुपये देने पड़ते थे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते हुए स्थानीय लोगों और बाहर से आए प्रवासियों को परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ लेने में रुकावट आ सकती थी, इसलिए शासन के निर्देश को प्राथमिकता से लेते हुए चिकित्सा इकाइयों के अलावा आशा द्वारा भी गर्भ निरोधक साधन कंडोम, ओरल पिल्स और ई-पिल्स का वितरण शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही जनपद के क्वारंटीन सेंटरों में रह रहे प्रवासियों को घर भेजते वक़्त उनकी काउंसिलिंग कर उन्हें भी परिवार नियोजन के फायदे बताए जा रहे हैं व नि:शुल्क गर्भनिरोधक साधन दिए जा रहे हैं।
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पीएचसी-सीएचसी पर बने कोविड हेल्प डेस्क के माध्यम से भी इनका मुफ्त वितरण कराया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि सभी चिकित्सा इकाइयों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पहले पुराने स्टॉक को वितरित करवाया जाए। इसके बाद फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एफपी-एलएमआईएस) पोर्टल के जरिये ही ऑनलाइन इंडेंट के माध्यम से चिकित्सा इकाइयों और आशा को सामग्री मिल सकेगी। ऐसा हो जाने से इन सामग्रियों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित कराने में और भी आसानी होगी।
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कोरोना संकट के बीच भी लोगों तक परिवार नियोजन कार्यक्रमों का बेहतर लाभ पहुंचाने का प्रयास सरकार द्वारा लगातार किया जा रहा है। अनलॉक में परिवार नियोजन सेवाओं को बहाल करने के बाद अब इन्हें घर-घर तक नि:शुल्क पहुंचाने का जिम्मा भी स्वास्थ्य विभाग ने उठाया है। इसके तहत आशा कार्यकर्ताओं द्वारा ‘होम डिलेवरी ऑफ कंट्रासेप्टिव थ्रू आशा’ योजना के तहत गर्भनिरोधक साधनों का मुफ्त में वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही क्वारंटीन सेंटर और कोरोना प्रारंभिक जांच के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बनी कोविड हेल्प डेस्क पर भी नि:शुल्क गर्भनिरोधक साधन वितरित किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि अभी तक नि:शुल्क सुविधा केवल प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और एएनएम सब सेंटर स्तर पर ही उपलब्ध थी। ज्ञात हो कि पहले आशा से कंडोम और गर्भनिरोधक गोली घर मंगवाने पर न्यूनतम भुगतान करना पड़ता था। कंडोम व माला एन के लिए एक रुपये, जबकि ईसीपी के लिये दो रुपये देने पड़ते थे।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते हुए स्थानीय लोगों और बाहर से आए प्रवासियों को परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ लेने में रुकावट आ सकती थी, इसलिए शासन के निर्देश को प्राथमिकता से लेते हुए चिकित्सा इकाइयों के अलावा आशा द्वारा भी गर्भ निरोधक साधन कंडोम, ओरल पिल्स और ई-पिल्स का वितरण शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही जनपद के क्वारंटीन सेंटरों में रह रहे प्रवासियों को घर भेजते वक़्त उनकी काउंसिलिंग कर उन्हें भी परिवार नियोजन के फायदे बताए जा रहे हैं व नि:शुल्क गर्भनिरोधक साधन दिए जा रहे हैं।
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पीएचसी-सीएचसी पर बने कोविड हेल्प डेस्क के माध्यम से भी इनका मुफ्त वितरण कराया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि सभी चिकित्सा इकाइयों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पहले पुराने स्टॉक को वितरित करवाया जाए। इसके बाद फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एफपी-एलएमआईएस) पोर्टल के जरिये ही ऑनलाइन इंडेंट के माध्यम से चिकित्सा इकाइयों और आशा को सामग्री मिल सकेगी। ऐसा हो जाने से इन सामग्रियों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित कराने में और भी आसानी होगी।